सांप नहीं… घर के पास मौजूद इस जीव का जहर है दुनिया का सबसे महंगा, 1 लीटर की कीमत 100 करोड़! – AajTak

Feedback
क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया का सबसे महंगा तरल पदार्थ ( Liquid Product) कौन सा हो सकता है? अगर आपके दिमाग में सांप के जहर का नाम आया है, तो आप गलत हैं. दुनिया के सबसे महंगे तरल पदार्थों में बिच्छू का जहर सबसे ऊपर है. इसकी कीमत करीब 100 करोड़ रुपये प्रति लीटर तक बताई जाती है. हैरानी की बात यह है कि इसके अलावा भी दुनिया में कई ऐसे तरल पदार्थ हैं, जिनकी कीमत सुनकर आप चौंक जाएंगे. इनमें खास घोड़ों का स्पर्म, हॉर्सशू क्रैब का नीला खून, जैस्मिन ऑयल, बुल्गारिया का रोज ऑयल और न्यूजीलैंड का मानुका हनी शामिल हैं. आखिर ये चीजें इतनी महंगी क्यों हैं और इन्हें तैयार करने में ऐसा क्या खास होता है? 
जब भी किसी महंगी चीज की बात होती है तो हमारे दिमाग में सोना, हीरा या महंगे गहने आते हैं. लेकिन दुनिया में कुछ ऐसे लिक्विड प्रोडक्ट भी हैं, जिनकी कीमत सुनकर आप हैरान रह जाएंगे. इनमें कुछ की कीमत लाखों रुपये में है तो कुछ की कीमत करोड़ों रुपये तक पहुंच जाती है. सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इस लिस्ट में बिच्छू का जहर सबसे ऊपर बताया जाता है.
बिच्छू का जहर, कीमत करीब 100 करोड़ रुपये लीटर
बिच्छू का जहर दुनिया के सबसे महंगे तरल पदार्थों में गिना जाता है. बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी कीमत करीब 100 करोड़ रुपये प्रति लीटर तक बताई जाती है. यानी अगर किसी के पास एक लीटर बिच्छू का जहर हो तो उसकी कीमत करोड़ों रुपये हो सकती है.
आखिर यह इतना महंगा क्यों है?
दरअसल, बिच्छू से जहर निकालना बेहद मुश्किल काम है. एक बिच्छू से बहुत ही कम मात्रा में जहर मिलता है. बताया जाता है कि एक बिच्छू से करीब 2 मिलीग्राम जहर ही निकाला जा सकता है. ऐसे में बड़ी मात्रा में जहर इकट्ठा करने के लिए बहुत सारे बिच्छुओं की जरूरत पड़ सकती है. इस जहर का इस्तेमाल मेडिकल रिसर्च में किया जाता है. वैज्ञानिक कैंसर की पहचान, मलेरिया से जुड़ी दवाओं और दूसरी बीमारियों के इलाज पर रिसर्च में इसके अलग-अलग तरह की रिसर्च करते हैं. कम उपलब्धता और वैज्ञानिक महत्व इसकी कीमत को काफी बढ़ा देते हैं.
खास घोड़ों का स्पर्म भी लाखों डॉलर का
इस लिस्ट में अगला नाम सुनकर भी आपको हैरानी होगी. बेहतरीन नस्ल के घोड़ों का स्पर्म बेहद महंगा हो सकता है. खासकर रेसिंग में शानदार रिकॉर्ड रखने वाले घोड़ों के स्पर्म की मांग काफी ज्यादा होती है. इसका इस्तेमाल घोड़ों की अच्छी नस्ल तैयार करने के लिए किया जाता है. कई मामलों में इसकी कीमत लाखों डॉलर तक पहुंच सकती है. 
केकड़े का नीला खून भी है बेशकीमती
अब बात करते हैं हॉर्सशू क्रैब यानी हॉर्सशू केकड़े के नीले खून की. इसका रंग लाल नहीं बल्कि नीला होता है और मेडिकल फील्ड में इसकी खास अहमियत है. इसके खून से LAL (Limulus Amebocyte Lysate) नाम का प्रोडक्ट तैयार किया जाता है, जिसका इस्तेमाल दवाओं और वैक्सीन में बैक्टीरिया से जुड़े खतरों की जांच के लिए किया जाता है. यही वजह है कि इसका खून बेहद कीमती माना जाता है.
