Myanmmar President India Visit: म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए शनिवार से भारत की पांच दिवसीय यात्रा पर रहेंगे. इस दौरान व्यापार और रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को बढ़ावा देने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया जाएगा.
दिसंबर से जनवरी तक पड़ोसी देश में हुए संसदीय चुनाव के बाद म्यांमार से भारत की यह पहली हाईलेवल यात्रा है. म्यांमार के राष्ट्रपति को एक जून को इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आना था. शिखर सम्मेलन स्थगित होने के कारण उनकी यात्रा फिर से निर्धारित की गई.
पीएम मोदी से भी होगी म्यांमार के राष्ट्रपति की मुलाकात
विदेश मंत्रालय ने कहा कि उनके साथ कई कैबिनेट मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और व्यापारिक नेताओं सहित एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी होगा. इसने कहा कि राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग एक जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे.
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मंत्रालय ने कहा कि इस यात्रा के तहत राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 मई को बोधगया और 2 जून को मुंबई की यात्रा करेंगे. जहां वह व्यापार और उद्योग जगत से बातचीत करेंगे तथा विभिन्न स्थलों का दौरा करेंगे. इसने कहा कि राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की भारत की आधिकारिक यात्रा से दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों को और अधिक मजबूती एवं गहराई मिलने की उम्मीद है.
म्यांमार और भारत के बीच सदियों पुराना यराना
भारत और म्यांमार के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंध हैं. म्यांमार भारत का एक महत्वपूर्ण पड़ोसी देश है. इसके साथ ही भारत म्यांमार के साथ 1643 KM लंबी जमीनी बॉर्डर और बंगाल की खाड़ी में समुद्री बॉर्डर साझा करता है. भारत के लिए म्यांमार एक्ट ईस्ट और नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी का एंट्री गेट माना जाता रहा है.
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Source: IOCL
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