'पीड़ित नहीं जन्मदाता है', आतंकवाद के मुद्दे पर भारत ने पाकिस्तान को मारा झन्नाटेदार थप्पड़ – Jagran

कृपया धैर्य रखें।
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि आतंकवाद के अपराधी पाकिस्तान और पीड़ित भारत को एक समान नहीं माना जा सकता। सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह स्पष्ट संदेश दिया है। चीन के विदेश मंत्री के साथ सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाया गया। भारत ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों का समाधान बातचीत से चाहता है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सरकार ने फिर स्पष्ट किया है कि आतंकवाद के अपराधी पाकिस्तान की तुलना आतंकवाद पीड़ित भारत से नहीं हो सकती।
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में प्रश्नों के लिखित उत्तर में कहा, भारत ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद के अपराधी, पाकिस्तान और सीमा पार आतंकवाद के पीड़ित भारत को एक ही तराजू पर नहीं तौला जा सकता। यह स्पष्ट संदेश पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद लगातार दोहराया गया है।

मंत्री ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर के बाद सर्वदलीय सात प्रतिनिधिमंडलों ने विभिन्न देशों में जाकर इस बात को जोरदार तरीके से रखा और आतंकवाद के सभी रूपों से निपटने के लिए भारत की मजबूत राष्ट्रीय सहमति और दृढ़ दृष्टिकोण को प्रदर्शित किया। हाल ही में भारत आए चीन के विदेश मंत्री के साथ भी सीमा पार आतंकवाद समेत आतंकवाद के सभी रूपों का मुद्दा उठाया गया।

मंत्री ने कहा, मजबूत लोकतंत्र, आर्थिक प्रगति, सैन्य शक्ति, तकनीकी कौशल, विरासत, और वैश्विक मुद्दों को लेकर भारत के योगदान को वैश्विक समुदाय मान्यता देता है। सरकार लक्षित कूटनीति पहलों के जरिये भारत के संदेश को पूरी दुनिया तक पहुंचाती है और वैश्विक मामलों में भारत की आवाज को और मजबूत करने के लिए सभी प्रयास करती है। सुरक्षा और राष्ट्रीय हित पर प्रभाव डालने वाले सभी घटनाक्रमों पर भारत लगातार नजर रखता है और इस संबंध में सभी आवश्यक कदम उठाता है।

अन्य प्रश्न के उत्तर में कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा, भारत लगातार कहता रहा है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित मुद्दों को बातचीत और कूटनीति से हल किया जाना चाहिए। भारत ने परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के ईरान के अधिकार को मान्यता दी है।
मंत्री ने यह भी कहा कि भारत संयुक्त व्यापक कार्य योजना और प्रासंगिक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्तावों के पूर्ण और प्रभावी कार्यान्वयन का समर्थन करता है।

मंत्री ने कहा कि 2024 और 2025 में भारत और ईरान के बीच नियमित संपर्क बना रहा। 13 जून को भारत ने बयान में ईरान और इजरायल के बीच के घटनाक्रम पर चिंता जताई थी। भारत ने दोनों पक्षों से तनाव कम करने के लिए बातचीत और कूटनीति के मौजूदा माध्यमों का उपयोग करने का भी आह्वान किया था और दोनों देशों के साथ अपने घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंधों को देखते हुए हर संभव सहायता की पेशकश की थी।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

ये भी पढ़ें: पाकिस्तान में उड़ने लगे चीन के होश, खतरे में खरबों रुपये का CPEC प्रोजेक्ट; बलूचिस्तान के डर से कर दी ये डिमांड

'वे हमें गोलियों से भूनते रहे और हम उन्हें बिरयानी खिलाने चले', संसद में विपक्ष पर जमकर बरसे जेपी नड्डा
Punjab News: आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, BKI के तीन गुर्गे गिरफ्तार; पिस्तौल और हैंड ग्रेनेड बरामद
भारत की बड़ी जीत, FATF की रिपोर्ट में पहली बार स्टेट स्पॉन्सर्ड टेररिज्म को मिली जगह; जानिए कैसे बेनकाब हुआ पाक
'पता नहीं मसूद अजहर कहां है', आतंकियों के प्रेमी बिलावल भुट्टो का बड़ा बयान; बोले- शायद अफगानिस्तान में हो

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News