Updated on:
Aaj ki Taaza Khabar Live News: स्टेट मिरर हिंदी के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है. यहां आपको दिनभर की ब्रेकिंग, बड़ी खबरें और हेडलाइन देखने को मिलेगी. शनिवार 27 सितंबर 2025 को देश, दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत में क्या-क्या खास रहा, जानने के लिए यहां पढ़ें LIVE UPDATE.
#WATCH | Mumbai: On the arrest of activist Sonam Wangchuk in Ladakh, Shiv Sena leader Shaina NC says, “Investigation will be carried out to find those who are behind the atmosphere of instability that was tried to be created in Ladakh. The foreign funding licence of Sonam… pic.twitter.com/RrhmwDNSMF
लद्दाख में हाल ही में हुई हिंसा और सक्रियता को लेकर सत्तारूढ़ एवं विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है. मामले में गिरफ्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेकर शिवसेना नेता शाइना एनसी ने अपना बयान जारी किया है. शाइना ने कहा कि लद्दाख में जो अस्थिरता और हिंसा की स्थिति पैदा करने की कोशिश हुई, उसके पीछे कौन हैं, इसकी गहन जांच की जाएगी. उन्होंने बताया कि सोनम वांगचुक के NGO का विदेशी फंडिंग लाइसेंस रद्द कर दिया गया है. शाइना ने कहा, “लद्दाख में जो भी हिंसा हुई, उसके पीछे के वित्तीय लेनदेन और फंडिंग स्रोतों की केंद्रीय सरकार द्वारा विस्तार से जांच की गई है. यह स्पष्ट करना ज़रूरी है कि इसमें विदेशी ताकतों की कोई भूमिका है या फिर हमारे देश के विपक्ष का हाथ है.”
#WATCH | Leh, Ladakh | People go on with their daily lives amid heavy security deployment as prohibitions under Sec 163 of BNSS, 2023 continue to be imposed in Leh following the violence here on Sept 24. Assembly of five or more persons is banned in the district. No procession,… pic.twitter.com/5RujPOR7qt
लद्दाख के लेह में 24 सितंबर को हुई हिंसा के बाद हालात सामान्य दिख रहे हैं, लेकिन सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम जारी हैं. BNSS, 2023 की धारा 163 के तहत जिले में धारा लागू है, जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के जुटने पर रोक है. किसी भी तरह की रैली, जुलूस या मार्च बिना प्रशासन की लिखित अनुमति के नहीं किए जा सकते. आम लोग अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में व्यस्त हैं, मगर सुरक्षा बलों की मौजूदगी हर जगह साफ दिख रही है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अमेरिका के लिए रवाना हो गए हैं. उनके दौरे के दौरान वह चार देशों के नेताओं और विश्वविद्यालय के छात्रों से मुलाकात करेंगे.
हरियाणा के सोनीपत जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप की तीव्रता 3.4 रिक्टर स्केल मापी गई. फिलहाल किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है.
#WATCH | लद्दाख: 24 सितंबर को हुई हिंसा के बाद लेह में BNSS, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। ज़िले में 5 या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध है। बिना पूर्व लिखित अनुमति के कोई भी जुलूस, रैली या मार्च नहीं निकाला जा सकता। यहां सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।वीडियो… pic.twitter.com/AIetakc7rh
लद्दाख के लेह ज़िले में 24 सितंबर को हुई हिंसा के बाद प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं. भारतीय न्याय संहिता सुरक्षा अधिनियम (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. इसके तहत ज़िले में पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ इकट्ठा होने पर रोक है. आदेश के अनुसार, बिना पूर्व लिखित अनुमति के किसी भी प्रकार का जुलूस, रैली या मार्च निकालना प्रतिबंधित रहेगा. हालात पर नज़र रखने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है.
“Narendra Modi was there in China alongside Xi Jinping and Vladimir Putin. But we haven’t lost Modi yet and we still maintain close ties to India,” says NATO Secretary General Mark Rutte pic.twitter.com/UI6gvpqBC8
भारत की कड़ी आपत्ति के बाद नाटो प्रमुख मार्क रुट ने अपनी पद्धति में बदलाव दिखाया है. इससे पहले रुट ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फोन कर रूसी तेल के आयात और यूक्रेन पर रणनीति के बारे में अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव का जिक्र किया था, जिस पर भारत ने कड़ा विरोध जताया था.
