सोनम वांगचुक ने सरकार के क़दम का स्वागत किया, बोले- यह लोकतंत्र की जीत है – BBC

संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया, "सरकार ने दूसरी मांगें भी मान ली हैं."
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रौनक भैड़ा, अरशद मिसाल
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कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा है कि केंद्र सरकार ने उनकी बाक़ी मांगों को भी मान लिया है.
तीसरे दौर की बातचीत के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर इसकी जानकारी दी.
इस दौरान सौरव दास ने कहा कि सरकार ने हमारी सभी मांगें मान ली हैं, और उन्होंने प्रदर्शनकारियों से घर जाने की अपील की.
संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया, "सरकार ने दूसरी मांगें भी मान ली गई हैं."
उन्होंने कहा, "सिर्फ़ दिल्ली ही नहीं, पूरे देश में दर्ज हुई एफ़आईआर को सरकार वापस लेने के लिए तैयार हो गई है. साथ ही सरकार ने वादा किया है कि भविष्य में सीजेपी के किसी भी कार्यकर्ता पर प्रोटेस्ट के लिए कार्रवाई नहीं होगी."
आशुतोष रांका ने बताया कि एक करोड़ रुपये के मुआवज़े पर भी बात बन गई है, सरकार ने कहा है कि कानून के तहत मुआवज़ा दिया जाएगा.
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने क्या कहा
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, "आज हमारी लंबी बातचीत हुई. वे एक लिखित मसौदा लेकर आए थे, जिसमें उन्होंने आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को लेकर चार बिंदु रखे थे. इसके साथ ही हमने उनकी अन्य दो मांगों पर भी चर्चा की, कोई बदले की कार्रवाई न की जाए, मुआवज़ा दिया जाए और उनके पांच सूत्रीय मांग पत्र पर विचार किया जाए."
"हम उन्हें एफआईआर की कॉपी उपलब्ध कराएंगे और कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. दूसरी बात, मुआवज़े को लेकर सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि हम भी उनके प्रति संवेदना रखते हैं. हम सभी ने कहा है कि नियमों और प्रावधानों के अनुसार मुआवज़ा दिया जाएगा. जितना अधिक संभव होगा, उतना उन्हें दिया जाएगा."
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बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने एक्स पर पोस्ट कर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की तारीफ़ की है.
दरअसल, जंतर-मंतर और देश में जारी स्टूडेंट्स के प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा दे दिया है.
इसके बाद नितिन नबीन ने एक्स पर लिखा, "केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में धर्मेंद्र प्रधान ने भारत की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने और ऐतिहासिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) को सफलतापूर्वक लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके अलावा भी उन्होंने कई अहम पहलों को आगे बढ़ाया."
"बड़े हितों को प्राथमिकता देते हुए, उनके पद छोड़ने के निर्णय से सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा के उच्चतम मानकों का परिचय मिलता है. पार्टी इस निर्णय में धर्मेंद्र प्रधान जी के साथ पूरी मज़बूती से खड़ी है."
नितिन नबीन ने भविष्य के लिए धर्मेंद्र प्रधान को शुभकामनाएं भी दीं.
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सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि जेन ज़ी ने दिखाया कि भारत का विश्वगुरू होने का मतलब क्या है.
उन्होंने लिखा, "इन युवाओं ने सनातन धर्म का सिर्फ़ उपदेश नहीं दिया, बल्कि उसे अपने व्यवहार में जीकर दिखाया. उन्होंने साबित किया कि नफ़रत के बिना भी साहसी हुआ जा सकता है, हिंसा के बिना भी मज़बूती दिखाई जा सकती है, और अंधभक्ति के बिना भी देशभक्ति निभाई जा सकती है."
उन्होंने लिखा, "दुनिया के कई देशों के युवाओं के मुक़ाबले, भारत के इन नौजवानों ने यह मिसाल पेश की कि बिना अपने देश को जलाए, अन्याय के ख़िलाफ़ डटकर खड़ा हुआ जा सकता है."
"शायद अब समय आ गया है कि हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी भी इन युवा भारतीयों से हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और विश्वगुरु होने का असली अर्थ सीखने की कोशिश करे."
