जनगणना 2027 के पहले चरण में मकानों का सूचीकरण और आवास की गिनती 2 मई 2026 से 31 मई 2026 तक होगी। इससे पहले 17 अप्रैल से 1 मई तक स्व-गणना होगी।
स्व-गणना में 33 सवालों के जवाब देने हैं। परिवार के मुखिया या परिवार के किसी सदस्य के मोबाइल से आप अपने और अपने परिवार की स्व-गणना कर सकते हैं। इसके बाद आपको SE (Self-Enumeration) ID मिलेगी।
फिर 2 मई से 31 मई 2026 के बीच जनगणना कर्मी घर-घर जाएंगे और स्व-गणना में दी गई जानकारी वेरीफाई करने के लिए SE ID लेंगे। इससे जनगणना कर्मी HL (House Listing) प्रक्रिया पूरी करेंगे।
स्व-गणना नहीं करने पर क्या होगा? स्व-गणना कैसे करना है? क्या जानकारी देनी है? 20 सवालों के जवाब में जानिए सभी जरूरी बातें।
सवाल 1: क्यों होती है जनगणना?
जवाब: जनगणना से पता चलता है कि देश की आबादी कितनी है। किस राज्य के किस जिले में कितने लोग रहते हैं। उनकी आर्थिक हालत कैसी है।
जनगणना से उपलब्ध डाटा के विश्लेषण से सरकार को नीति बनाने और विकास योजनाओं को लागू करने में मदद मिलती है।
देश में अंतिम जनगणना 2011 में हुई थी। वह 15वीं जनगणना थी। अब 16वीं जनगणना हो रही है। बिहार में जनगणना 265 शहरी और 534 ग्रामीण प्रशासनिक इकाइयों में की जाएगी।
सवाल 2: स्व-गणना क्यों करायी जा रही है, जब घर-घर जाकर जनगणना की जाएगी?
जवाब: स्व-गणना से जनगणना में लगने वाले समय की बचत होगी। लोग अपनी सुविधा के अनुसार घर बैठे स्व-गणना कर सकते हैं। दूसरा बड़ा मकसद डिजिटल प्रक्रिया को बढ़ावा देना है। पहली बार पूरी तरह से डिजिटली जनगणना की जा रही है।
सरकार को जल्दी और सही डाटा उपलब्ध होगी। स्व-गणना से जनगणना कर्मियों का वर्क लोड कम होगा।
सवाल 3: स्व-गणना कैसे करें?
जवाब: परिवार के मुखिया या परिवार के किसी अन्य सदस्य के मोबाइल नंबर से जनगणना की आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाएं। अपना रजिस्ट्रेशन करें। लॉगिन करके फॉर्म भरें और मांगी गई जानकारियां दें।
सवाल 4: स्व-गणना के लिए क्या-क्या जरूरी है?
जवाब: घर के मुखिया या घर के किसी सदस्य का मोबाइल नंबर और इंटरनेट कनेक्शन। आधार या पहचान से संबंधित जानकारी वाला दस्तावेज। अभी मकान के सूचीकरण का काम चल रहा है। इसलिए मकान से जुड़ी सही जानकारियां दें।
सवाल 5: स्व-गणना कितना अनिवार्य है? नहीं करने पर क्या होगा?
जवाब: स्व-गणना वैकल्पिक व्यवस्था है। कोशिश करें कि अपने परिवार की स्व-गणना कर लें। किसी कारण से नहीं कर पा रहे तो चिंता की कोई बात नहीं। जनगणना कर्मी आपके घर जाकर जानकारी ले लेंगे।
सवाल 6: स्व-गणना में कौन-कौन सी जानकारी देनी है?
जवाब: इसमें 33 जानकारी मांगी जा रही है। जैसे-आपके मकान का फर्श कैसा है? दीवार कैसी है? छत बनाने में क्या इस्तेमाल किया गया है?
सवाल 7: क्या स्व-गणना में दी गई जानकारी सेफ है?
जवाब: सरकार ने कहा है कि स्व-गणना के डेटा को पूरी तरह से सुरक्षित रखा जाएगा। यह गोपनीय रहेगा।
सवाल 8: स्व-गणना में गलत जानकारी दर्ज हो जाए तो क्या करें?
जवाब: स्व-गणना को सबमिट करने से पहले चेक कर लें कि कोई गलत जानकारी तो नहीं है। अगर है तो उसमें सुधार कर सकते हैं। इसके बाद पुष्टि करें और सबमिट करें’ पर क्लिक करना है। इससे आपके द्वारा दी गई जानकारी का फाइनल प्रेजेंटेशन होगा। इसके बाद आप दी गई जानकारी सुधार नहीं सकते।
जनगणना कर्मी आपके घर आएंगे तब गलत जानकारी सुधार देंगे, लेकिन मोबाइल नंबर और परिवार के मुखिया का नाम वह भी नहीं बदल सकते।
सवाल 9: स्व-गणना नहीं की तो क्या होगा? जवाब: अगर आप स्व-गणना नहीं कर पाते हैं तो चिंता की बात नहीं। आप जनगणना में छूट नहीं जाएंगे। ऐसे परिवारों की जानकारी जनगणना कर्मी उनके घर जाकर लेंगे।
इसके लिए शिक्षकों और अन्य कर्मियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। यह देश में पहली जनगणना है, जिसमें लोगों को खुद शामिल होने का अवसर दिया जा रहा है।
सवाल 10: जनगणना में परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर देना है। क्या परिवार के मुखिया का नाम बाद में बदल सकते हैं?
