Hyderabad Fake Police Officer Video: हैदराबाद से एक डिलीवरी बॉय पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जो लोगों पर रौब झाड़ने और सोशल मीडिया पर फेम पाने के लिए एआई तकनीक की मदद से खुद को पुलिस अधिकारी दिखाता था. इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
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Hyderabad News: सोशल मीडिय फेम पाने के लिए लोग तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं. इस तरह की तस्वीरें अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होती है. इसी नेम फेम के चक्कर में हैदराबाद के एक नौजवान को हवालात में पहुंचा दिया. हैदराबाद के एक नौजवान ने लोगों के बीच खुद को पुलिसकर्मी बताकर ऐसी दुनिया खड़ी कर दी, जिसे देखकर कई लोग सच मान बैठे.
हथियारों के साथ बनाई गई उसकी चमकदार तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रही है. उसने यह रंगरूप धारण कर लोगों पर धौंस भी जमाया, लेकिन जब हकीकत सामने आई तो न सिर्फ लोगों के बल्कि पुलिस के पैरों तले से जमीन खिसक गई. पुलिस ने अब इस मामले में आरोपी नौजवान को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में गिरफ्तार आरोपी नौजवान की पहचान 27 वर्षीय मोहम्मद अबूबकर अली तबस्सुम के रूप में हुई है. वह हैदराबाद के शास्त्रीपुरम इलाके की क्लासिक रेजिडेंसी में रहता है. वह खाना पहुंचाने का काम करता है, जिससे उसकी रोटी-रोटी चलती है. हालांकि, वह सोशल मीडिया पर खुद को पुलिस ऑफिसर के रूप में दिखाकर लोगों पर धौंस जमाता था.
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पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तकनीक की मदद से नकली वीडियो तैयार करता था. इन वीडियो में वह खुद को पुलिस की वर्दी में दिखाता और हथियारों के साथ तस्वीरें और वीडियो शेयर करता था. पुलिस का कहना है कि इन भ्रामक वीडियो का मकसद लोगों को प्रभावित करना और सोशल मीडिय प्लेटफॉर्मपर अपने फॉलोवर्स की संख्या बढ़ाना था.
अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे वीडियो लोगों के बीच डर, भ्रम और गलतफहमी पैदा करते हैं. यही वजह है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की गई. पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है, जिसमें कई आपत्तिजनक कंटेंट मिलने की बात कही जा रही है.
इस मामले में आरोपी अबूबकर के खिलाफ कालापत्थर पुलिस थाना में मामला दर्ज किया गया है. आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 205 (सरकारी कर्मचारी बनकर धोखा देने से जुड़ी है) के तहत कार्रवाई की गई है. इसके साथ ही इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट (आईटी एक्ट) की धारा 66 और 66डी भी लगाई गई हैं.
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया प्लेफॉर्म पर फैलाए जा रहे किसी भी भ्रामक संदेश पर तुरंत भरोसा न करें और न ही उन्हें आगे शेयर करें. अधिकारियों ने कहा कि सही और विश्वसनीय जानकारी के लिए सिर्फ सरकारी और आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करना चाहिए. साथ ही इस तरह का कोई भी मामला नजर आने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की अपील की है.
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रैहान शाहिद का ताल्लुक उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर ज़िले से हैं. वह पिछले पांच सालों से दिल्ली में सक्रिय रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. Zee न्यूज़ से पहले उन्होंने ABP न्यूज़ और दू…और पढ़ें
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