Monsoon Tracker: क्या फिर धीमी पड़ गई मानसून की रफ्तार? बारिश के लिए कब तक करना पड़ेगा इंतजार, IMD ने दिया अपडेट – India.Com


Monsoon Tracker:
देश के ज्यादातर हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून पहुंच चुका है, लेकिन बारिश की रफ्तार अब भी उम्मीद से काफी धीमी है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 4 जून से 26 जून के बीच देश में सामान्य से करीब 45 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. हालांकि 26 जून तक मानसून की उत्तरी सीमा गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार और नेपाल सीमा तक पहुंच चुकी है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले 3 से 4 दिनों में मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है.

INSAT-3DR सैटेलाइट से मिली ताजा तस्वीरों में पूर्वोत्तर भारत, बंगाल की खाड़ी और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में घने बादल दिखाई दे रहे हैं. वहीं महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के बड़े हिस्सों में बादलों की कमी साफ नजर आई है. यही वजह है कि इन इलाकों में बारिश कम हो रही है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मजबूत बारिश वाले बादल अभी इन राज्यों तक नहीं पहुंच पाए हैं, इसलिए मानसून की रफ्तार धीमी बनी हुई है.

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार कई राज्यों में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है. गुजरात में अब तक करीब 84 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. मध्य प्रदेश में भी सामान्य से लगभग आधी बारिश हुई है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में भी बारिश सामान्य से कम रही है. कम बारिश का असर खेती और जल भंडारण पर भी पड़ सकता है. इसी वजह से किसान और आम लोग अब अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं.

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में अब तक कोई मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम नहीं बन पाया है. आमतौर पर ऐसे सिस्टम समुद्र से नमी लेकर देश के अंदर तक पहुंचते हैं और अच्छी बारिश कराते हैं. इस बार इनके कमजोर रहने से नमी का प्रवाह भी कम रहा. इसी वजह से कई राज्यों में मानसून आगे बढ़ने के बावजूद अच्छी बारिश नहीं हो सकी. फिलहाल मौसम विभाग लगातार नई मौसम गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है.
मौसम विभाग और मौसम मॉडल के अनुसार पूर्वी हिंद महासागर के ऊपर एक नया मौसम तंत्र बन रहा है. अगले 4 से 7 दिनों में इसके बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ने की संभावना है. इसके मजबूत होने पर समुद्र से ज्यादा नमी मिलेगी और लो-प्रेशर एरिया बनने के हालात बन सकते हैं. साथ ही पश्चिमी भारत के ऊपर भी एक नई मौसम प्रणाली बनने की संभावना है. अगर दोनों सिस्टम सक्रिय होते हैं तो जुलाई के पहले सप्ताह में महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है.

मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए बिहार, ओडिशा, सिक्किम, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. वहीं अगले एक सप्ताह के दौरान पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. बिहार में 30 जून तक और ओडिशा में 1 जुलाई तक तेज बारिश हो सकती है. ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है.
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ऋषभ कुमार पाण्डेय डिजिटल मीडिया और न्यूज इंडस्ट्री में एक साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं. वे मई 2024 से Zee Media समूह के साथ जुड़े हैं. यहां … और पढ़ें
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