10 हजार में पूरा होगा डॉक्टर बनने का सपना! ये हैं भारत के सबसे सस्ते MBBS कॉलेज – India.Com

Published By: Gargi Santosh | Updated: Jul 12, 2026, 7:48 PM
भारत में MBBS की पढ़ाई बहुत महंगी मानी जाती है. प्राइवेट कॉलेजों में तो इसकी फीस 40 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ तक होती है. लेकिन अगर आपका NEET स्कोर अच्छा है, तो देश में ऐसे कई सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं, जहां पूरी MBBS की पढ़ाई लाखों-करोड़ों नहीं, बल्कि हजारों रुपये में होती है.
देश के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में शामिल AIIMS नई दिल्ली में फीस बहुत कम है. यहां 5.5 साल के पूरे MBBS कोर्स की कुल फीस लगभग 6,000 से 7,000 रुपये के बीच होती है. इस राशि में ट्यूशन फीस के साथ कई जरूरी संस्थागत शुल्क भी शामिल होते हैं. यही वजह है कि AIIMS को भारत का सबसे किफायती मेडिकल कॉलेज माना जाता है.
अगर AIIMS दिल्ली में सीट नहीं भी मिलती है, तो निराश नहीं हो. AIIMS भोपाल, पटना, जोधपुर, ऋषिकेश समेत दूसरे AIIMS संस्थानों में भी MBBS की कुल फीस करीब ₹6,000 से ₹10,000 तक रहती है. यानी देश के कई AIIMS छात्रों को बेहद कम खर्च में विश्वस्तरीय मेडिकल शिक्षा उपलब्ध कराते हैं.
वहीं, दिल्ली का मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) भी देश के सबसे प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेजों में गिना जाता है. यहां ऑल इंडिया कोटा के छात्रों के लिए सालाना ट्यूशन फीस सिर्फ 240 रुपये के आसपास है. हॉस्टल और अन्य जरूरी शुल्क जोड़ने के बाद भी पूरे MBBS कोर्स का खर्च करीब ₹13,000 से ₹15,000 तक ही पहुंचता है, जो प्राइवेट कॉलेजों की तुलना में बहुत कम है.
पुडुचेरी का JIPMER भी कम फीस में MBBS कराने वाले प्रमुख सरकारी संस्थानों में शामिल है. यहां पूरे कोर्स की फीस लगभग 30,000 से 35,000 रुपये के बीच रहती है. वहीं, चेन्नई का Madras Medical College (MMC) भी बेहतर ऑप्शन है, जहां पूरे MBBS कोर्स का खर्च लगभग ₹70,000 से ₹90,000 तक आता है.
News Point की एक रिपोर्ट बताती है कि प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में यही खर्च 40 लाख से 1 करोड़ तक पहुंच सकता है. यही वजह है कि हर साल लाखों छात्र सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट पाने के लिए NEET की तैयारी करते हैं. कम फीस के साथ बेहतर शिक्षा और अस्पतालों में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी सरकारी संस्थानों की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है.
अगर आपका सपना कम खर्च में डॉक्टर बनने का है, तो जरूरी है NEET-UG में अच्छा प्रदर्शन करें. इन टॉप सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए जनरल कैटेगरी के छात्रों को आमतौर पर ऑल इंडिया रैंक में टॉप 50 से लेकर करीब टॉप 1000 के बीच जगह बनानी होती है. बता दें NEET-UG 2026 का रिजल्ट 20 जुलाई तक आने की संभावना है. (Photos from Magnific, AI)
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