Chamoli Cloudburst News : चमोली के थराली में बादल फटने से हाहाकार, मकानों में घुसा मलबा, खराब मौसम रेस्क्यू… – News18 Hindi

चमोली के DM संदीप तिवारी ने बताया कि हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और एक लापता है. बिजली बहाल कर दी गई है, मोबाइल कनेक्टिविटी बहाल कर दी गई है. अस्पताल में सभी सुविधाएं हैं. अगर बारिश नहीं हुई तो स्थिति जल्द ही सामान्य हो जाएगी. राज्य सरकार ने राहत कार्य के लिए काफी मदद भेजी है. SDRF, NDRF, ITBP, सशस्त्र सीमा बल सभी यहां मौजूद हैं, राजस्व और पुलिस की टीमें पर्याप्त बल भी मौजूद हैं. राहत कार्य अच्छी गति से चल रहा है. एक व्यक्ति लापता है, उसकी तलाश जारी है. राहत शिविर भी बनाए गए हैं, वहां सभी व्यवस्थाएं की गई हैं.
चमोली के थराली में बादल फटने के बाद कुछ लोग दुकानों के अंदर फंस गए थे. रात को कुछ लोगों ने जान जोखिम में डालकर एक दूसरे की मदद की. शुक्रवार रात को अचानक अफरातफरी में लोग जगह-जगह फंस गए. बादल फटने के बाद लोग रात को ही अपने घरों को खाली करके इधर-उधर भागे थे.
उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाइवे जंगल चट्टी में लगभग 200 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से यातायात बाधित हो गया है. बारिश ने सड़कों को काफी नुकसान पहुंचाया है. जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंच कर मार्ग से मलबा हटाने और वायरक्रेट के माध्यम से सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कर जल्द से जल्द आवाजाही सुचारू करने के निर्देश दिए हैं. क्षतिग्रस्त मार्ग को ठीक करने के लिए मौके पर एक पोकलेन और एक जेसीबी तैनात है. जनपद में 30 से ज्यादा ग्रामीण मोटरमार्ग बंद हैं.
उत्तराखंड के थराली क्षेत्र में अर्ली मॉर्निंग लैंडस्लाइड और मडस्लाइड की घटना सामने आई. जानकारी के अनुसार मलबे में दो लोग दब गए, जिनमें से एक लड़की का शव बरामद हुआ है. मौके पर एसडीआरएफ, लोकल पुलिस, डीडीआरएफ और तहसील रेवेन्यू की टीम राहत व बचाव कार्य में लगी हैं. मलबा हटाने के लिए पांच जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं. प्रभावित इलाके से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है. प्रशासन ने खाने-पीने की सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई है. मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने बताया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है.
चमोली जिले के थराली में बादल फटने से भारी तबाही हुई है. आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि 20 से 25 भवनों को मलबे से नुकसान पहुंचा है, जिनमें दो मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए. इस हादसे में एक महिला का शव बरामद हुआ है, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है. आपदा में पाँच लोग घायल हुए हैं, जिन्हें एयरलिफ्ट कर हायर सेंटर भेजने की कोशिश की जा रही है, लेकिन खराब मौसम राहत-बचाव कार्य में बड़ी बाधा बन रहा है. सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है.
चमोली थराली में बादल फटने के बाद पिंडर नदी उफान पर बह रही है. बादल फटने के बाद सभी मलबा बहकर पिंडर नदी में आ गया है. इससे इसका जलस्तर बढ़ गया है.
चमोली जिले के थराली में बादल फटने के बाद हालात बिगड़ गए हैं. जगह-जगह फाइबर लाइन टूटने से इंटरनेट और संचार सेवाएं बाधित हो गईं. इससे राहत व बचाव कार्यों में भी दिक्कतें आ रही हैं. विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने में जुटी हैं.
थराली विकासखंड में बादल फटने के बाद यहां पहुंचना इतना आसान भी नहीं है. जगह-जगह लैंडस्लाइड होने की वजह से रेस्क्यू टीम को पैदल ही सफर करना पड़ा है. लगभग 14 से 15 किलोमीटर पैदल उन इलाकों में पहुंचा जा सकता है जहां पर की बादल फटने से नुकसान हुआ है. चेपडो और केदारबगड़ तथा सागवाड़ा में सहित थराली बाजार में भारी नुकसान हुआ है. एनडीआरफ, एसडीआरएफ कि टीम पैदल ही मौके के लिए रवाना हुई है जो सुबह से मौके पर पहुंचने की कोशिश कर रही है.
एसपी सर्वेश पंवार ने बताया कि एक महिला और एक पुरुष लापता हैं, एक शव बरामद हुआ. भारी मलबे की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन धीमा पड़ गया है. प्रशासन व एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीम लगातार तलाश में जुटी है.