जवाब: परिवार के मुखिया का नाम बाद में बदला नहीं जा सकेगा। प्रत्येक परिवार के लिए केवल एक मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया जा सकता है। एक बार रजिस्टर्ड होने के बाद वही मोबाइल नंबर किसी अन्य परिवार के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
सवाल 11: चुने गए भाषा को बाद में बदला जा सकता है क्या?
जवाब: अपनी पसंदीदा भाषा का चयन करें और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मिला ओटीपी दर्ज करें। इसका ध्यान रखें कि मोबाइल में पर्याप्त नेटवर्क कनेक्टिविटी होगी तभी ओटीपी आ पाएगा। बाद में चुने गए भाषा को नहीं बदल सकते।
सवाल 12: ओटीपी नहीं आए तो क्या करें?
जवाबः तय करें कि दर्ज किया गया मोबाइल नंबर सही है। साथ ही, यह भी जांच लें कि मोबाइल नेटवर्क की स्ट्रेंथ अच्छी है या नहीं। यदि समस्या बनी रहती है तो कुछ मिनट इंतजार करें और फिर से प्रयास करें।
सवाल 13: मैप पर अपने घर की जगह कैसे चिह्नित करें?
जवाब: मैप पर लाल मार्कर खींचकर अपने घर के सटीक स्थान को वेरिफाई करें।
सवाल 14: स्व-गणना पहचान संख्या यानी SE ID कैसे जनरेट करें?
जवाब: सफलतापूर्वक जानकारी भरने के बाद 11 अंकों की एक खास स्व-गणना पहचान संख्या SE ID जनरेट होगी। यह H अक्षर से शुरू होती है। यह SMS और ई मेल (ई मेल आईडी देते हैं तो) पर भेजी जाएगी।
सवाल 15: जब जनगणना कर्मी आपको घर आएंगे तो क्या करें?
जवाब: जनगणना कर्मी घर आएंगे तो आप से SE ID मांगेंगे। यदि SE ID मौजूदा रिकॉर्ड से मेल खाती है तो आपकी जानकारी की पुष्टि कर उसे स्वीकार कर लिया जाएगा। यदि SE ID का मिलान नहीं होता है तो जनगणना कर्मी नई जानकारी लेकर उसे पोर्टल पर अपलोड करेंगे।
सवाल 16: SE ID भूल गए तो क्या करें?
जवाब: आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर SE पोर्टल के माध्यम से अपनी SE ID प्राप्त कर सकते हैं। आप अपने घर पर जनगणना कर्मी के आने पर उनकी सहायता भी ले सकते हैं।
सवाल 17: जनगणना में क्या पैसा लगेगा?
जवाब: नहीं, यह मुफ्त है। इसके लिए कोई पैसा नहीं देना है। कोई आपसे पैसे नहीं मांग सकता।
सवाल 18: क्या कोई अन्य वेबसाइट भी स्व-गणना के लिए है?
जवाब: स्व-गणना के लिए एक ही वेबसाइट या पोर्टल है se.census.gov.in. दूसरा कोई एप, वेबसाइट या पोर्टल नहीं है।
सवाल 19: कोई जनगणना के लिए ओटीपी मांगे तो क्या करें? जवाब: ओटीपी सिर्फ लॉगिन के लिए आपके मोबाइल पर आएगा। कोई दूसरा व्यक्ति ओटीपी मांगे तो नहीं दें। अगर आपने स्व-गणना के लिए ऑनलाइन फॉर्म भर दिया है तो जनगणना कर्मी आपके घर आकर आप से SE ID पूछेंगे।
अगर आपने स्व-गणना नहीं किया है तो वे 33 सवाल पूछ सकते हैं। वे आप से मोबाइल नंबर पूछेंगे, लेकिन ओटीपी नहीं मांगेंगे। सरकारी कर्मी आधार, पैन, ओटीपी, बैंक डिटेल नहीं मांगेंगे। जब जनगणना कर्मी आपके घर पर आएं तो उनका आईडी जरूर देखें।
सवाल 20: क्या स्व-गणना में कोई डॉक्यूमेंट अपलोड करना होगा?
जवाब: नहीं, स्व-गणना में कोई भी दस्तावेज अपलोड करने की जरूरत नहीं है। आपको अपनी जानकारी के अनुसार सटीक जानकारी देनी है।
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