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बिहार के मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने आधी रात को बाहुबली और जेडीयू के प्रत्याशी अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. ये कार्रवाई रात के करीब 1 से 2 बजे के बीच की गई. दुलारचंद के पोते की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में अनंत सिंह को इस हत्याकांड का आरोपी बनाया गया है. अब उनकी गिरफ्तारी के बाद मोकामा से लेकर पटना तक हलचल मची हुई है.
आधी रात को अनंत सिंह की गिरफ्तारी
पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा रात तकरीबन 11:10 बजे बाढ़ के कारगिल मार्केट पहुंचे जिसके बाद उन्होंने अनंत सिंह से बात की. दोनों के बीच करीब 35 मिनट तक ये बातचीत चली जिसके बाद 11:45 बजे अनंत सिंह को लेकर एसएसपी बाढ़ से निकले और पटना पहुंचे. इसके बाद रात एक बजे यह खबर आई की पटना में एसएसपी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. फिर पटना के डीएम प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए 1:30 बजे वहां पहुंच गए.
एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताई पूरी कहानी
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इसको लेकर पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि इस मामले में रात में अनंत सिंह समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और लगातार छापेमारी चल रही है. एसएसपी ने बताया कि शुरुआती जांच के बाद पता चला है कि दोनों पक्षों के समर्थकों के आमने-सामने आ जाने की वजह यह घटना हुई. दोनों पक्षों के लोगों में पत्थरबाजी और मारपीट हुई जिसमें दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई. उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई में शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाते वक्त जो घटना हुई थी उसे भी जोड़ा गया है.
एसएसपी ने बताया कि इस हत्या के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिसमें अनंत सिंह, मणिकांत ठाकुर और एक अन्य व्यक्ति शामिल है. पुलिस ने अपनी जांच में यह भी पाया की अनंत सिंह अपने अन्य सहयोगियों के साथ घटना के वक्त वहां मौजूद थे.
80 अन्य लोग भी गिरफ्तार
वहीं इस मामले में कुल 80 लोगों को पकड़ा गया है. उन्होंने कहा कि दुलारचंद यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चला है कि मारपीट में हर्ट और फेफड़े में अत्यधिक चोट आने की वजह से उनकी मौत हो गई. उनके टखने में गोली भी लगी थी. एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने साफ कर दिया कि अभी जांच चल रही है और इसमें और भी लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है.
पत्थरों की भी होगी जांच
दुलारचंद यादव की हत्या के बाद बिहार में सियासी पारा चढ़ने के बाद इस केस की जांच सीआईडी को सौंप दी गई है. मोकामा के टाल इलाके में हिंसा के दौरान जिन पत्थरों का इस्तेमाल किया गया था उनका भी सैंपल लिया गया है. आमौतर पर इन पत्थरों का इस्तेमाल रेलवे ट्रैक पर किया जाता है. इस मामले में चुनाव आयोग ने बिहार के डीजीपी से रिपोर्ट मांगी है जिसके बाद कार्रवाई और तेज कर दी गई है.
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