8046KM लंबी प्रचंड गर्मी की लहर ने मचाया था हड़कंप, क्या 149 साल बाद फिर पड़ेगा सूखा फैलेगी महामारी और दम तोड़ेंगे लोग? – News24 Hindi

—विज्ञापन—
भविष्यवाणी के अनुसार, प्रशांत महासागर में इस बार 8046 किलोमीटर लंबी गर्मी की प्रचंड लहर फैल चुकी है, जो मेगा एल नीनो को और ज्यादा मजबूत और ताकतवर बना रही है। मौसम वैज्ञानिकों ने पूरी दुनिया को चेतावनी दी है कि साल 2026-27 में भीषण और भयानक गर्मी पड़ेगी। मानसून सामान्य से भी कमजोर रहने के कारण सूखा पड़ेगा, फसलों को नुकसान पहुंचेगा। महामारियां फैलने से लोगों की जान को खतरा हो सकता है।
प्रशांत महासागर भीषण गर्मी से तप रहा है, जिस वजह से वर्ष 1877 वाला सबसे ताकतवर एल नीनो बन रहा है। उस साल पूरी दुनिया में गर्मी की प्रचंड लहरें चली थीं। सूखे और महामारी ने 4 प्रतिशत आबादी की जान ले ली थी। वैसी ही गर्मी साल 2026 में पड़ने की भविष्यवाणी है। गर्मी और नमी बढ़ने से पश्चिम एशिया के देशों में गर्मी की लहरें भयानक और प्रचंड हो सकती हैं। 140 से ज्यादा वर्ष बाद गर्मी का सबसे ताकतवर पैटर्न बनेगा।
एल नीनो प्राकृतिक मौसमी घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर का पानी असामान्य तरीके से गर्म हो जाता है। सामान्य एल नीनो हर 2-7 साल में एक्टिव होता है, लेकिन इस बार का एल नीनो मेगा हो सकता है। जिसकी वजह समुद्र की गर्मी, पॉजिटिव पैसिफिक मेरिडियनल मोड और गर्म दक्षिणी हवाएं हैं। प्रशांत महासागर में 8046 KM लंबी गर्मी की लहर माइक्रोनेशिया से शुरू होकर कैलिफोर्निया तक फैल चुकी है, जहां इसे ‘द ब्लॉब’ कहा जाता है।
NOAA की रिपोर्ट के अनुसार, कैलिफोर्निया में समुद्री सतह का तापमान रिकॉर्ड लेवल का गर्म होता है। जिसमें समुद्री जीव-जंतु भीषण गर्मी की चपेट में हैं। 1877 का एल नीनो इतिहास का सबसे विनाशकारी मौसमी सीजन रहा था। वैज्ञानिकों के अनुसार, साल 2026 का एल नीनो उससे ताकतवर हो सकता है। वैज्ञानिकों की हार्ट पल्पिटेशंस कह रही हैं कि अगर सुपर एल नीनो बना तो 2027 में वैश्विक तापमान नए रिकॉर्ड तोड़ सकता है।
बता दें कि साल 2026 के एल नीनो का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, मध्य अफ्रीका, भारत और अमेजन के जंगलों में सूखा पड़ सकता है। भयंकर गर्मी पड़ने आग लगने का खतरा बढ़ेगा। दक्षिण अमेरिका में भारी बारिश और बाढ़ का दौर रहेगा तो उत्तरी अमेरिका भीषण गर्मी की चपेट में रहेगा। उत्तर अमेरिका से सटे दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी सूखा पड़ेगा। एशिया और अफ्रीका के कई देशों में फसलें सूख जाएंगी। समुद्री गर्मी की लहर से तूफान और भारी बारिश होने की संभावना बढ़ेगी, यानी इस बार एल नीनो के कारण दुनिया में गर्मी और बारिश दोनों तबाही मच सकती हैं।
बता दें कि भारत में एल नीनो का असर सबसे ज्यादा पड़ेगा। वैज्ञानिकों के अनुसार, भारत में इस बार गर्मी सामान्य से ज्यादा पड़ेगी। तापमान सारे रिकॉर्ड तोड़ेगा। दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान अप्रैल में ही 40 डिग्री पार हो चुका है। प्री-मानसून कमजोर रहने से गर्मी और तेज होगी। जून से सितंबर तक मानसून कमजोर रहने से सूखा पड़ने का खतरा बढ़ेगा। उत्तर-पश्चिम भारत में सूखे का संकट गहरा सकता है। फसलें कम हो सकती हैं या सूख सकती हैं। नमी ज्यादा होने से गर्मी और उमस महसूस होगी। इसलिए इस बार सरकार के साथ-साथ लोगों को भी सतर्क रहना होगा।
न्यूज 24 पर पढ़ें , राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।
—विज्ञापन—
—विज्ञापन—
B.A.G Convergence Limited
Film City, Sector 16A, Noida, Uttar Pradesh 201301
Phone: 0120 – 4602424/6652424
Email: info@bagnetwork.in

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News