एक किलो जैस्मिन ऑयल के लिए चाहिए हजार किलो फूल
जैस्मिन यानी चमेली का तेल भी दुनिया के महंगे तरल प्रोडक्ट में शामिल है. इसकी सबसे बड़ी वजह इसे बनाने में लगने वाली भारी मात्रा में फूल और मेहनत है. बताया जाता है कि करीब एक किलो जैस्मिन ऑयल तैयार करने के लिए लगभग 1000 किलो फूलों की जरूरत पड़ सकती है. चमेली की कलियों को अक्सर सुबह जल्दी तोड़ा जाता है, ताकि उनकी खुशबू ज्यादा से ज्यादा बनी रहे. इसका इस्तेमाल खासतौर पर महंगे परफ्यूम और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में किया जाता है.
गुलाब की खुशबू के लिए हजारों किलो पंखुड़ियां
बुल्गारिया का रोज ऑयल भी काफी महंगा होता है. इसे तैयार करने के लिए हजारों किलो गुलाब की पंखुड़ियों की जरूरत पड़ सकती है. फूलों को सुबह जल्दी तोड़ा जाता है और फिर कम समय में उनकी प्रोसेसिंग की जाती है. अच्छी क्वालिटी के रोज ऑयल की कीमत करीब 10 हजार से 15 हजार डॉलर प्रति किलो तक बताई जाती है. लग्जरी परफ्यूम इंडस्ट्री में इसकी काफी मांग रहती है.
मोरक्को का अरगन ऑयल भी खास
मोरक्को का अरगन ऑयल भी अपनी खासियत के लिए दुनिया भर में जाना जाता है. इसे अरगन पेड़ के फलों से तैयार किया जाता है. इसे निकालने की प्रक्रिया में काफी मेहनत लगती है और कई जगहों पर इसे हाथ से तैयार किया जाता है. अरगन ऑयल का इस्तेमाल कॉस्मेटिक्स के साथ-साथ खाने में भी किया जाता है.
मानुका हनी और जापानी काला सिरका
न्यूजीलैंड का मानुका हनी भी आम शहद से काफी महंगा हो सकता है. इसे खास फूलों से तैयार किया जाता है और इसके कुछ प्राकृतिक गुणों के कारण इसकी काफी मांग रहती है. असली मानुका हनी की गुणवत्ता जांचने के लिए लैब टेस्ट भी किए जाते हैं. वहीं जापान का पारंपरिक काला सिरका यानी कुरोज़ू भी अपनी खास प्रक्रिया के लिए जाना जाता है. इसे लंबे समय तक मिट्टी के बर्तनों में तैयार किया जाता है. ज्यादा समय और मेहनत लगने के कारण इसकी कीमत सामान्य सिरके से काफी ज्यादा हो सकती है.
प्रिंटर इंक भी क्यों है इतनी महंगी?
इस लिस्ट में एक ऐसा नाम भी है जिसे देखकर शायद आपको सबसे ज्यादा हैरानी हो-प्रिंटर इंक. प्रिंटर में इस्तेमाल होने वाली स्याही की कार्ट्रिज छोटी होती है, लेकिन उसकी कीमत कई बार काफी ज्यादा होती है. इसी वजह से प्रति लीटर के हिसाब से प्रिंटर इंक दुनिया के महंगे तरल पदार्थों में गिनी जाती है. इसके अलावा इटली का एंचोवी सॉस, ऊंट का दूध, ईस्ट अफ्रीकन शिया बटर, मेक्सिको का मेस्काल, कोरिया का राइस सिरप, कोचिनील कीड़े से बनने वाला लाल रंग, ब्लड प्लाज्मा, सिंगल माल्ट व्हिस्की, शैम्पेन और साके जैसे तरल पदार्थ भी महंगे माने जाते हैं.
आखिर इतनी महंगी क्यों हैं ये चीजें?
इन सभी तरल पदार्थों के महंगे होने की वजह एक जैसी नहीं है. कहीं चीज बहुत दुर्लभ है, कहीं उसे तैयार करने में सालों लगते हैं, तो कहीं उत्पादन के लिए बहुत ज्यादा कच्चे माल की जरूरत होती है. कुछ चीजों की कीमत उनके मेडिकल इस्तेमाल की वजह से बढ़ती है, जबकि कुछ का इस्तेमाल लग्जरी परफ्यूम, कॉस्मेटिक्स या खास फूड प्रोडक्ट में होता है. यानी दुनिया में सिर्फ सोना और हीरा ही महंगे नहीं हैं. प्रकृति से मिलने वाली कुछ छोटी-सी चीजें भी करोड़ों रुपये की कीमत रखती हैं. बिच्छू के जहर की कीमत इसका सबसे हैरान करने वाला उदाहरण है.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News