Gold-Silver Big Fall: अचानक 8800 रुपये सस्‍ती हुई चांदी, सोना भी बिखरा, अमेरिका है वजह – AajTak

सोने-चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट आई है. अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक की ओर से रेट को लेकर आए फैसले के कारण कीमती धातुओं की कीमत तेजी से गिरी है. गुरुवार को सोने और चांदी की कीमत 8800 रुपये तक टूट गई. इंटरनेशनल मार्केट, भारतीय कमोडिटी मार्केट से लेकर सर्राफा बाजार तक सोने-चांदी के भाव कम हुए हैं. 
मल्‍टी कमोडिटी मार्केट में चांदी की कीमत 8800 रुपये से ज्‍यादा टूट गई है, जिस कारण चांदी की कीमत 2.45 लाख रुपये के भी नीचे आ गई. चांदी का भाव अभी 3.51 फीसदी या 8840 रुपये टूटकर 242967 रुपये प्रति किलो पर है. इसी तरह, सोने की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है. MCX  सोने का भाव 3200 रुपये या 2.12% टूटकर 1,50,616 रुपये प्रति 10 ग्राम पर करोबार कर रहा था.  
24 कैरेट सोने का भाव भी टूटा 
बुलियन मार्केट में भी सोने-चांदी के भाव में गिरावट आई है. यहां 24 कैरेट सोने का भाव 800 रुपये से ज्‍यादा गिरकर 1.49 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ चुका है. 22 कैरेट सोने की कीमत 1.36 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम है. 18 कैरेट सोने की कीमत 1.12 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम है. वहीं चांदी की कीमत 4000 रुपये टूटकर 2.43 लाख रुपये प्रति किलो है. 
इंटरनेशनल मार्केट में सोने और चांदी की कीमत
अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई है. वहां सोने की कीमत 55 डॉलर या 1.28 फीसदी गिरकर 4,325.22 प्रति औंस पर आ चुका है. इसी तरह, चांदी की कीमत 2.53 फीसदी टूटकर 68.98    डॉलर प्रति औंस पर आ गया. 
क्‍यों आई सोने-चांदी के भाव में बड़ी गिरावट? 
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Fed) ने अपनी जून 2026 की बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया. फेडरल फंड्स रेट को 3.50% से 3.75% के दायरे में ही बरकरार रखा है. हालांकि, अधिकारियों ने संकेत दिया है कि महंगाई ऊंची बनी रहने के कारण इस साल के अंत तक दरों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. रेट स्थिर रखने और महंगाई की चिंता के कारण सोने चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली. 
फेड रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श ने चिंता जताते हुए कहा कि महंगाई चिंता का विषय बना हुआ है और अभी दरों में कटौती की उम्‍मीद नहीं करनी चाहिए. केविन वॉर्श का रुख महंगाई के खिलाफ सख्त माना जा रहा है, इसलिए बाजार अब इस संभावना पर भी विचार कर रहे हैं कि 2026 में आगे चलकर ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं. 
(नोट- किसी भी असेट में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
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