दरअसल, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. उनके ख़िलाफ़ क़रीब एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन चल रहा है.
शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी 26 दिनों तक भूख हड़ताल की.
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सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को लोकतंत्र की जीत बताया है.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "यह लोकतंत्र की जीत है, लोकतंत्र की जीत, जो सीधे सड़कों से आई है. यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और देश की 'जेन ज़ी' को बधाई."
उन्होंने लिखा, "साथ ही, उन सभी नागरिकों का भी धन्यवाद जिन्होंने डर और डर के डर को त्यागकर देश के हर कोने से आवाज़ उठाई."
उन्होंने आखिर में लिखा, "जवाबदेही से अब सुधार की ओर."
सोनम वांगचुक ने नीट पेपर लीक मुद्दे को लेकर 26 दिनों तक अनशन किया. 28 जून को उन्होंने जंतर-मंतर पर सीजेपी के मंच से अनशन शुरू किया था.
गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने उनका अनशन तुड़वाया. वह लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे.
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दिल्ली में चल रहे सीजेपी प्रदर्शन को लेकर डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पाकिस्तान से संचालित कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स प्रदर्शन से जुड़ा फ़र्ज़ी और भ्रामक कंटेंट फैला रहे हैं.
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसे अकाउंट्स की पहचान करने और उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने में जुटी हुई है.
डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर सिंह ने कहा, "जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पाकिस्तान से संचालित कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स इस प्रदर्शन से जुड़ा फ़र्जी कंटेंट फैला रहे हैं. दिल्ली पुलिस संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसे और अकाउंट्स की पहचान करने के लिए लगातार काम कर रही है."
"अब तक ऐसे 400 से ज़्यादा सोशल मीडिया हैंडल की पहचान कर उन्हें ब्लॉक किया जा चुका है. इन अकाउंट्स के ज़रिए एआई से तैयार किया गया कंटेंट, डीपफेक वीडियो, एडिट की गई तस्वीरें और प्रदर्शन से जुड़ी अन्य भ्रामक व फ़र्ज़ी सामग्री फैलाई जा रही थी."
"जांच में यह भी पता चला कि इनमें से कुछ हैंडल 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भी फ़र्ज़ी और भ्रामक जानकारी फैलाने में सक्रिय थे. इन सोशल मीडिया अकाउंट्स ने कई वरिष्ठ अधिकारियों के आधिकारिक बयानों के साथ छेड़छाड़ कर उन्हें तोड़-मरोड़कर पेश किया और विज़ुअल कंटेंट में हेरफेर कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की."
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ईरान के जलक्षेत्र में शुक्रवार को एक एलपीजी टैंकर पर हमला हुआ, जिसमें 28 भारतीय नाविक सवार थे. ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने इसको लेकर बयान जारी किया है.
भारतीय दूतावास के अनुसार, टैंकर पर कुल 28 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे, सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं.
भारतीय दूतावास ने शुक्रवार देर रात अपने बयान में कहा, "हमें इसकी जानकारी है कि मोज़ाम्बिक के ध्वज वाला एलपीजी टैंकर 'दिशा' पर ईरान के जलक्षेत्र में हमला हुआ है."
आगे लिखा, "इस जहाज़ पर 28 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार हैं. दूतावास संबंधित अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और यह पुष्टि की है कि सभी भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं."
दूतावास ने बताया कि वह पूरे घटनाक्रम पर लगातार नज़र बनाए हुए है और संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क में है.
अब तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगे.
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बिहार के अलग-अलग हिस्सों में शनिवार को बुलाए गए 'बिहार बंद' का असर देखने को मिल रहा है. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और 22 जुलाई को छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में छात्र संगठन आईसा ने बिहार बंद का आह्वान किया था.
बंद के दौरान राज्य के कई जिलों में छात्रों ने प्रदर्शन किया. सीवान, समस्तीपुर, मधेपुरा, गोपालगंज, छपरा, आरा और पटना समेत कई जगहों से प्रदर्शन की तस्वीरें सामने आई हैं.
