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चेक बाउंस के मामले में बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. हाईकोर्ट द्वारा मिली तीन महीने की सजा और साढे़ सात करोड़ रुपये लौटाने के आदेश के खिलाफ दायर इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए बड़ी शर्त सामने रखी है.
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि अगर राजपाल यादव कल तक कोर्ट की रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपये जमा करा देते हैं, तो उन्हें फिलहाल जेल नहीं जाना पड़ेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने दी मोहलत
मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक्टर राजपाल यादव के सामने राहत पाने की एक सख्त शर्त रखी है. अदालत के निर्देशानुसार, यदि वह कल यानी 9 सितंबर तक रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपये की राशि जमा करवा देते हैं, तो उन्हें हिरासत में नहीं लिया जाएगा. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव की याचिका पर दूसरे पक्ष को नोटिस जारी कर उनका रुख मांगा है. अब इस पूरे मामले पर अगली सुनवाई 15 सितंबर को तय की गई है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनाई सजा
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने इस चेक बाउंस केस में राजपाल यादव को तगड़ा झटका दिया था. हाईकोर्ट ने उन्हें शिकायतकर्ता को करीब 7.5 करोड़ रुपये लौटाने का फरमान सुनाया था. इतना ही नहीं, भुगतान न करने की स्थिति में अदालत ने एक्टर को तीन महीने की जेल की सजा भी सुनाई थी. हालांकि, फैसले के तुरंत बाद हाईकोर्ट ने उन्हें ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए दो महीने की मोहलत दे दी थी.
क्या फिर जेल जाएंगे राजपाल?
हाईकोर्ट द्वारा राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए दी गई दो महीने की समयसीमा 10 सितंबर को समाप्त हो रही थी. अगर इस तारीख से पहले एक्टर को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिलती, तो उन्हें तीन महीने की सजा काटने के लिए जेल जाना पड़ सकता था. हालांकि इसके लिए उन्हें कल तक 5 करोड़ रुपये का इंतजाम करना होगा.
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