शिक्षा विभाग ने बड़ा निर्णय लेते हुए महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में कार्यरत हिंदी मीडियम के 4480 शिक्षक-शिक्षिकाओं को अधिशेष घोषित कर दिया है। इनमें पहली सूची के तहत उदयपुर के 90 शिक्षक शामिल हैं। विभाग ने इनके समायोजन के लिए विस्तृत दिशा-
महात्मा गांधी अंग्रेजी विद्यालयों की शुरुआत प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा देने के उद्देश्य से की गई थी। इन विद्यालयों में अंग्रेजी में दक्ष शिक्षकों की आवश्यकता थी, लेकिन प्रारंभिक चरणों में स्टाफ की कमी के चलते हिंदी माध्यम के शिक्षकों को ही अस्थायी रूप से नियुक्त किया गया। अब विभाग के पास अंग्रेजी माध्यम के प्रशिक्षित शिक्षक उपलब्ध हो गए हैं। ऐसे में इनको अंग्रेजी स्कूलों से हटाने का निर्णय लिया है। बता दें कि गत 25 अगस्त को विभाग ने एक परीक्षा के माध्यम से अंग्रेजी माध्यम के शिक्षकों की नियुक्ति देने की कवायद की थी। हाल ही 7 जुलाई को एक आदेश जारी कर इनका चयन किया गया है। प्रदेश में 3737 अंग्रेजी स्कूल हैं। इनमें 125 उदयपुर में हैं।
दो प्रिंसिपल सहित 4 कर्मचारी एपीओ… सियासी गतिविधियों में शामिल होने सहित कई शिकायतें
बीकानेर स्थित माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने शुक्रवार को उदयपुर में दो प्रिंसिपल सहित चार कर्मचारियों को एपीओ कर दिया। इनमें प्रिंसिपल सहित तीन कर्मचारी उदयपुर जिले और गिर्वा ब्लॉक की राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक रेजीडेंसी स्कूल के हैं।
डीईओ माध्यमिक लोकेश भारती के अनुसार रेजीडेंसी स्कूल की प्रिंसिपल रंजना मिश्रा के खिलाफ लंबे समय में शिकायतें थी। इसे लेकर पिछले दिनों संयुक्त शासन सचिव मनीष गोयल ने भी स्कूल का निरीक्षण किया था। उनके साथ ही हिंदी की व्याख्याता गरिमा शर्मा को भी एपीओ किया गया है। उन पर कार्रवाई के पीछे प्रशासनिक कारणों का हवाला दिया गया है।
एपीओ में शामिल तीसरी कर्मचारी वरिष्ठ लिपिक शिखा अनंत हैं। उन पर आरोप है कि संयुक्त निदेशक के निरीक्षण के दौरान वे स्कूल में नहीं थी। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तीतरड़ी की प्रिंसिपल वर्षा दांतिया को हटाने के पीछे राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने को कारण बताया गया है। ये भी आरोप है कि वे जनप्रतिनिधियों का सम्मान नहीं करती। एपीओ के दौरान इन सभी का मुख्यालय निदेशालय बीकानेर रहेगा।
हिंदी शिक्षकों को 30 से पहले जरूरत वाली जगहों पर लगाएंगे
माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने कहा है कि विद्यालयों में जहां पर जरूरत होगी, वहां इन अधिशेष शिक्षकों का पदस्थापन किया जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि जरूरत वाले विद्यालयों में पद रिक्त हैं या नहीं। दूसरी ओर, जो विद्यालय ग्रामीण क्षेत्रों के हैं और वहां अधिशेष शिक्षक कार्यरत हैं तो उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में ही लगाया जाएगा। यह प्रक्रिया 30 जुलाई से पहले पूरी कर पदस्थापन आदेश जारी करने होंगे। डीईओ माध्यमिक लोकेश भारती का कहना है कि निदेशालय के निर्देशानुसार जो भी अधिशेष शिक्षक होंगे, उन्हें पदस्थापित किया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सभी को अधिशेष माना, समायोजित होंगे
Copyright © 2024-25 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.