NCERT Book: प्राइवेट स्कूलों में हो रही मनमानी के खिलाफ ZEE NEWS ने मुहिम चलाई है. जब ZEE NEWS की टीम स्कूलों में पहुंची तो ये पता चला कि किताबें 10 गुना ज्यादा दाम पर बेची जा रही हैं. ड्रेस के भी दाम काफी ज्यादा वसूले जा रहे हैं.
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NCERT Book: प्राइवेट स्कूल बिजनेस का नया जरिया बन गए हैं. इन स्कूलों मेंसिर्फ महंगी किताब के नाम पर ही लूट नहीं हो रही है. बल्कि स्कूल यूनिफॉर्म के नाम पर भी अभिभावकों की जेब काटी जा रही है. ZEE NEWS प्राइवेट स्कूलों में किताब के नाम पर होने वाली मुनाफाखोरी और धोखाधड़ी को EXPOSE कर रहा है. क्या आपने ये सोचा है कि किताब के नाम पर प्राइवेट स्कूल वाले, आपसे 10 गुना ज्यादा वसूली कर रहे हैं. नए सत्र की शुरुआत हो गई है. जब जी न्यूज देश के स्कूलों में पहुंचा तो वहां पाया कि किताबें 10 गुना से ज्यादा दामों पर बेची जा रही हैं.
स्कूल प्रबंधन डाल रहा दबाव
किताबों में हो रही मुनाफाखोरी की पड़ताल करने जब जी न्यूज मध्य प्रदेश के भोपाल के सेंट जॉर्ज स्कूल पहुंचा तो पाया कि जो लिस्ट किताबों की बच्चों के परिजनों को दी गई है उसमें सिर्फ एक किताब NCRT की है, बाकि अन्य किताबें प्राइवेट पब्लिशर्स की हैं. बच्चों को जो किताबें खरीदनी है उसके दाम कुल मिलाकर 6053 रुपए हैं. इसके अलावा यहां पर यूनिफॅार्म की कीमत 1600 रुपए है. स्कूल प्रबंधन अपने मनपसंद जगहों से इन्हें खरीदने का दबाव भी डाल रहा है.
10 गुना से ज्यादा कीमत
यही आलम बिहार के पटना में भी देखने को मिल रहा है. यहां पर भी निजी स्कूलों में पेरेंट्स को महंगी किताबें मिल रही हैं. यहां पर 65 रुपए की किताब 699 रुपए में मिल रही है. इसके अलावा फीस में भी काफी बढ़ोतरी हुई है. स्कूल में प्राइवेट प्रकाशन का बोलबाला है. स्कूलों की इस मनमानी की वजह से परिजन परेशान भी हैं.
स्कूलों ने खोजा रास्ता
CBSE से मान्यता प्राप्त स्कूलों के लिए पहली से 12वीं क्लास तक NCERT तय सिलेबस के मुताबिक, किताबें प्रकाशित करती है. सरकारी स्कूलों में NCERT की किताबें ही पढ़ाई जाती है, लेकिन प्राइवेट स्कूलों ने मुनाफे के लिए एक चोर दरवाजा खोज लिया. प्राइवेट स्कूलों में सिलेबस तो NCERT का होता है. NCERT की किताबों का सेट भी छात्रों को दिया जाता है, लेकिन उसके साथ ही छात्रों को प्राइवेट पब्लिशर्स की किताब भी जबरन थमा दी जाती हैं.
दिल्ली में जारी हुआ नोटिस
जी न्यूज ने प्राइवेट स्कूलों में हो रही अवैध वसूली के खिलाफ मुहिम चलाई तो इसके बाद सिस्टम जाग गया. अब अब दिल्ली सरकार ने प्राइवेट स्कूलों को नोटिस जारी किया है, जिसमें स्कूलों को नजदीक की कम से कम पांच दुकानें बताने को कहा गया है, जहां से मां-बाप सामान खरीद सकते हैं. अब स्कूल यूनिफार्म का कलर और डिजाइन कम से कम 3 साल से पहले चेंज नहीं कर सकता है. स्कूल को अपने यहां और वेबसाइट पर भी पूरे सामान की सूची को स्पष्ट करना होगा. अगर कोई स्कूल इन नियमों का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए हेल्पलाइन नंबर और अधिकारी भी तय कर दिया गया है.
(ये भी पढ़ें: DNA: किताबों से लेकर यूनिफॉर्म को कैसे प्राइवेट स्कूलों ने बनाया कमाई का हथियार, ZEE NEWS का अभियान, DNA ने किया एक्सपोज)
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Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2023 से (Zee Media) से हुआ. डिजिटल डेस्क पर खबरें लिखने के लिए अलावा साहित्य से भी गहरा नाता है. खबरों के अल…और पढ़ें
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