Bihar Land Survey News: बिहार सरकार ने राज्यव्यापी भूमि सर्वेक्षण पूरा करने की समयसीमा एक साल के लिए बढ़ा दी है, ताकि इस प्रक्रिया के कारण लोगों को होने वाली असुविधाओं को कम किया जा सके. इसकी जानकारी एक शीर्ष अधिकारी ने दी.
Trending Photos
Bihar Land Survey: बिहार राजस्व और भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) दीपक कुमार सिंह ने 30 दिसंबर, 2024 दिन सोमवार को पटना में मीडिया से कहा कि विभाग ने राज्य भर में भूमि के सर्वेक्षण और बंदोबस्त को पूरा करने के लिए जुलाई 2025 की समय सीमा को एक और वर्ष के लिए बढ़ाने का फैसला किया है. अब यह काम जुलाई 2026 तक पूरा हो जाएगा. यह निर्णय यह सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है कि लोगों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े और काम में पारदर्शिता भी हो.
भूमि का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध कराना
एसीएस ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य वास्तविक लोगों को भूमि का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध कराना है, ताकि विवादों को हमेशा के लिए समाप्त किया जा सके. उन्होंने कहा कि सरकार को भूमिहीनों को भूमि देने तथा कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए भूमि की आवश्यकता है. एसीएस ने कहा कि राज्य के कुल 38 जिलों में से 20 जिलों (5,657 गांवों को कवर करते हुए) में भूमि सर्वेक्षण लगभग अपने अंतिम चरण में है.
यह भी पढ़ें:शर्मनाक! बिहार में ऐसा शासन चलाने का क्या मतलब है?-सुधाकर सिंह
18 जिलों में प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी
अपर मुख्य सचिव (ACS) दीपक कुमार सिंह ने कहा कि बाकी 18 जिलों (जिसमें 37,384 गांव शामिल होंगे) में प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी. उन्होंने कहा कि पहले राज्य में 60 प्रतिशत से अधिक अपराध मुख्य रूप से भूमि संबंधी विवादों के कारण होते थे, जो अब घटकर 46.69 प्रतिशत रह गया है. बिहार में अंतिम भूमि सर्वेक्षण 1911 में ब्रिटिश शासन के दौरान किया गया था.
इनपुट: भाषा
यह भी पढ़ें:‘मैं खुद स्मैक आदी हो चुका हूं, अब किसी…’, ड्रग एडिक्ट युवक ने सुनाई पूरी कहानी
बिहार की नवीनतम अपडेट्स के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें!यहाँ पढ़ें Bihar News in Hindi और पाएं Bihar latest News in Hindi हर पल की जानकारी.बिहार की हर ख़बर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार.जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!
Thank you
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts.