हिंदी साहित्य के क्षेत्र में डॉ. रामेश्वर को महाकवि काशीनाथ पांडेय स्मृति सम्मान – Dainik Bhaskar

भास्कर न्यूज | बक्सर
हिंदी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले बक्सर के चर्चित साहित्यकार एवं बक्सर हिंदी साहित्य सम्मेलन के उपाध्यक्ष डॉ रामेश्वर नाथ मिश्र ‘विहान’ को प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना द्वारा आयोजित 44वें महा अधिवेशन में उन्हें हिंदी भाषा एवं साहित्य की उन्नति में दी गई मूल्यवान सेवाओं के लिए महाकवि काशीनाथ पांडेय स्मृति सम्मान प्रदान किया गया। इस सम्मान से बक्सर सहित पूरे साहित्यिक जगत में हर्ष और गौरव का माहौल है।
डॉ मिश्र वर्तमान में जिला उपभोक्ता फोरम, बक्सर में सदस्य सहकारी अध्यक्ष के पद पर भी कार्यरत हैं। साहित्य और प्रशासनिक दायित्वों के समानांतर उन्होंने हिंदी साहित्य को समृद्ध करने में निरंतर
सक्रिय भूमिका निभाई है। उनकी रचनाएं विभिन्न प्रतिष्ठित पुस्तकों तथा साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं, जिन्हें पाठकों और समीक्षकों से सराहना मिली है।
साहित्यिक कृतित्व की बात करें तो वर्ष 2023 में उनकी एक महत्वपूर्ण शोध पुस्तक प्रकाशित हो चुकी है। इसके अलावा ‘अक्षर पुरुष’, ‘जादुई अंकनव तथा अंकों का जीवन पर प्रभाव’ जैसी दो पुस्तकें प्रकाशन की प्रक्रिया में हैं। वहीं बक्सर की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक चेतना को समर्पित उनका महाकाव्य ‘मैं हूं बक्सर’ भी शीघ्र प्रकाशनाधीन है, जिसे लेकर साहित्य प्रेमियों में विशेष उत्सुकता है।
डॉ रामेश्वर नाथ मिश्र ‘बिहान’ की शैक्षणिक योग्यता भी अत्यंत प्रभावशाली है। उन्होंने एमएससी, एलएलबी, एमए, एएमपीइएच के साथ निबंध चिकित्सा इलेक्ट्रो होम्योपैथी की शिक्षा प्राप्त की है। उनकी जन्मभूमि बक्सर जिले का बगेन क्षेत्र है। इससे पूर्व भी वे साहित्य के क्षेत्र में विभिन्न संस्थानों द्वारा सम्मानित किए जा चुके हैं। यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत साहित्यिक सफर की उपलब्धि है, बल्कि बक्सर की साहित्यिक पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती प्रदान करता है।
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