विष्णुगढ़, प्रतिनिधि। झारखंड आदिवासी संथाल समिति द्वारा हूल दिवस के अवसर पर मंगलवार को भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें प्रखंड के बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग पारंपरिक अस्त्र-शस्त्रों के साथ शामिल हुए। इसकी शुरूआत कुसुंभा पंचायत के अलखरी कला के बहा टांडी से हुई। शोभायात्रा जंबुआ, ढ़ंगरटोली, अखाड़ा चौक, ब्लॉक रोड चेडरा, सातमील मोड़, हॉस्पीटल चौक, उपरैली मुरगांव, नावाटांड होते हुए पुनः अलखरी बहा टांडी पहुंचकर समाप्त हुई। ढ़ोल-मांदर की थाप के बीच तीर-धनुष, फरसा, कटारी समेत अन्य कई पारंपरिक अस्त्र-शस्त्रों और सरना ध्वज के साथ शोभायात्रा में शामिल लोगों ने वीर सिदो-कान्हू अमर रहे, चांद-भैरव अमर रहे, फूलो-झानो अमर रहे, झारखंड के वीर शहीदों अमर रहे का नारा बुलंद किया।
शोभायात्रा में शामिल लोगों के लिए हॉस्पीटल चौक में वर्णिका ट्रेडर्स द्वारा चना-गुड़ एवं शीतल पेयजल की व्यवस्था की गई।इसके लिए समिति ने उनका आभार जताया। शोभायात्रा समाप्ति के पश्चात अलखरी कला बहा टांडी में हूल क्रांति के अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव तथा फूलो-झानो एवं हूल क्रांति के अन्य वीरों के अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अद्वितीय बलिदान को नमन करते हुए उनके संघर्ष और शौर्य को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि हूल दिवस आदिवासी वीरों के साहस, स्वाभिमान और स्वतंत्रता आंदोलन में बलिदान की प्रेरणा देता है। ऐसे आयोजन से समाज में एकता, भाईचारे और राष्ट्रप्रेम की भावना मजबूत होती है। मौके पर संझलू हांसदा, मुखिया दुलारचंद पटेल, गणेश हांसदा, बाबुचंद हेम्ब्रम, चुनूलाल सोरेन, हरीलाल महतो, रवि सिंह, वरूण कुमार, संजीव सिंह समेत कई लोग मौजूद थे।
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