हाल ही में एक इंटरव्यू में मार्क रुट ने कहा कि वे भारत के साथ अच्छे और स्थिर संबंध बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया, “नरेंद्र मोदी चीन में शी जिनपिंग और रूस में व्लादिमीर पुतिन के साथ थे, लेकिन हमने अभी तक मोदी को नहीं खोया है और हम अभी भी भारत के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए हुए हैं.” इससे साफ है कि नाटो भारत के साथ रणनीतिक और कूटनीतिक रिश्तों को लेकर सतर्क है.
#WATCH | New York | Exercising the right of reply of India on Pakistan PM Shehbaz Sharif’s speech, Indian diplomat Petal Gahlot says, “Mr President, this assembly witnessed absurd theatrics in the morning from the Prime Minister of Pakistan, who once again glorified terrorism… pic.twitter.com/ALR2AnDoA9
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के भाषण के जवाब में भारत के राजनयिक पेटल गहलोत ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की यह “बेतुकी नौटंकी” और आतंकवाद का महिमामंडन उनकी विदेश नीति का केंद्रबिंदु है. किसी भी स्तर का नाटक और झूठ तथ्यों को नहीं छिपा सकता.
गहलोत ने याद दिलाया कि पाकिस्तान ने 25 अप्रैल 2025 को भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में पर्यटकों पर हुए बर्बर नरसंहार के लिए जिम्मेदारी से बचने के लिए पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवादी संगठन रेजिस्टेंस फ्रंट को संरक्षण दिया था. आतंकवाद फैलाने और निर्यात करने में पाकिस्तान की पुरानी परंपरा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि ओसामा बिन लादेन को दस साल तक पनाह देना और आतंकवादी शिविर चलाना इस देश की दोगलापन की स्पष्ट मिसाल है, जो अब प्रधानमंत्री स्तर पर भी जारी है.
बरेली में जुमे की नमाज के बाद बड़ा बवाल हुआ. उपद्रवियों ने सुरक्षा घेरे को तोड़ने के लिए बच्चों तक का इस्तेमाल किया. इस दौरान हुई झड़प में 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि पुलिस ने 50 से अधिक उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया.
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा को बताया जा रहा है. उन पर पहले से ही कई गंभीर मामले दर्ज हैं. पुलिस अब उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रही है. प्रशासन ने साफ किया है कि शहर की शांति बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएन) के मंच से भारत ने पाकिस्तान को एक बार फिर बेनकाब किया. भारत ने दो टूक कहा कि पाकिस्तान अपनी जमीन पर चल रहे आतंकी ठिकानों को तत्काल बंद करे और वहां पल रहे आतंकियों को भारत के हवाले करे. भारत ने साफ कर दिया कि उसकी नीति आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की है और इस पर कोई समझौता नहीं होगा.
भारतीय प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि पाकिस्तान लगातार झूठ और दुष्प्रचार फैलाकर अंतरराष्ट्रीय मंचों का दुरुपयोग करता है, लेकिन हकीकत यह है कि वही आतंकवाद का गढ़ बना हुआ है. भारत ने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान वाकई वैश्विक शांति चाहता है, तो उसे आतंकवाद को संरक्षण देना बंद करना होगा.
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत गिरफ्तार कर जोधपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया है. उन्हें हाईसिक्योरिटी वार्ड में रखा गया है, जहां 24 घंटे सुरक्षा और सीसीटीवी निगरानी रहेगी. इसी जेल में आसाराम बापू भी बंद हैं, हालांकि वे अलग वार्ड में हैं. यह कदम लद्दाख में राज्य का दर्जा और संवैधानिक संरक्षण की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद उठाया गया, जिसमें चार लोगों की मौत और 90 से अधिक घायल हुए थे.
एहतियातन प्रशासन ने लेह जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं. गिरफ्तारी अचानक हुई और वांगचुक को शुक्रवार दोपहर ढाई बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी थी, लेकिन वे नहीं पहुंचे. इसके बाद पता चला कि पुलिस महानिदेशक एसडी सिंह जामवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उन्हें उनके गांव उलियाकतोपो से हिरासत में ले लिया.
Powered by Blink CMS