छपरा में प्रदर्शनकारी छात्रों ने जमकर हंगामा किया, जबकि राजधानी पटना में प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा.
पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने कहा, "हमने छात्रों पर सीमित बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया है. कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है."
इससे पहले 22 और 23 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी. पुलिस ने कई इलाकों में फ्लैग मार्च किया था और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था.
वहीं, पटना पुलिस ने शनिवार को प्रकाशित दैनिक अखबारों में प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें प्रकाशित कर छात्रों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीक़े से रखें.
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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि सरकार के भीतर इस बात पर चर्चा चल रही है कि धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर किसी अन्य मंत्रालय की ज़िम्मेदारी दी जा सकती है.
राहुल गांधी ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "कुछ चर्चा चल रही है. आजकल हमें सरकार के अंदर से भी जानकारी मिलती रहती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में इस बात पर चर्चा है कि समाधान यह है कि धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर किसी दूसरे मंत्रालय में भेज दिया जाए."
उन्होंने आगे कहा, "लेकिन यह भारत के छात्रों को स्वीकार नहीं है. धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त किया जाना चाहिए."
राहुल गांधी ने कहा कि छात्र भारत का भविष्य हैं, नरेंद्र मोदी भारत के अतीत हैं, अतीत कभी भविष्य से लड़ नहीं सकता.
इससे पहले राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए एक्स पर लिखा कि उन्होंने मेट्रो, दुकानें, इंटरनेट, रास्ते और खाना बंद कर दिया, लेकिन पेपर लीक बंद नहीं कर पाए.
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देश के 100 प्रमुख लेखकों, कलाकारों और बुद्धिजीवियों ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यापक सुधार की मांग कर रहे छात्रों के समर्थन में संयुक्त बयान जारी किया है.
बयान में कहा गया है कि पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने सार्वजनिक संस्थानों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
संयुक्त बयान में जंतर-मंतर सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में किए जा रहे शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग की ख़बरों पर गहरी चिंता और नाराज़गी जताई गई है.
हस्ताक्षरकर्ताओं का कहना है, "एक संवैधानिक लोकतंत्र में युवाओं की जायज़ माँगों का समाधान संवाद और न्याय के माध्यम से होना चाहिए, न कि हिंसा या डराने-धमकाने के ज़रिए."
लेखकों और कलाकारों ने केंद्र और राज्य सरकारों से पेपर लीक और उससे जुड़ी अनियमितताओं के लिए ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल सख़्त कार्रवाई करने की मांग की है.
साथ ही, छात्रों के साथ ईमानदार संवाद शुरू करने और उनके खिलाफ हिंसा और बल प्रयोग की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने की भी अपील की गई है.
उन्होंने देशभर के लेखकों, कलाकारों और चिंतकों से भी छात्रों की मांगों के समर्थन में आगे आने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवाज़ उठाने की अपील की है.
इस संयुक्त बयान पर के सच्चिदानंदन, अशोक वाजपेयी, दामोदर मावजो, महेश एलकुंचवार, बानू मुश्ताक़, मल्लिका साराभाई, गीतांजलि श्री, गीता हरिहरन, अनामिका, कुमार अंबुज समेत देशभर के कुल 100 लेखकों, कलाकारों और बुद्धिजीवियों ने हस्ताक्षर किए हैं.
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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया है कि उन्हें टायफ़ायड हुआ है.
अभिजीत दीपके ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए एक वीडियो जारी किया.
अभिजीत दीपके ने कहा, "जैसा कि आप सब जानते हैं कि कुछ दिनों से मेरी तबीयत ख़राब थी, ब्लड रिपोर्ट्स में मुझे पता लगा कि मुझे टायफ़ायड हुआ है. मेरा इलाज चल रहा है."
दीपके ने कहा, "मैं उन सभी कॉकरोच का धन्यवाद देना चाहूंगा जो पूरे देश में शांतिपूर्ण तरीक़े से प्रदर्शन कर रहे हैं. आप सभी को बधाई, आपने इस आंदोलन को सक्सेसफ़ुल बना दिया है."
