Lucknow News : उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में बढ़ते ठंड के मौसम में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के ठहरने के लिए रैन बसेरे की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। ऐसे में मौके का फायदा उठाकर रैन बसेरे की जिम्मेदारी संभाल रहे अस्पताल के कर्मचारी चंद पैसों के लिए बाहरी लोगों को रैन बसेरा में ठहराने के प्रयास में जुटे हैं।
ऐसी ही कुछ अव्यवस्था लखनऊ स्थित बलरामपुर अस्पताल में बने धन्वंतरि केंद्र में मौजूद रैन बसेरा में देखने को मिली, जहां रजिस्टर लेकर एंट्री कर रही अस्पताल की महिला कर्मचारी ने 1 या 2 नहीं, बल्कि 5 से 6 दिन के लिए बिना भर्ती मरीज के अस्पताल के रैन बसेरा में ठहरने की इजाजत दी।
महिला कर्मचारी ने News Track के रिपोर्टर से हुई बातचीत में बताया कि 4 से 5 दिन के लिए बिना मरीज के भी यहां बाहरी लोग ठहर सकते हैं। इसके एवज में महिला कर्मचारी ने चाय पानी भर के खर्च की मांग की। कर्मचारी ने बताया कि रैन बसेरा में मरीज के तीमारदारों के अलावा अन्य लोग भी रुके हुए हैं। जबकि, अस्पताल के भीतर बने सरकारी रैन बसेरा में सिर्फ मरीजों के साथ आये तीमारदारों को ठहरने की इजाजत होती है।
निडर होकर बाहरी लोगों को बेड देने की बात पर जब रिपोर्टर की ओर से अधिकारियों द्वारा होने वाली सघन जांच के बारे में पूछा तो कर्मचारी ने रिपोर्टर से अधिकारियों के सामने झूठ बोलने को कहा। कर्मचारी ने बताया कि वैसे कभी अधिकारी जांच के लिए आते नहीं हैं, लेकिन यदि कोई अधिकारी आता है तो झूठ बोल कर कह देना कि मेरा मरीज भर्ती है या OPD में दिखाने आए थे, देरी होने की वजह से रुक गए’।
राजधानी लखनऊ के कई सरकारी अस्पतालों में बने रैन बसेरा में मरीजों के तीमारदारों के लिए व्यावस्थाओं की कमी देखने को मिलती है। कहीं बेड तो कहीं अन्य व्यवस्थाओं की कमी, जिसके चलते मरीजों के तीमारदार या तो होटल या इस भीषण ठंड में अस्पताल के बाहर ही गुजारा करते हैं।
इस मामले पर जब अस्पताल के CMS डॉ. संजय कुमार से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि रोजाना सुबह शाम रैन बसेरा में राउंड होता है, लेकिन ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। उन्होंने बताया कि रैन बसेरा में तीमारदारों के अलावा किसी भी अन्य या बाहरी व्यक्ति को ठहरने की इजाजत नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच कराकर बाहरी लोगों को ठहराने वाली महिला कर्मचारी पर एक्शन लिया जाएगा। साथ ही भविष्य में ऐसा न हो, इसके लिए कड़े निर्देश दिए जाएंगे।
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वर्तमान में न्यूज ट्रैक के साथ सफर जारी है। बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की। मैने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत इंडिया एलाइव मैगजीन के साथ की। इसके बाद अमृत प्रभात, कैनविज टाइम्स, श्री टाइम्स अखबार में कई साल अपनी सेवाएं दी। इसके बाद न्यूज टाइम्स वेब पोर्टल, पाक्षिक मैगजीन के साथ सफर जारी रहा। विद्या भारती प्रचार विभाग के लिए मीडिया कोआर्डीनेटर के रूप में लगभग तीन साल सेवाएं दीं। पत्रकारिता में लगभग 12 साल का अनुभव है। राजनीति, क्राइम, हेल्थ और समाज से जुड़े मुद्दों पर खास दिलचस्पी है।