डेरापुर। विकासखंड क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय सिठमरा में आयोजित समर कैंप में बच्चों ने पंजाबी अल्फाबेट सीखे। इस दौरान छात्रों ने हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं की सहायता से पंजाबी वर्णमाला लिखना सीखा।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक शनेन्द्र सिंह तोमर ने तीन भाषाओं के अक्षर सीखने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 बहुभाषावाद को एक बड़ी ताकत और संज्ञानात्मक संपत्ति मानती है।
प्रधानाध्यापक तोमर ने आगे कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत छात्रों की भाषाई क्षमता के विकास के लिए मातृभाषा और त्रिभाषा सूत्र को मुख्य आधार बनाया गया है। नीति के अनुसार, कम से कम कक्षा 5 तक और प्राथमिकता के तौर पर कक्षा 8 तक शिक्षा का माध्यम मातृभाषा, घर की भाषा या स्थानीय भाषा रखने पर जोर दिया गया है।
सहायक अध्यापक नवीन कुमार दीक्षित ने जानकारी दी कि त्रिभाषा सूत्र के अंतर्गत छात्रों को स्कूल स्तर पर तीन भाषाएं सीखनी होंगी, जिनमें से कम से कम दो भारतीय मूल की होंगी। शिक्षक माया देवी ने स्पष्ट किया कि राज्यों, छात्रों और स्कूलों को भाषाओं के चयन में पूरी स्वतंत्रता और लचीलापन दिया गया है, ताकि किसी भी छात्र पर कोई विशेष भाषा न थोपी जाए।
शिक्षक गुंजन पाण्डेय ने बताया कि त्रिभाषा विकल्प के अंतर्गत छात्रों को जर्मन, फ्रेंच जैसी विदेशी भाषाएं सीखने का अवसर भी मिलेगा। इसके साथ ही भारतीय भाषाओं और प्राचीन साहित्य के अध्ययन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इस अवसर पर अनुदेशक प्रियंका यादव सहित विद्यालय का स्टाफ मौजूद रहा।
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