America Deported Illegal Indian Immigrants: अमेरिका का सैन्य विमान 104 अवैध भारतीय प्रवासियों को लेकर बुधवार की दोपहर अमृतसर पहुंचा. इस विमान ने टेक्सास के सैन एंटोनियो से उड़ान भरी थी और अमृतसर के श्री रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर लैंड किया. जैसे ही अमेरिका से अवैध भारतीयों के निर्वासन की खबर आई, हाथों में हथकड़ी और पैरों में जंजीरों के साथ कुछ लोगों की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी. दावा किया जाने लगा कि ये भारतीय अप्रवासियों की फोटो है, जिन्हें अमेरिका वापस भेज रहा है.
सोशल मीडिया पर वायरल एक फोटो में लोगों के हाथों में हथकड़ी और पैरों में जंजीरें बंधी हुई हैं. साथ ही चेहरे पर मास्क लगा हुआ है, जिससे उनके चेहरा नहीं दिखाई दे रहा है. इसके अलावा एक फोटो में पुरुषों की एक लाइन को पीठ के पीछे हाथ बांधकर चलते हुए दिखाया गया है.
इन फोटो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारतीयों में आक्रोश हो गया. X पर एक यूजर ने कहा कि “हथकड़ी और पैरों में जंजीर से बंधे भारतीय अमृत काल में लौट रहे हैं. मैंने ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा!”
एक और यूजर इन फोटो को देखकर नाराज हो गया और उसने लिखा, “यहां भारतीयों के साथ स्पष्ट रूप से कैदियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है, जबकि ट्रंप द्वारा उन्हें अमेरिका से निर्वासित करते समय न केवल हथकड़ी लगाई गई है, बल्कि पैर में भी हथकड़ी लगाई गई है.”
क्या है वायरल फोटो की सच्चाई?
हिंदुस्तान टाइम्स ने जब इस इमेज के बारे में सर्च किया तो पता चला कि इस फोटो में उन भारतीय अप्रवासियों को नहीं दिखाया गया है, जो टेक्सास से विमान के जरिए अमृतसर पहुंचे. बल्कि ये तस्वीर बीते 30 जनवरी की है. इस फोटो में दिखाई दे रहे लोग ग्वाटेमाला के हैं, जो अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे थे.
5 दिन पहले सामने आई थी फोटो
टखनों को आपस में बांधकर बैठे पुरुषों की फोटो एसोसिएटेड प्रेस द्वारा पहली बार पांच दिन पहले पब्लिश की गई थी. इस फोटो पर AP ने कैप्शन दिया था, “कलाइयों और टखनों से बंधे प्रवासियों को लेकर अमेरिकी वायुसेना का विमान गुरुवार को टेक्सास से ग्वाटेमाला के लिए रवाना हुआ. एयरफोर्स के विमान से 80 अवैध प्रवासियों को लेकर जाना, इमिग्रेशन कानून को लागू करने में सशस्त्र बलों की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है.”
न्यूज एजेंसी ने बताया है कि इससे पहले ट्रम्प प्रशासन ने अवैध प्रवासियों को ग्वाटेमाला, इक्वाडोर और कोलंबिया में निर्वासित करने के लिए भी सैन्य विमानों का इस्तेमाल किया है.