Feedback
अमेरिका ने मंगलवार को ईरान की सैन्य सप्लाई चेन पर बड़ा एक्शन लिया. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने हॉन्ग-कॉन्ग और पाकिस्तान में मौजूद उन लोगों और कंपनियों को निशाना बनाया, जिन पर ईरान की सैन्य सप्लाई को आर्थिक मदद देने या उसे आगे बढ़ाने का आरोप है. यह कार्रवाई ऐसे वक्त हुई है जब ट्रंप प्रशासन ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है. दोनों देशों के बीच फिर से कूटनीतिक बातचीत को लेकर स्थिति साफ नहीं है.
ट्रेजरी विभाग की यह कार्रवाई प्रशासन के ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ अभियान का हिस्सा है. इसका मकसद ईरान की सरकार तक पहुंचने वाली अहम वित्तीय मदद को रोकना है. ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि विभाग ईरानी शासन को किसी भी तरह का समर्थन बर्दाश्त नहीं करेगा और ईरान की मदद करने वालों की पहचान कर उन्हें अलग-थलग करने का काम जारी रखेगा.
यह भी पढ़ें: UN किताबों में सुपरपावर, हकीकत में लाचार! ईरान ने ‘शोले’ के ठाकुर से कसा तंज
ईरान के हथियार जुटाने वालों पर एक्शन
अमेरिका ने ईरान, हांगकांग और पाकिस्तान में मौजूद 10 लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाया है. इन पर ईरान के रक्षा मंत्रालय के लिए हथियार और हथियारों के हिस्से जुटाने का आरोप है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद ईरान की रक्षा व्यवस्था को कमजोर करना और उसकी हथियार बनाने की क्षमता को फिर से खड़ा करने की कोशिशों को रोकना है.
अमेरिका का कहना है कि नए प्रतिबंधों के जरिए उन लोगों और कंपनियों के लिए लागत बढ़ाई जा रही है, जिन्होंने ईरान की सैन्य खरीद में मदद की है. इससे पहले 2024 में बाइडेन प्रशासन ने भी ईरान के रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बलों के लिए मिसाइल और ड्रोन बनाने और उनके प्रसार में मदद करने वाली संस्थाओं को निशाना बनाया था.
यह भी पढ़ें: पेजेश्कियान बने ‘बाहुबली’ तो ट्रंप की सेना को बताया ‘कालकेय’, प्रभास की फिल्म से ईरान ने अमेरिका को घेरा
रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंची ईरानी करेंसी
अमेरिका की ताजा वित्तीय कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब मंगलवार को ईरान की करेंसी रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई. तेहरान में कारोबारियों ने एक अमेरिकी डॉलर के बदले 25 लाख से ज्यादा रियाल में कारोबार किया. युद्ध शुरू होने के बाद से रियाल लगातार कमजोर हुआ है. इससे पहले 2 सितंबर को यह 22 लाख रियाल प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंचा था.
ईरानी अर्थव्यवस्था पहले से ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के दबाव में थी, लेकिन इस साल अमेरिका की ओर से ईरानी तेल पर नौसैनिक नाकाबंदी और युद्ध शुरू होने के बाद लगाए गए नए प्रतिबंधों ने आर्थिक हालात को और तेजी से बिगाड़ दिया है.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू