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Home » अन्य » वायरल खबरें » 12 अगस्त तक स्कूल-कॉलेज बंद, सड़कों पर भीषण जाम और इंदिरापुरम में बड़ा एक्शन! | Top 5 Ghaziabad News
Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद की सड़कों से लेकर सरकारी दफ्तरों और आपकी रसोई के बजट तक, कई बड़ी हलचल देखने को मिली है। कांवड़ यात्रा के चलते जहां प्रशासन ने स्कूल-कॉलेजों को बंद करने का बड़ा फैसला लिया है, वहीं सड़कों पर समय से पहले हुए डायवर्जन ने आम जनता की परीक्षा ले ली।
दूसरी तरफ, गाजियाबाद पुलिस के एक सिपाही का रिश्वत लेते वीडियो वायरल होने से हड़कंप मचा है, तो इंदिरापुरम में जनता को जाम से राहत दिलाने के लिए बड़ा बुलडोजर एक्शन हुआ है। और अगर आप एलपीजी उपभोक्ता हैं, तो आपके बजट से जुड़ी भी एक बेहद जरूरी खबर है। तो चलिए इस लेख के जरिए इन 5 बड़ी खबरों की तरफ विस्तार से जानते हैं।
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गाजियाबाद की पहली खबर लोनी थाने से जहां तैनात हेड कांस्टेबल राजीव को 30,000 की रिश्वत लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) लोनी द्वारा की गई शुरुआती जांच के बाद अमल में लाई गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीनी मांझा खरीदने गए एक युवक (मन्नू) को पुलिस ने पकड़ा था। उसे अवैध रूप से थाने से छोड़ने के बदले 30,000 की वसूली की गई थी। सोशल मीडिया पर 41 सेकंड का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें हेड कांस्टेबल राजीव साफ तौर पर पैसे गिनते और अवैध वसूली करते हुए दिखाई दे रहा है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिसकर्मी अब उन्हें वीडियो सार्वजनिक करने पर झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेजने की धमकी भी दे रहे हैं। शिकायतकर्ता गौरव द्वारा 30 जुलाई को दी गई शिकायत और स्क्रीनशॉट के आधार पर ACP लोनी रामकिशन ने जांच बैठाई। शुरुआती जांच में दोषी पाए जाने पर सिपाही को सस्पेंड कर आगे की विभागीय रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय भेज दी गई है।
गाजियाबाद की दूसरी खबर विद्यार्थियों के लिए, कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) रविन्द्र कुमार मांदड़ ने 4 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक सभी स्कूल और कॉलेजों को बंद करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेसिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE) और मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूल पूरी तरह बंद रहेंगे। जिले के सभी डिग्री कॉलेज, यूनिवर्सिटी और निजी तकनीकी संस्थान भी इस अवधि में बंद रहेंगे। यदि किसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में पहले से निर्धारित (Pre-scheduled) परीक्षाएं हैं, तो वे अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी।
छात्रों की पढ़ाई का नुकसान रोकने के लिए प्रशासन ने इस दौरान ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने का विकल्प दिया है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले लाखों कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए जिले के प्रमुख मार्गों और मेरठ एक्सप्रेसवे पर रूट डायवर्जन लागू किया गया है।
सड़कों पर भारी भीड़ के कारण स्कूली वाहनों और बच्चों को आने-जाने में कोई असुविधा या सुरक्षा का खतरा न हो, इसलिए यह फैसला लिया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और इसका उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
गाजियाबाद की तीसरी बड़ी खबर यातायात से है, जहां कांवड़ यात्रा में शिवभक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने तय समय से दो दिन पहले ही दिल्ली-मेरठ रोड (NH-58) को वन-वे कर दिया है। इस अचानक हुए बदलाव और सड़कों पर कट बंद किए जाने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और लोग करीब 6 किलोमीटर लंबे भीषण जाम में घंटों जूझे।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि मूल योजना के अनुसार भारी डायवर्जन बाद में लागू होना था, लेकिन कांवड़ियों की भारी भीड़ के कारण पुलिस को समय से दो दिन पहले ही मेरठ से दिल्ली की तरफ आने वाली एक लेन को पूरी तरह आरक्षित करना पड़ा। गाजियाबाद के मेरठ रोड, मोरटा और राजनगर एक्सटेंशन के आसपास के इलाकों में गाड़ियां रेंगती नजर आईं। एकल सड़क (One-way) होने और वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण एम्बुलेंस जैसी आवश्यक सेवाएं भी जाम में फंसी रहीं।
कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए मेरठ तिराहा, राजनगर एक्सटेंशन चौराहा, दुहाई और बिसोखर समेत केवल कुछ प्रमुख यू-टर्न खुले रखे गए हैं। बाकी सभी छोटे कटों को बैरिकेडिंग करके पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे स्थानीय वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है।
गाजियाबाद की चौथी बड़ी खबर घरेलू बजट से है, जहां तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने सभी एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं के लिए 15 अगस्त 2026 तक आधार आधारित ई-केवाईसी (e-KYC) कराना अनिवार्य कर दिया है। यदि उपभोक्ता इस तय समय सीमा के भीतर अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा नहीं करते हैं, तो उन्हें घरेलू रियायती दरों पर सिलिंडर मिलना बंद हो जाएगा और उन्हें कमर्शियल या बिना सब्सिडी वाले महंगे दामों पर रसोई गैस खरीदनी पड़ेगी।
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, ई-केवाईसी न होने पर गैस कनेक्शन को अस्थाई रूप से गैर-घरेलू या बिना सब्सिडी वाली श्रेणी में डाला जा सकता है, जिससे सिलिंडर की कीमत काफी बढ़ जाएगी। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों और सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं की मिलने वाली नकद सब्सिडी तुरंत रोक दी जाएगी।
उपभोक्ता गैस एजेंसी के चक्कर काटे बिना अपने मोबाइल फोन से भी इसे 3 आसान तरीकों से पूरा कर सकते हैं। इंडेन (Indane) के ग्राहक ‘IndianOil ONE App’, भारत गैस के ग्राहक ‘Hello BPCL App’ और एचपी (HP) के ग्राहक ‘HP Pay App’ डाउनलोड कर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन कर सकते हैं।
ऐप में जाकर ‘Aadhaar Verification’ विकल्प चुनें और UIDAI के FaceRD App की मदद से अपना चेहरा स्कैन करके घर बैठे ई-केवाईसी सबमिट करें। उपभोक्ता अपनी नजदीकी गैस एजेंसी पर जाकर बायोमेट्रिक (अंगूठे का निशान) सत्यापन करा सकते हैं, या सिलिंडर की डिलीवरी के समय आने वाले हॉकर की मशीन से भी इसे मुफ्त में करवा सकते हैं।
गाजियाबाद की पांचवीं बड़ी खबर स्थानीय अव्यवस्था से है, जहां इंदिरापुरम इलाके में सड़कों और फुटपाथों पर अवैध रूप से किए गए कब्जे को हटाने के लिए पुलिस ने एक बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया है। दैनिक जागरण अखबार में इस समस्या की खबर प्रमुखता से छपने के बाद हरकत में आई स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम ने सड़क किनारे और पैदल चलने वाले रास्तों से अवैध कब्जे को पूरी तरह साफ करा दिया।
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, इंदिरापुरम के शक्ति खंड, न्याय खंड और अन्य प्रमुख रास्तों पर दुकानदारों, अवैध ठेलों, मोटर वर्कशॉप और कबाड़ की दुकानों ने फुटपाथों को पूरी तरह घेर रखा था। फुटपाथ बंद होने के कारण स्थानीय निवासियों, खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को सड़कों पर चलने का जोखिम उठाना पड़ रहा था।
इस वजह से सुबह और शाम के वक्त पूरे क्षेत्र में भारी ट्रैफिक जाम लग रहा था। स्थानीय लोग लंबे समय से इस अतिक्रमण की शिकायतें प्रशासनिक अधिकारियों से कर रहे थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही थी। मीडिया में मामला उठने के बाद पुलिस ने सोमवार को अभियान चलाया। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान स्थानीय पार्षद हरीश कड़ाकोटि भी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे ताकि दोबारा कब्जा न होने पाए।
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