Shreeom Singh
Date: 15-10-26 16:18
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी गतिविधियां बढ़ने की खबर है. खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, करीब 500 आतंकवादी लॉन्चपैड्स पर मौजूद हैं और भारत में घुसपैठ का मौका तलाश रहे हैं. बताया जा रहा है कि इन आतंकियों को ड्रोन, रास्तों के नक्शे और ऊंचाई वाले इलाकों में इस्तेमाल होने वाले खास गियर दिए गए हैं.
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को मिले इनपुट के अनुसार, पाकिस्तान की कोशिश सर्दी शुरू होने से पहले आतंकियों को भारतीय सीमा में भेजने की है. बर्फबारी बढ़ने के बाद पहाड़ी रास्तों से गुजरना मुश्किल हो जाता है. हालांकि, सीमा पर भारतीय सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी के कारण घुसपैठ की कोशिशों को अंजाम देना आसान नहीं है.
छोटे-छोटे समूहों में बांटे गए आतंकी
खुफिया जानकारी के मुताबिक, आतंकियों को 3 से 4 लोगों के छोटे समूहों में बांटा गया है. ऐसा करने के पीछे मकसद सुरक्षा बलों की नजर से बचकर सीमा पार करने की कोशिश करना हो सकता है. एक खुफिया अधिकारी के अनुसार, PoK में मौजूद लॉन्चपैड्स पर गतिविधियां बढ़ी हैं.
अधिकारी ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में घुसपैठ की कई कोशिशें नाकाम हुई हैं. सीमा पर सुरक्षा कड़ी होने के कारण आतंकियों के लिए भारत में दाखिल होना मुश्किल हो रहा है. ऐसे में सर्दी आने से पहले घुसपैठ की कोशिशें तेज होने की आशंका है.
सर्दी शुरू होने से पहले घुसपैठ की तैयारी क्यों?
पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी होने के बाद सीमा पार करने वाले रास्ते बंद या बेहद कठिन हो जाते हैं. इसी वजह से आतंकी संगठन सर्दी शुरू होने से पहले घुसपैठ की कोशिश करते हैं. लॉन्चपैड्स पर बढ़ती गतिविधियों को भी इसी तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है.
खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि आतंकी संगठन आने वाले समय में घुसपैठ की कोशिशें बढ़ा सकते हैं. हालांकि, एक अधिकारी ने यह भी कहा कि लॉन्चपैड्स पर बढ़ी हलचल किसी तरह का भ्रम पैदा करने की कोशिश भी हो सकती है.
आतंकियों को मिला ऊंचाई वाले इलाकों के लिए खास गियर
खुफिया इनपुट के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े आतंकियों को बर्फीले और ऊंचाई वाले इलाकों में इस्तेमाल होने वाला खास गियर दिया गया है. बताया जा रहा है कि इसमें सियाचिन जैसे ठंडे इलाकों में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी शामिल हैं.
सुरक्षा अधिकारियों को आशंका है कि आतंकी दिसंबर में भी घुसपैठ की कोशिश कर सकते हैं. आमतौर पर भारी बर्फबारी के दौरान ऐसे प्रयास कम हो जाते हैं, क्योंकि रास्तों पर आगे बढ़ना मुश्किल होता है. लेकिन खास गियर मिलने से आतंकियों को इस मौसम में भी कोशिश करने में मदद मिल सकती है.
ड्रोन से रास्तों और सेना की गतिविधियों पर नजर
खुफिया जानकारी के मुताबिक, लॉन्चपैड्स के पास पाकिस्तानी सैनिकों की मौजूदगी भी देखी गई है. आशंका है कि वे आतंकियों को सीमा पार करने में मदद दे सकते हैं और भारतीय सैनिकों की गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं.
इसके अलावा, ड्रोन के इस्तेमाल की भी जानकारी मिली है. बताया जा रहा है कि इनके जरिए रास्तों की जानकारी जुटाई जा रही है और भारतीय सेना की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. सुरक्षा एजेंसियां इन सभी इनपुट्स को ध्यान में रखते हुए सीमा पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
भारतीय सेना अलर्ट, घुसपैठ रोकने की तैयारी
PoK में आतंकी गतिविधियां बढ़ने की खबरों के बीच भारतीय सुरक्षा बल सतर्क हैं. सीमा पर निगरानी बढ़ाने और घुसपैठ की कोशिशों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियां हर खुफिया इनपुट की जांच कर रही हैं, ताकि किसी भी खतरे से समय रहते निपटा जा सके.
पाकिस्तान के भीतर भी सुरक्षा से जुड़ी कई चुनौतियां बनी हुई हैं. खैबर पख्तूनख्वा, PoK और बलूचिस्तान में अशांति की खबरें आती रही हैं. ऐसे हालात के बीच भारतीय एजेंसियां सीमा पार की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं, ताकि जम्मू-कश्मीर में किसी भी आतंकी घुसपैठ को रोका जा सके.
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