मेरठ ब्यूरो। लोकसभा चुनाव में बीजेपी तमाम दावों के बावजूद भी 400 पार सीटों तक नहीं पहुंच पाई थी, लेकिन अब लहसुन के दाम जरूर 400 पार तक पहुंच गए हैं। शादियों और सर्दियों के सीजन की शुरुआत होते ही लहसुन आम आदमी की पहुुं़ुच से दूर होते हुए वीवीआईपी की कैटेगरी में आ चुका है। स्थिति यह है कि हर सप्ताह लहसुन के दाम में इजाफा हो रहा है जिसके चलते लहसून 400 रुपए तक पहुंच चुका है। सप्ताह भर में ही लहसुन के रेट में थोक में 50 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी हो चुकी है। दो माह में यह तीसरी बार बढ़ोतरी है और नया लहसुन आने तक दाम में यह तेजी जारी रहेगी।
जमाखोरी ने बढ़ा दिए दाम
गौरतलब है कि दो महीने पहले थोक में 200 रुपये किलो बिकने वाला लहसुन वर्तमान में 350 से 400 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है। लहसुन के रेट में लगातार तेजी जारी है जिसके चलते दो महीने में लहसुन में रेट में 75 प्रतिशत तक तेजी आ चुकी है। मंडी के आढ़ती इसके पीछे बड़े कारोबारियों की जमाखोरी को कारण बता रहे हैं। उनका कहना है कि शादियों का सीजन होने से डिमांड बढ़ गई इसके अलावा पैदावार कम होने से भी सब्जियां महंगी मिल रही हैं।
मैरिज सीजन में बढ़ी डिमांड
जानकारों की मानें तो वेडिंग सीजन में अधिक डिमांड के चलते लहसुन के रेट अभी और बढ़ सकते हैं। मंडी विशेषज्ञों के अनुसार दो माह पूर्व थोक में लहसुन 200 रुपये प्रति किलो था। रेट बढऩे शुरू हुए और पिछले सप्ताह तक लहसुन 300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था। मात्र एक सप्ताह में ही फिर से रेट बढ़े और फिलहाल में थोक में लहसुन का रेट 350 और फुटकर में 400 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। अभी नए लहसुन में आने में दो माह का समय बाकि है। ऐसे में जानकारों के अनुसार लहसुन के रेट में अभी और भी तेजी आ सकती है। वहीं दूसरी तरफ शादियों का सीजन चल रहा है। ऐसे में बिना लहसून के तडक़े के सब्जियों में स्वाद भी बिगड़ सकता है।
गोभी में पांच गुना का उछाल
वही वेडिंग सीजन में सब्जी की बढ़ती मांग का असर गोभी पर दिखाई दे रहा है। गोभी के रेट में पांच गुने का उछाल आया है। पिछले माह जहां गोभी थोक में 10 रुपये प्रति किलो बिक रही थी। वहीं अब गोभी थोक में 50 रुपये प्रति किलो बिकी है। साथ ही टमाटर और प्याज 60 रुपये किलो तक बिक रहे हैं।
सब्जी एक माह पुराने और नए भाव
सब्जी पहले दाम अब दाम
लहसुन – 360 400
प्याज – 50 60
अदरख- 50 60
गोभी- 30 50
बंदगोभी – 45 40
मटर – 70 80
बैंगन- 30 40
टमाटर- 50 60
पालक- 20 30
भिंडी- 60 80
गाजर- 25 35
(दाम रुपये प्रति किलो )
इस बार हरी सब्जियों की पैदावार कम हुई है। कम मात्रा में सब्जी मंडी तक पहुंच रही है। जिसका असर लहसून के दाम पर पड़ रहा है।
– पदम सैनी, अध्यक्ष नवीन सब्जी मंडी
ठंड में सब्जियां जल्दी खराब नहीं होती हैं। इसलिए कई कारोबारी सब्जियो की जमाखोरी कर देते हैं और रेट बढऩे पर बेचते हैं।
– सुभाष, सब्जी विक्रेता
शादियों के सीजन में डिमांड अधिक होने का असर कई सब्जियों के दाम पर पड़ता ही है। हालांकि इस बाद लहसुन की शार्टेज अधिक है इसलिए दाम भी अधिक बढ़ रहे हैें।
– भूषण शर्मा, आढ़ती
Copyright © 2024. All Rights Reserved