11 दिन की लिक्विड डाइट और… अनुराग कश्यप ने हार्ट अटैक के बाद ऐसे कम किया 27 किलो वजन, चौंका देगी वेट लॉस जर्नी – AajTak

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आजकल के दौर में मोटापा एक बड़ी समस्या बनकर उभरा है. बच्चों से लेकर जवान और बुजुर्ग भी इससे परेशान हैं लेकिन हमारे सामने ऐसे कई लोग हैं जिनकी वेट लॉस जर्नी हर किसी को प्रेरणा देती है. इन्हीं में एक है बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म डायरेक्टर अनुराग कश्यप जिन्होंने हार्ट अटैक से जूझने के बाद अपना 27 किलो वजन कम किया था.
अनुराग ने कुछ समय पहले खुलासा किया था कि हार्ट अटैक और अस्थमा अटैक जैसी हेल्थ प्रॉब्लम से जूझने के बाद उन्होंने 27 किलो वजन कम करके हर किसी को हैरान कर दिया था.
उन्होंने ‘पेमा वेलनेस रिट्रीट’ के साथ एक इंटरव्यू के साथ बातचीत में बताया कि ये वो समय था जहां से उन्होंने अपनी रिकवरी की यात्रा शुरू की थी.
अनुराग ने कहा, ‘मुझे हार्ट अटैक आया था. कई बार अस्थमा अटैक भी हुए, मैं स्टेरॉयड ले रहा था और मैं पूरी तरह से बिखर गया था. मैं अंदर से टूट गया था. मैंने कई चीजें आजमाईं. मैं डी-एडिक्शन प्रोग्राम में भी गया लेकिन उससे कोई फायदा नहीं हुआ. मैं दूसरी जगहों पर भी गया लेकिन कोई मदद नहीं मिली. मुझे कभी समझ नहीं आया कि मेरे साथ क्या हुआ था.’
44 साल के अनुराग ने आगे कहा, ‘मुझे कभी समझ नहीं आया कि मुझ जैसे इंसान का वजन अचानक क्यों बढ़ गया जबकि मैं बहुत फिट हूं और रेगुलर एक्सरसाइज करता हूं. मैं वही सब कर रहा था जो पहले करता था. फिर अचानक यह बदलाव क्यों? मेरा वजन अचानक क्यों बढ़ गया. मेरे बाल अचानक क्यों झड़ने लगे? मेरे सारे बाल अचानक सफेद क्यों हो गए.’
उन्हें किस चीज से मदद मिली?
अनुराग के अनुसार, एक होलिस्टिक अप्रोच जिसमें 11 दिन की सख्त लिक्विड डाइट शामिल थी, उससे उन्हें मदद मिली. उन्होंने कहा, ‘पहली बार मैंने बहुत बड़ा फर्क देखा. तब से मैंने 27 किलो वजन कम किया है.’
‘योग टीचर ने मुझे प्राणायाम सिखाया. उससे मुझे शांत रहना और तनाव दूर करना आया. आप जानते हैं कि आप बस काम के बारे में सोचते हैं, फिर खाने के बारे में सोचते हैं और जब सोने का समय मिलता है तो सो जाते हैं और दूसरी चीजों पर ध्यान नहीं देते. इसने मुझे सिखाया है कि अपनी वेलनेस के लिए जरूरी चीजों को भी थोड़ा समय कैसे दिया जाए.’ 
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इसलिए बढ़ता है वजन
अंग्रेजी वेबसाइट ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के साथ बातचीत में मुंबई सेंट्रल के वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट और कंसल्टेंट डॉ. पारिन सांगोई कहते हैं कि हार्ट अटैक या अस्थमा के बाद शरीर को काफी शारीरिक और मानसिक तनाव झेलना पड़ता है.
उन्होंने कहा, ‘गंभीर अस्थमा को कंट्रोल करने के लिए अक्सर इस्तेमाल की जाने वाली स्टेरॉयड जैसी दवाएं वजन बढ़ने, शरीर में पानी जमा होने, भूख बढ़ने और मेटाबॉलिज्म में बदलाव का कारण बन सकती हैं. लंबे समय तक बीमारी, नींद में दिक्कत, लगातार सूजन, तनाव और कम फिजिकल एक्टिवटी भी वजन में बदलाव और बालों के झड़ने का कारण बन सकती हैं.’
कई लोगों को ये बदलाव हैरान करने वाले लगते हैं, खासकर अगर वो पहले फिट और एक्टिव थे. ठीक होने का रास्ता हमेशा सीधा नहीं होता और शरीर को अक्सर अपना संतुलन बनाने में समय लगता है.’
क्या सेहत से जुड़ी बड़ी समस्याओं के बाद ठीक होने में पूरी जीवनशैली में बदलाव मदद कर सकता है?
डॉ. सांगोई ने कहा, ‘बिल्कुल और ठीक होने का मतलब सिर्फ दिल या फेफड़ों का इलाज करना नहीं है. इसमें पूरी शारीरिक और मानसिक सेहत को ठीक करना भी शामिल है. सही खान-पान, नियमित व्यायाम, तनाव को मैनेज करना और पर्याप्त नींद पर ध्यान केंद्रित करते हुए जीवनशैली में व्यवस्थित बदलाव बड़ा असर डाल सकते हैं.’
उन्होंने कहा कि योग और सांस लेने के व्यायाम जैसी चीजें फेफड़ों की कार्यक्षमता को बेहतर बना सकती हैं, तनाव कम कर सकती हैं और मरीजों को स्वस्थ दिनचर्या से जुड़ने में मदद कर सकती हैं. मानसिक सेहत पर ध्यान देना भी बहुत जरूरी है क्योंकि एंग्जायटी, बर्नआउट (तनाव की वजह से होने वाली मानसिक थकान) और लंबे समय तक तनाव शरीर की ठीक होने की प्रक्रिया में बाधा डाल सकते हैं और अनहेल्दी हैबिट्स की तरफ मोड़ सकते हैं.
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