सेकंडों में ढेर हो रहे ईरानी ड्रोन! अमेरिका ने होर्मुज में तैनात किया नया घातक हथियार, जानें ताकत – Bharat24live

Shubham Raja
Date: 25-09-26 15:18
तेहरान/वॉशिंगटन: अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में लेजर हथियार तैनात किए हैं. इनका इस्तेमाल ईरानी ड्रोन्स को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है. अमेरिकी सैनिकों के मुताबिक, इन हथियारों से ड्रोन स्वार्म के खतरे से निपटने में मदद मिल रही है. खास बात यह है कि इन लेजर सिस्टम को चलाने के लिए रीकॉन्फिगर किए गए Xbox गेम कंसोल कंट्रोलर का इस्तेमाल किया जा रहा है.
‘द न्यूयॉर्क पोस्ट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप के रक्षा विभाग ने पुष्टि की है कि इन सिस्टम की मदद से ड्रोन और आने वाली क्रूज मिसाइलों को कम लागत में नष्ट किया जा सकता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका करीब 50 साल से लेजर हथियारों की इस तकनीक को विकसित कर रहा है. अब इसका इस्तेमाल खुले माहौल में किया जा रहा है और दक्षिणी सीमा पर भी इसका परीक्षण किया जा रहा है.
अमेरिका ने होर्मुज में किस तरह का लेजर हथियार उतारा?
पारंपरिक एंटी-ड्रोन और एंटी-मिसाइल सिस्टम में लक्ष्य को रोकने के लिए इंटरसेप्टर या मिसाइल की जरूरत पड़ती है. इसके मुकाबले लेजर हथियार किसी भौतिक इंटरसेप्टर का इस्तेमाल नहीं करते. इससे कुछ परिस्थितियों में हर हमले को रोकने की लागत काफी कम हो सकती है. हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी सेना इस प्रोजेक्ट पर करीब 500 मिलियन डॉलर खर्च कर रही है.
यह तकनीक जनरेटर या बैटरी पैक से मिलने वाली ऊर्जा का इस्तेमाल करती है. इस ऊर्जा को फोटॉन यानी प्रकाश के कणों में बदला जाता है और फिर इन्हें एक बेहद केंद्रित बीम में टारगेट पर डाला जाता है. लेजर बीम लक्ष्य की सतह को लगातार गर्म करती है, जिससे ड्रोन के सेंसर को नुकसान पहुंचाया जा सकता है या पूरा ड्रोन नष्ट किया जा सकता है.
‘द न्यूयॉर्क पोस्ट’ के मुताबिक, ‘डायरेक्टेड एनर्जी कंसल्टेंट्स’ के अध्यक्ष मार्क नीस ने बताया कि लेजर सिस्टम ड्रोन को बेहद सटीक तरीके से ट्रैक कर सकता है. इसके बाद बीम को लक्ष्य के उस हिस्से पर केंद्रित किया जाता है, जहां सबसे ज्यादा असर डालना हो.
कैसे लेजर हथियार को कंट्रोल कर रहा है Xbox गेम कंसोल?
अमेरिकी लेजर हथियारों को ऑपरेट करने का तरीका भी काफी दिलचस्प है. रिपोर्ट के मुताबिक, सैनिकों को इन्हें चलाने के लिए रीकॉन्फिगर किए गए Xbox गेम कंसोल कंट्रोलर दिए गए हैं.
अमेरिकी सेना का तर्क है कि जब गेमिंग इंडस्ट्री पहले ही ऐसे कंट्रोलर विकसित कर चुकी है, जिन्हें आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है, तो किसी नए कंट्रोल सिस्टम को तैयार करने की जरूरत क्यों हो. इसी वजह से Xbox जैसे कंट्रोलर को सैन्य जरूरत के हिसाब से बदला गया है.
‘लेजर वॉर्स’ न्यूजलेटर चलाने वाले जेरेड केलर के मुताबिक, लेजर हथियारों का इस्तेमाल अब सिर्फ लैब तक सीमित रखने के बजाय वास्तविक परिस्थितियों में करना ज्यादा व्यावहारिक नजर आ रहा है. Xbox कंट्रोलर को लेकर उन्होंने कहा कि जो लोग ‘Halo’ जैसे गेम में लेजर हथियार चला चुके हैं, उनके लिए इस तरह के कंट्रोलर को समझना आसान हो सकता है.
रिपोर्ट के मुताबिक, लेजर हथियारों का इस्तेमाल मैक्सिकन कार्टेल के खिलाफ अभियानों और मिडिल ईस्ट में तैनात कुछ युद्धपोतों पर भी किया जा चुका है. हालांकि, जानकारों के मुताबिक इन हथियारों का इस्तेमाल अब तक इंसानों को निशाना बनाने के लिए नहीं किया गया है.
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