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अभिषेक गुप्ता ने बताया कि थराली आपदा में राहत हेतु स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर तैनात कर दी गयी है, जिसका विवरण निम्न प्रकार है.
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली में वर्तमान में
4 चिकित्सा अधिकारी
6 स्टाफ नर्स
1 फार्मासिस्ट
1 ड्राइवर मय एम्बुलेंस, जीवन रक्षक औषधी सहित अलर्ट पर है.
अतिरिक्त 2-108 एम्बुलैंस एवं
2 विशेषज्ञ चिकित्साधिकारी की टीम एसडीएच कर्णप्रयाग से तैनाती की गई है.
अतिरिक्त 1 चिकित्साधिकारी पीएचसी देवाल से तैनाती की गई है.
थराली में आई तबाही के बाद एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम्स मौके पर पहुंच गई है और लगातार सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं.
उत्तराखंड में इस मॉनसून सीजन के दौरान कई बड़े बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है. सबसे गंभीर घटना 5 अगस्त 2025 को उत्तरकाशी के धराली और हर्षिल क्षेत्रों में हुई. उत्तरकाशी में बादल फटने से आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने धराली और हर्षिल इलाके को तहस-नहस कर दिया. कई घर, होटल और इंफ्रास्ट्रक्चर पानी में बह गए. इस हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत हुई, जबकि दर्जनों लोग लापता हुए. सुखी और बगोरी समेत कई गांव प्रभावित हुए, जहां घरों और कृषि संपत्तियों को भारी नुकसान हुआ. वही रुद्रप्रयाग में जुलाई के आखिर में केदारघाटी क्षेत्र में बादल फटने से आई बाढ़ ने यहां भी कहर बरपाया. कई घर और गाड़ियां मलबे में दब गई और नदियां उफान पर आ गई.
चेपड़ों गांव में बादल फटने से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जहां एक बुजुर्ग व्यक्ति के लापता होने की खबर है. वही सगवाड़ा गांव में एक 20 वर्षीय युवती के मलबे में दबे होने की जानकारी है. मीडिया रिपोर्ट की माने तो अबतक कुल 3 लोग लापता है. दुकानों और घरों में मलबा घुस गया है, जिससे लाखों का नुकसान हुआ है. राड़ीबगड़ में उपजिलाधिकारी आवास, नगर पंचायत अध्यक्ष के आवास और कई अन्य घरों को भी भारी क्षति पहुंची है.
जिला प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए थराली तहसील के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को शनिवार (23 अगस्त 2025) के लिए बंद रखने का आदेश दिया है. जिलाधिकारी डॉक्टर संदीप तिवारी ने बताया कि पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार मौके पर मौजूद हैं.
गौचर से स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीम घटनास्थल पर है. बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) की टीम मिंग्गदेरा के पास सड़क खोलने की कोशिशों में जुटी है, ताकि यातायात और राहत कार्यों को जल्द सुचारू किया जा सके. प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं.
आज तीनों विकासखंडों थराली, देवाल और नारायणबगड़ के सभी स्कूलों में भारी बारिश को देखते हुए अवकाश घोषित कर दिया गया है.
सागवाड़ा गांव में एक व्यक्ति के मलबे में दबने की सूचना है. जबकि इसी गांव में 20 वर्षीय लड़की की मलबे में दबे होने की जानकारी मिल रही है. सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ की टीम गौचर से घटना स्थल के लिए रवाना हो गई है.
थराली के तहसील परिसर राड़ीबगड़ में एक बरसाती गदेरा अचानक उफान पर आ गया. एसडीएम आवास मलबे से दब गया. एसडीएम समेत अन्य ने रात में ही आवास छोड़ दिया और सुरक्षित जगह पर चले गए. राड़ीबगड़ में गाड़ियों के मलबे में दबने की सूचना है. वहीं कहा जा रहा है कि तीन लोग लापता है. हालांकि अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बादल फटने की घटना पर दुख जताया है. उन्होंने कहा कि जनपद चमोली के थराली क्षेत्र में देर रात बादल फटने की दुःखद सूचना प्राप्त हुई है. जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं. इस संबंध में निरंतर स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हूं और स्वयं स्थिति की गहन निगरानी कर रहा हूं. ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं
धराली में आई बाढ़ के बाद अब थराली में बादल फटने की इस घटना ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. आर्थिक नुकसान का आकलन अभी बाकी है, लेकिन प्राथमिक जानकारी के मुताबिक मकानों, दुकानों और गाड़ियों को भारी क्षति पहुंची है. फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है और प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.

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