उन्होंने आगे कहा, "मुझे पूरा भरोसा है कि हम इसी शांतिपूर्ण तरीक़े से प्रदर्शन करेंगे धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा ज़रूर होगा."
वहीं, सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को 'नॉन-नेगोशिएबल' बताया. यह बयान सीजेपी ने सरकार से तीसरे दौर की बातचीत से ठीक पहले दिया है.
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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने आंदोलन से जुड़े वॉलंटियर जुनैद के परिवार के ख़िलाफ़ गैरकानूनी पुलिस कार्रवाई का आरोप लगाया है.
सीजेपी ने दावा किया है कि जुनैद के परिजनों को हिरासत में लिया गया है और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है.
जुनैद जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों तक खाना और पानी पहुंचाने का काम कर रहे थे. सीजेपी का आरोप है कि उनके परिवार के सदस्यों के ख़िलाफ़ पुलिस कार्रवाई की गई है.
मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "यूपी पुलिस की ओर से जुनैद भाई के ख़िलाफ़ की गई गैरकानूनी पुलिस कार्रवाई की हम निंदा करते हैं. हम पहले दिन से ही उनके लगातार संपर्क में हैं और उन्हें हर जरूरी मदद दे रहे हैं."
उन्होंने आगे लिखा, "हम यूपी पुलिस से अपील करते हैं कि वह जुनैद के परिवार के ख़िलाफ़ इस गैरकानूनी, मनमानी और अमानवीय कार्रवाई को रोके और उन्हें तुरंत रिहा करे."
इससे पहले जुनैद ने एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में दावा किया था कि पुलिस उनके घर पहुंची और उनके पिता को अपने साथ ले गई.
जुनैद ने यह भी आरोप लगाया, "पुलिस मेरठ में मेरी बहन के ससुराल भी पहुंची. पुलिस ने मेरी बहन के ससुर और देवर को उठा लिया. मेरे भाई, बहन और माता-पिता की पासबुक और आधार कार्ड जब्त कर लिए."
उन्होंने कहा "पुलिस मेरे घरवालों से कह रही है कि उसको (जुनैद) यहां लाकर दो, हम आपको छोड़ देंगे."
फिलहाल, यूपी पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सरकार से तीसरे दौर की बातचीत से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को 'नॉन-नेगोशिएबल' बताया है.
सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा, “अगर सरकार की तरफ़ से ‘ना’ है, तो आगे बातचीत करने का कोई मतलब नहीं है.”
मीडिया से बातचीत में आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार के साथ होने वाली बातचीत में मुआवज़े और क़ानूनी कार्रवाई से जुड़े मुद्दों पर लिखित समझौते की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि आंदोलन की मुख्य मांग, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर भी सरकार से जवाब मिलने की उम्मीद है.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देते हैं तो प्रदर्शन को और तेज़ किया जाएगा. इसके साथ ही देशभर में आंदोलन के लिए जल्द ही नए आह्वान की ज़रूरत पड़ सकती है.
सीजेपी और सरकार के बीच शनिवार को तीसरे दौर की बातचीत प्रस्तावित है. इससे पहले हुई दो दौर की वार्ता में कुछ मांगों पर सहमति बनने की बात सामने आई है.
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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने मेट्रो, दुकानें, इंटरनेट, रास्ते और खाना बंद कर दिया, लेकिन पेपर लीक बंद नहीं कर पाए.
जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी शनिवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि सरकार ने छात्रों के ख़िलाफ़ क्रूर कदम उठाए हैं.
उन्होंने लिखा, "मेट्रो बंद करो. रास्ते बंद करो. दुकानें बंद करो. इंटरनेट बंद करो. खाना बंद करो. अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए."
राहुल गांधी ने लिखा, "बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी- पेपर लीक."
गौरतलब है कि शनिवार को भी दिल्ली में साढ़े सात बजे से लेकर अगले आदेश तक 18 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए हैं.
वहीं, सीजेपी और उसके समर्थकों का दावा रहा है कि धरनास्थल के आसपास इंटरनेट बाधित है.
