डोनल्ड ट्रंप 80 साल के हो गए हैं, लेकिन वे दुनिया के सबसे उम्रदराज नेता नहीं हैं। प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट के अनुसार, 16 राष्ट्रप्रमुख उनसे भी बड़ …और पढ़ें
डोनल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
डोनल्ड ट्रंप 80 वर्ष के हुए, अमेरिकी इतिहास में दूसरे राष्ट्रपति।
कैमरून के पॉल बिया 93 साल, दुनिया के सबसे बुजुर्ग नेता।
दुनिया के 16 राष्ट्रप्रमुख डोनल्ड ट्रंप से भी अधिक उम्र के।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप हाल ही में 14 जून को 80 साल के हो गए हैं। इसके साथ ही वे अमेरिकी इतिहास में राष्ट्रपति पद पर रहते हुए 80 वर्ष की उम्र छूने वाले देश के दूसरे नेता बन गए हैं। उनसे पहले पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन ने नवंबर 2022 में पद पर रहते हुए अपना 80वां जन्मदिन मनाया था।
इस उम्र के पड़ाव पर पहुंचकर ट्रंप भले ही दुनिया के सबसे उम्रदराज नेताओं की कतार में शामिल हो गए हों, लेकिन वे दुनिया के सबसे बुजुर्ग शासक नहीं हैं। ‘प्यू रिसर्च सेंटर’ की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र (UN) के 186 देशों के नेताओं में से 16 राष्ट्रप्रमुख ऐसे हैं जो उम्र के मामले में ट्रंप से भी काफी बड़े हैं।
ट्रंप 91 प्रतिशत नेताओं से उम्र में बड़े
मजेदार बात यह है कि ‘प्यू रिसर्च सेंटर’ की यह रिपोर्ट दिलचस्प आंकड़े सामने लाती है, जिसके अनुसार डोनल्ड ट्रंप दुनिया के करीब 91 प्रतिशत राष्ट्रीय नेताओं से उम्र में बड़े हैं, जबकि दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों की औसत उम्र महज 63 साल है। ऐसे में अगर दुनिया के सबसे बुजुर्ग मौजूदा नेता की बात करें, तो यह रिकॉर्ड कैमरून के राष्ट्रपति पॉल बिया के नाम है।
पॉल बिया की उम्र 93 साल है और वे साल 1982 से लगातार अपने देश की सत्ता संभाल रहे हैं। उनके बाद दूसरे नंबर पर सऊदी अरब के राजा सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद आते हैं, जिनकी उम्र 90 साल है और वे साल 2015 से देश के शासक बने हुए हैं।
‘प्यू रिसर्च सेंटर’ के जून 2026 तक के आंकड़ों के आधार पर दुनिया के शीर्ष 16 सबसे उम्रदराज राष्ट्रप्रमुखों की सूची कुछ इस प्रकार है।
सबसे युवा नेपाल के पीएम, फिर पॉल शीर्ष पर
रिपोर्ट के मुताबिक, कैमरून के राष्ट्रपति पॉल बिया 93 वर्ष की आयु के साथ दुनिया के सबसे बुजुर्ग नेता हैं। उनके अलावा 63 वर्ष की आयु पार कर चुके प्रमुख वैश्विक नेताओं में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (75 वर्ष), रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (73 वर्ष) और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (72 वर्ष) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप 80 (वर्ष) शामिल हैं।
दूसरी तरफ, दुनिया के सबसे युवा नेताओं की बात करें तो इसमें नेपाल के बालेन शाह (36 वर्ष) सबसे आगे हैं, जिनके बाद यूक्रेन के वोलोदिमिर जेलेंस्की (48 वर्ष) और कनाडा के मार्क कार्नी (61 वर्ष) का नाम आता है।
रिपोर्ट के विश्लेषण से यह भी पता चलता है कि दुनिया के सबसे अधिक उम्र वाले नेताओं में सबसे बड़ी संख्या अफ्रीकी देशों के प्रमुखों की है। इनमें युगांडा, इक्वेटोरियल गिनी, मलावी, आइवरी कोस्ट, जिम्बाब्वे और रिपब्लिक ऑफ कांगो जैसे देशों के नाम शामिल हैं।
उदाहरण के तौर पर, युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी की उम्र इस समय 82 साल है और वे पिछले करीब 40 वर्षों से सत्ता में डटे हुए हैं। इसी तरह, इक्वेटोरियल गिनी के राष्ट्रपति तेओदोरो ओबियांग न्गुएमा म्बासोगो दुनिया में सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले नेताओं में गिने जाते हैं, जो साल 1979 से लगातार अपने देश पर राज कर रहे हैं।
उमदराज नेतृत्व का गंभीर पहलू भी समझिए
गौरतलब है कि इस उम्रदराज नेतृत्व का एक दूसरा और गंभीर पहलू भी इस रिपोर्ट में उजागर हुआ है। दुनिया के दस सबसे बुजुर्ग नेताओं में से 7 नेता ऐसे देशों का नेतृत्व कर रहे हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘फ्रीडम हाउस’ ने ‘नॉट फ्री’ यानी ‘स्वतंत्र नहीं’ की श्रेणी में रखा है। इसका सीधा मतलब यह है कि इन देशों में आम जनता की लोकतांत्रिक स्वतंत्रता और राजनीतिक अधिकार बेहद सीमित हैं।
खुद डोनल्ड ट्रंप से ज्यादा उम्र वाले दुनिया के 16 नेताओं में से करीब आधे इसी श्रेणी वाले देशों पर शासन कर रहे हैं। इस ट्रेंड ने वैश्विक स्तर पर एक बार फिर इस बहस को छेड़ दिया है कि क्या किसी नेता का बहुत लंबे समय तक सत्ता में बने रहना देश की लोकतांत्रिक जवाबदेही और आजादी को कमजोर करता है।