भारत-चीन सीमा से सटी नीती घाटी में पहली बार मोबाइल 4G सेवा शुरू हो गई है। केंद्र सरकार की ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना के तहत भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने घाटी के अंतिम छोर तक हाई-स्पीड इंटरनेट और 4G मोबाइल सेवा पहुंचाई है।
27 अप्रैल से नीती, क्यूंगलूनग और बमल्स में स्थापित तीन मोबाइल टावर पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। इस पहल से दशकों से संचार सुविधाओं के अभाव में जी रहे ग्रामीणों के लिए एक नया अध्याय शुरू हुआ है।
पहले नेटवर्क न होने के कारण लोगों को अपनों से संपर्क करने या आपात स्थिति में सूचना देने के लिए लंबी और जोखिम भरी दूरी तय करनी पड़ती थी। 4G सेवा शुरू होने के बाद नीती घाटी अब डिजिटल रूप से देश-दुनिया से जुड़ गई है। स्थानीय लोगों ने इसे ‘दूसरा स्वतंत्रता दिवस’ बताया है।
यह सीमांत क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील है। बेहतर नेटवर्क सुविधा मिलने से सेना और ITBP के जवानों को मुख्यालय और अग्रिम चौकियों से रियल-टाइम संपर्क स्थापित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, जवान वीडियो कॉल के माध्यम से अपने परिवारों से जुड़ सकेंगे, जिससे उनका मनोबल बढ़ेगा।
‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में बुनियादी सुविधाएं विकसित कर पलायन रोकना है। नीती घाटी में 4G सेवा का विस्तार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में भी नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
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