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कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता अशुतोष रांका ने कहा है कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बहुत कुछ किया है, उन पर सवाल नहीं उठाना चाहिए.
दरअसल, हाल ही में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सोनम वांगचुक के अनशन ख़त्म करने के बाद कहा था कि ये 'अन्ना पार्ट टू' हैं.
उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "12 साल से अन्ना ख़ामोश हैं और अब वांगचुक ख़ामोश हो जाएंगे. वांगचुक ने सरकार से अपनी डील की है, वहां तब कोई छात्र मौजूद नहीं थे."
इमरान मसूद के इस बयान पर सीजेपी प्रवक्ता अशुतोष रांका ने शनिवार को कहा, "हमें नहीं पता कांग्रेस क्या सोच रही है. लेकिन उन्होंने (वांगचुक) बहुत कुछ किया है, उन्होंने बातचीत भी की है कि कोई क़ानूनी मामला न बने और मुआवज़ा मिले. सोनम जी पर सवाल उठाना ठीक नहीं है."
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में गुरुवार देर रात अपनी भूख हड़ताल ख़त्म कर दी थी.
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि नई पीढ़ी सवाल पूछती है, उसे तर्क बताना पड़ता है.
युवाओं पर मोहन भागवत का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दिल्ली स्थित जंतर-मंतर और देश के कई इलाक़ों में छात्र और युवा प्रदर्शन कर रहे हैं.
दिल्ली में आयोजित 'विश्व मंगल्य सभा' कार्यक्रम में शुक्रवार को मोहन भागवत ने कहा, "हम जब छोटे थे, तब माता-पिता जो कहते थे, उस पर कोई बहस नहीं करते थे. चुप यानी चुप."
"लेकिन अब ऐसा नहीं है, नई पीढ़ी सवाल पूछती है, उसे तर्क बताना पड़ता है."
उन्होंने कहा, आज की पीढ़ी को अधिक अपनापन देने की ज़रूरत है. उनके साथ समय बिताना होगा. उनसे बात करनी होगी. आजकल परिवारों के अंदर बातचीत बंद हो रही है. सब लोग मोबाइल में व्यस्त रहते हैं.
गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर पेपर लीक, परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर युवा प्रदर्शन कर रहे हैं.
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जंतर-मंतर के पास चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने नई दिल्ली समेत 18 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर आवाजाही बंद कर दी है.
डीएमआरसी ने एक आधिकारिक सूचना में बताया कि 25 जुलाई (शनिवार) को सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक ये 18 मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे.
हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर इंटरचेंज की सुविधा मिलती रहेगी.
ये मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद-
लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंबा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, ख़ान मार्केट, ज़ोर बाग़, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन.
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रूस ने यूक्रेन पर हमले तेज़ कर दिए हैं. हाल में बड़ा हमला राजधानी किएव के पास शुक्रवार को आयोजित ड्रोन तकनीक प्रदर्शनी पर हुआ, जहां बैलिस्टिक मिसाइल हमले में 10 लोगों की जान चली गई.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने बताया कि इस हमले में लगभग 100 लोग घायल हुए. प्रदर्शनी में रक्षा क्षेत्र से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद थे.
रूस ने भी इस हमले की पुष्टि की है. रूसी रक्षा मंत्रालय का दावा है कि यहां ऐसे ड्रोन प्रदर्शित किए जा रहे थे, जिनका इस्तेमाल रूस के नागरिक ठिकानों पर हमलों के लिए किया जाता है.
ज़ेलेंस्की ने शुक्रवार शाम चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि रूस अगले 48 घंटे के भीतर एक और बड़े मिसाइल हमले की तैयारी कर रहा है.
इस बीच, शुक्रवार को यूक्रेन ने भी रूस पर जवाबी हमला किया. रूस के किरोव शहर में हुए हमले में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 26 लोग घायल हुए.
यह शहर युद्ध मोर्चे से क़रीब 1,000 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित है. यूक्रेन ने रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज़ के गोदामों को भी निशाना बनाया.
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एक बयान को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. गुरुवार को सीतारमण ने कहा था कि कुछ छात्रों ने पेपर लीक की घटना का फ़ायदा उठाकर ज़्यादा मेहनत की.
