सॉल्वर गैंग के दो और आरोपी कैमूर से गिरफ्तार – Live Hindustan

भागलपुर, कार्यालय संवाददाता। सॉल्वर गैंग के दो और आरोपियों को पुलिस की विशेष टीम ने मंगलवार को कैमूर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में एक नीतीश कुमार मधेपुरा जिला के बेलारी गांव तो दूसरा आशीष कुमार मुरलीगंज का रहने वाला है। दोनों के पास से पुलिस ने ब्लैंक चेक बरामद किया है। दोनों आरोपी परीक्षा दिलवाने के लिए कैमूर गये हुए थे। आरोपी नीतीश कुमार और आशीष कुमार सहरसा स्थित कोचिंग में पढ़ाने का काम करते थे। दोनों आरोपी छात्रों का माइंड वाश कर इस काम के लिए तैयार करते थे। बरारी थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष विशाल कुमार ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया है। दोनों से पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, पुलिस की टीम ने सॉल्वर गिरोह में शामिल कुल 11 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है। इनमें अब तक छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अन्य फरार की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है。

इससे पहले मद्य निषेध की परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले सॉल्वर गैंग के चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। अब फरार पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम छापेमारी कर रही है। दरअसल, भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसडीपीओ -1 के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया है। टीम के सदस्य प्रत्येक बिंदु पर बारीकी से अनुसंधान कर रहे हैं। मामले की तह तक जाने के लिए बैकवर्ड-फारवर्ड लिंक को खंगालने का काम काफी तेजी से किया जा रहा है। जांच के दौरान कई तरह के साक्ष्य भी पुलिस की टीम को हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर कई अन्य लोगों के शामिल होने की बात सामने आयी है।

मोबाइल चैट से खुलेगा लेन-देन का राज

एसएसपी ने बताया कि आरोपियों के पास से जो मोबाइल बरामद हुआ है, उसमें कई लोगों से चैट है। उसमें रुपये के लेन-देन समेत कई अन्य तरह की भी महत्वपूर्ण जानकारी है। मोबाइल में मिले चैट को खंगालने का काम काफी बारीकी से किया जा रहा है। चैट में मिले मोबाइल नंबर के माध्यम से कड़ी को जोड़ने का काम किया जा रहा है। इस मामले में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

कोचिंग के छात्रों को जाल में फांसते थे आरोपी

पुलिस के अनुसंधान में यह जानकारी मिली है कि सॉल्वर गिरोह के सदस्य कोचिंग में जाकर छात्रों को अपने जाल में फांसते थे। कम समय में आसानी से सरकारी नौकरी मिलने का ख्वाब लिए छात्र अक्सर इस गिरोह के सदस्यों की बातों में फंस जाते थे। पुलिस की टीम ने इस गिरोह के ऐसे सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जो छात्रों को माइंड वाश कर उन्हें इस तरह के दल-दल में धकेलने का काम करते थे।

कोट

सॉल्वर गैंग के फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसडीपीओ-1 के नेतृत्व में टीम का गठन कर दिया गया है। मोबाइल चैट से मिली जानकारी के आधार पर छापेमारी की जा रही है।

– प्रमोद कुमार यादव, वरीय पुलिस अधीक्षक, भागलपुर।

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