3 लाख विद्यार्थी बताएंगे- कैसा हो अपना उत्तराखंड: CM धामी सीधे सुनेंगे युवाओं का विजन; 2800 स्कूल होंगे शाम… – Dainik Bhaskar

उत्तराखंड का अगला पांच साल कैसा हो, रोजगार कहां से आए, पर्यटन को कैसे नई उड़ान मिले और पढ़ाई-इलाज से लेकर सड़क-कनेक्टिविटी तक क्या बदले, अब इन सवालों के जवाब सिर्फ अफसर और विशेषज्ञ नहीं, बल्कि राज्य की नई पीढ़ी भी देगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 1
राज्य बनने के बाद जन्मी पीढ़ी बताएगी भविष्य का रोडमैप इस पहल की खास बात यह है कि इसमें शामिल विद्यार्थी वही पीढ़ी है, जिसका जन्म उत्तराखंड राज्य बनने के बाद हुआ है। यानी जिस उत्तराखंड को इन युवाओं ने देखा और समझा है, उसी के भविष्य को लेकर वे अपनी प्राथमिकताएं सरकार के सामने रखेंगे। सरकार ने विद्यार्थियों के सामने मूल सवाल रखा है “कैसा हो अपना उत्तराखंड?” विद्यार्थी हिंदी या अंग्रेजी में अपने सुझाव ऑनलाइन भेज सकेंगे। इनमें पर्यटन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, पर्यावरण और कनेक्टिविटी जैसे मुद्दे शामिल हैं।
24 अगस्त तक भेज सकेंगे सुझाव
विद्यार्थी अपने स्कूल के माध्यम से ऑनलाइन प्रविष्टियां जमा करेंगे। इसके लिए 24 अगस्त अंतिम तारीख तय की गई है। सुझाव सफलतापूर्वक जमा करने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को डिजिटल प्रमाणपत्र दिया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इस अभियान में 3 लाख से ज्यादा विद्यार्थी अपने विचार साझा करेंगे।
3 लाख सुझावों में से चुने जाएंगे 150 बेस्ट आइडिया सभी प्रविष्टियों में से करीब 150 उत्कृष्ट सुझावों का चयन किया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों की टीम बनाई गई है। चयनित विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री धामी के साथ सीधे संवाद का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री इन विद्यार्थियों से आमने-सामने बैठकर उनके सुझावों पर चर्चा करेंगे। इस दौरान संबंधित विभागों के सचिव भी मौजूद रहेंगे। यानी किसी छात्र का सुझाव व्यावहारिक और उपयोगी पाया गया तो उसे संबंधित विभाग की नीति या विकास योजना में शामिल करने की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। सीएम बोले- नई पीढ़ी की सोच को नीति निर्माण से जोड़ना जरूरी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार संवाद की संस्कृति को प्राथमिकता देती रही है। उनके मुताबिक राज्य गठन के बाद जन्मी पीढ़ी की सोच, अपेक्षाएं और तकनीक को देखने का नजरिया पहले की पीढ़ियों से अलग है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी की बात सुनना और उनकी सोच को समझना जरूरी है। नई सोच और नई तकनीक के साथ ही उत्तराखंड देश और दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सकता है। क्यों अहम है यह पहल? उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य के लिए रोजगार, पलायन, पर्यटन, पर्यावरण और कनेक्टिविटी लंबे समय से बड़े मुद्दे रहे हैं। ऐसे में सरकार का सीधे स्कूल-कॉलेज की नई पीढ़ी से सुझाव लेना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही युवा अगले कुछ वर्षों में राज्य के रोजगार, उद्यम, प्रशासन और सामाजिक विकास के प्रमुख भागीदार होंगे। यानी इस बार उत्तराखंड का विजन सिर्फ सरकारी फाइलों में नहीं बनेगा, बल्कि स्कूल की कक्षा से निकले सुझाव भी उसमें शामिल होंगे।
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