उनके इस बयान पर कांग्रेस, कॉकरोच जनता पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) समेत कई दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
दरअसल, सीतारमण ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "अगर सरकार ने समय पर कार्रवाई नहीं की होती, समय पर गिरफ़्तारियां नहीं हुई होतीं, समय पर दोबारा परीक्षा नहीं हुई होती और घटना के बाद समय पर नतीजे घोषित नहीं किए गए होते, तो आज युवा उन संस्थानों में दाख़िला लेने की स्थिति में नहीं होते, जहां उन्हें आगे की पढ़ाई करनी है.
उन्होंने कहा, "यह सब हो रहा है और कुछ युवा खुद सामने आकर कह रहे हैं कि हां, जब पेपर लीक हुआ था तो मुझे दुख हुआ था, लेकिन बाद में मैंने इसका फ़ायदा उठाया और ज़्यादा मेहनत से तैयारी की. मेरी परफ़ॉर्मेंस बेहतर हुई और मैंने अच्छा किया. ऐसे भी युवा हैं जिन्होंने इस चुनौती का सामना किया और इससे निकलकर अच्छी सफलता हासिल की."
वित्त मंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे असंवेदनशील और ग़ैर-जिम्मेदाराना क़रार दिया.
कांग्रेस ने अपने पोस्ट में लिखा, "जिस पेपर लीक ने 21 से अधिक बच्चों की जान ले ली, जिसके ख़िलाफ़ लाखों युवा आंदोलन कर रहे हैं, उसी के फ़ायदे सरकार गिना रही है. यह बयान इस बात का सबूत है कि मोदी सरकार पेपर लीक रोकने को लेकर गंभीर नहीं है. इन लोगों ने देश की शिक्षा व्यवस्था का कबाड़ा कर दिया है."
आम आदमी पार्टी ने कहा, "मैडम वित्त मंत्री को परिचय की आवश्यकता नहीं है. वह फिर से लौट आई हैं- इस बार पेपर लीक होने के फायदों के बारे में बता रही हैं."
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने भी सीतारमण के बयान की आलोचना की. पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, "पेपर लीक एक विकराल रूप धारण कर चुका कैंसर है. झारखंड की हेमंत सरकार इस कैंसर का सर्वनाश कर रही है, मगर बीजेपी कहती है कि पेपर लीक के अपने फ़ायदे हैं."
वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने तंज कसते हुए कहा, "इस तर्क के हिसाब से तो देश में सारे पेपर लीक होने चाहिए."
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पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत के टांक ज़िले में सेना और पुलिस की संयुक्त चौकी 'मांझी खेल' पर गुरुवार रात को चरमपंथियों के हमले में 12 सैन्यकर्मियों समेत 15 लोगों की मौत हो गई.
मृतकों में दो पुलिसकर्मी और वन विभाग का एक अधिकारी भी शामिल हैं. हमले के बाद सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में 12 चरमपंथी भी मारे गए.
पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज़ पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के मुताबिक़, पहले आतंकियों ने चौकी की सुरक्षा व्यवस्था को भेदने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा बलों ने उनकी ये कोशिश नाकाम कर दी. इसके बाद भाग रहे चरमपंथियों का पीछा कर उन्हें निशाना बनाया गया, जिसमें 12 आतंकी मारे गए.
आईएसपीआर के अनुसार, शुरुआती कोशिश विफल होने के बाद आतंकियों ने विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी चौकी की दीवार से टकरा दी. भीषण विस्फोट में चौकी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और 15 लोगों की जान चली गई.
बीबीसी के संवाददाता अज़ीज़ुल्लाह ख़ान के मुताबिक़, धमाके में मांझी खेल चौकी पूरी तरह तबाह हो गई. हमले में घायल सुरक्षाकर्मियों को तुरंत नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया.
घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. ज़िला प्रशासन ने पूरे टांक ज़िले में धारा 144 लागू करते हुए लोगों से बिना ज़रूरत घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की है. आईएसपीआर ने बताया कि इलाक़े में तलाशी अभियान जारी है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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