जयपुर में आयोजित ‘अमृत महोत्सव उद्घोष’ कार्यक्रम के दौरान राजस्थान विधानसभा के नए आधिकारिक प्रतीक चिन्ह का विधिवत विमोचन किया गया। इस अवसर पर विधानसभा परिसर के विभिन्न ऐतिहासिक द्वारों का नामकरण भी किया गया। समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
नए लोगो में राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक पहचान और लोकतांत्रिक मूल्यों का समावेश किया गया है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की कल्पना से तैयार इस प्रतीक चिन्ह में ‘खेजड़ी’ और ‘ऊंट’ को प्रमुखता से शामिल किया गया है, जो मरुधरा की पहचान को दर्शाते हैं।
राज्य वृक्ष ‘खेजड़ी’ को राजस्थान का कल्पवृक्ष माना जाता है। यह वृक्ष कठिन जलवायु परिस्थितियों में भी जीवन बनाए रखने की क्षमता का प्रतीक है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संतुलन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। नए लोगो में खेजड़ी को शामिल कर राज्य की पर्यावरणीय विरासत को सम्मान दिया गया है।
‘रेगिस्तान का जहाज’ कहे जाने वाले ऊंट को भी प्रतीक चिन्ह में विशेष स्थान दिया गया है। ऊंट राजस्थान की जीवटता, धैर्य और संघर्षशीलता का प्रतीक है। यह सदियों से व्यापार, परिवहन और युद्ध अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।
बीकानेर रियासत के महाराजा गंगा सिंह द्वारा गठित ‘गंगा रिसाला’ ऊंट सेना ने प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में अपनी बहादुरी का लोहा मनवाया था। यह उदाहरण ऊंट की ऐतिहासिक और सैन्य उपयोगिता को दर्शाता है।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने राजस्थान की प्राचीन लोकतांत्रिक परंपराओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र की जड़ें प्राचीन काल से ही मजबूत रही हैं।
राज्यपाल ने जवाहरलाल नेहरू की प्रसिद्ध पुस्तक The Discovery of India का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं सदियों पहले से अस्तित्व में रही हैं।
उन्होंने बताया कि आजादी से पहले, वर्ष 1913 में बीकानेर रियासत में ‘प्रतिनिधि सभा’ का गठन हुआ था, जहां बैलेट पेपर के माध्यम से मतदान कराया जाता था। यह उस समय की उन्नत लोकतांत्रिक सोच का प्रमाण है।
कार्यक्रम के दौरान विधानसभा के 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को भी याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह नया लोगो राजस्थान की संस्कृति, इतिहास और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।
सचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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