सुश्रुत हॉस्टल में जूनियर डॉक्टर ने की आत्महत्या – Live Hindustan

वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। आईएमएस-बीएचयू के एनेस्थीसिया विभाग में तैनात जूनियर रेजिडेंट डॉ. ऋत्विक कुंडू (28) ने रविवार रात सुश्रुत हॉस्टल स्थित अपने कमरे में आत्महत्या कर ली। रात साढ़े 10 बजे उनका शव कमरे से निकाला गया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, केनुला के माध्यम से ओवरडोज दवा लेकर डॉ. कुंडू के आत्महत्या करने की पुष्टि हुई है। पुलिस को कमरे से तीन पेज का सुसाइड नोट भी मिला है। उसकी जांच की जा रही है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पश्चिम बंगाल में कोलकाता के मूल निवासी डॉ. ऋत्विक कुंडू सुश्रुत हॉस्टल के एक कमरे में रहते थे। रविवार रात काफी देर तक कमरे का दरवाजा न खुलने पर साथियों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने पुलिस के साथ बीएचयू प्रशासन को सूचना दी। अधिकारियों की मौजूदगी में रात करीब 10:30 बजे कमरे का दरवाजा खोला गया, जहां उनका शव मिला। शव के पास केनुला और दवाएं मिलीं हैं। कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है। सूत्रों के अनुसार, सुसाइड नोट में एक युवती से प्रेम संबंध का उल्लेख है। पुलिस के अनुसार सुसाइड नोट की सत्यता और उसमें लिखी बातों की जांच की जा रही है। अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाने के साथ डॉ. कुंडू के परिजनों को सूचना दे दी है। लंका पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और सुसाइड नोट की जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी की भूमिका या उकसावे की बात सामने आती है तो उसके अनुसार विधिक कार्रवाई होगी। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है。
वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। आईएमएस बीएचयू के जूनियर रेजीडेंट डॉ. ऋत्विक कुंडू की आत्महत्या की खबर से सर सुंदरलाल अस्पताल और हॉस्टल परिसर में रविवार देर रात तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। वहीं, सुश्रुत हॉस्टल के कमरे से मिले तीन पेज के सुसाइड नोट में लिखी बातों से लगता है कि ऋत्विक कुंडू कई दिनों से अवसाद से गुजर रहे थे। उन्होंने नोट में एक लड़की का उल्लेख करते हुए कहा कि मेरी आत्महत्या के लिए उसे दोषी न माना जाए। आत्मघाती कदम के लिए कुंडू ने अपने माता-पिता से माफी भी मांगी है।
सूत्रों के मुताबिक डॉ. कुंडू ने सुसाइड नोट में लिखा है- ‘सबसे बड़ी विनती है कि लड़की (नोट में लड़की का नाम लिखा है) को इसके लिए दोष न दें। वह बहुत अच्छी लड़की है। उसने मुझसे बहुत प्यार किया और मेरे लिए बहुत कुछ किया। कृपया उसका ख्याल रखें। मेरे माता-पिता का भी ध्यान रखना। मैं उनकी सबसे बड़ी उम्मीद था, लेकिन मैं उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। जीवन चलता रहता है। शायद यह खबर मेरी मां को तोड़ देगी। वह मुझसे सबसे ज्यादा प्यार करती थीं। मेरे पिता और बहन का भी ख्याल रखना। मैं उन सबकी आंखों का तारा था। शायद बहुत से लोग मेरी तरह जीवन में हार नहीं मानेंगे, लेकिन मैं हार मान रहा हूं।’
जब मैं यह लिख रहा हूं, तब मुझे नहीं पता कि मुझे अपना फैसला बदल देना चाहिए या नहीं। शायद अब मेरे अंदर मरने की इच्छा नहीं बची है, लेकिन फिर भी मैं यही करूंगा। मैं शायद सबसे स्वार्थी व्यक्ति हूं और इस धरती पर रहने के योग्य भी नहीं हूं। हो सकता है कि मेरे जैसे लोग केवल दूसरों को दुख पहुंचाने के लिए ही पैदा होते हैं।
मां, बाबा और दीदी, मुझे माफ कर देना। काश, आखिरी बार आपकी आवाज सुन पाता। सब लोग अपना ख्याल रखें। दुनिया, अलविदा।
डॉक्टर ने आगे लिखा है-‘पूरी जिंदगी मैं वास्तविकता से भागता रहा और आज भी उसी वास्तविकता से हमेशा के लिए भाग रहा हूं। इस दुनिया में कुछ भी स्थायी नहीं है। अब मुझे समझ में आ गया है कि मैं कभी वह जीवन नहीं जी पाऊंगा, जिसका मैंने सपना देखा था। हम सभी एक पूरी तरह खुशहाल जीवन का सपना देखते हैं, लेकिन शायद ऐसा किसी के लिए संभव नहीं होता। मैंने जिन लोगों का दिल दुखाया, उन सभी से माफी मांगता हूं। जीवन बहुत छोटा है, इसे दूसरों के दुख पर हंसते हुए और छोटा मत बनाइए। हर किसी के प्रति दयालु रहें और जो कुछ आपके पास है, उसके लिए आभारी रहें।’
कृपया अपने अनुभव को रेट करें
आरएसएसविज्ञापन र॓टहमार॓ साथ काम करेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT AutoHealthshotsHT SmartcastFAB Play

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News