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दृष्टि दुनिया का पहला अपनी तरह का उपग्रह है और अभी ये ताकत सिर्फ भारत के पास है। इस उपग्रह से जमीन पर डेढ़ मीटर के दायरे में दुश्मन की छोटी से छोटी हर …और पढ़ें
भारत के लिए गेम चेंजर साबित होगा मिशन दृष्टि उपग्रह (फोटो- एक्स)
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। भारत की सुरक्षा के लिहाज से बेंगलुरु आधारित भारतीय स्टार्टअप गैलेक्सआई का ऑप्टोसर उपग्रह मिशन दृष्टि एक ‘गेम चेंजर’ माना जा रहा है।
पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसी देशों के साथ तनाव के बीच, यह उपग्रह सेना को रात के अंधेरे और खराब मौसम में भी सीमा पार की सटीक जानकारी देगा।
यह दुनिया का पहला अपनी तरह का उपग्रह है और अभी ये ताकत सिर्फ भारत के पास है। इस उपग्रह से जमीन पर डेढ़ मीटर के दायरे में दुश्मन की छोटी से छोटी हरकत की सटीक जानकारी रियल टाइम में मिल सकेगी।
बता दें कि पिछले साल पहलगाम हमले की प्रतिक्रिया स्वरूप शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान में स्थित तमाम आतंकी अड्डों को तहस नहस कर डाला था।
हालांकि, इस दौरान पाकिस्तान में नुकसान की सटीक तस्वीरें सामने नहीं आ सकी थीं और जो देर से मिलीं भी, वे अमेरिकी अंतरिक्ष कंपनी वेंटोर, जिसे पहले मैक्सर कहा जाता था, के जरिये ही मिल सकी थीं।
हालांकि, अमेरिका ने भारत-पाक सैन्य संघर्ष से जुड़ी तस्वीरें साझा करने से कंपनी को रोक दिया था। लेकिन भारतीय स्टार्टअप गैलेक्सआई के ऐतिहासिक ऑप्टोसार उपग्रह के होते अब ऐसा नहीं हो सकेगा क्योंकि भारत को ऐसी ताकत मिल चुकी है, जिसके चलते सेना बादलों और अंधेरे को चीरते हुए हालात की साफ तस्वीर पा सकेगी।
एएनआई के अनुसार, गैलेक्सआई की स्थापना 2021 में आइआइटी मद्रास के छात्रों ने की थी। इसके संस्थापक और सीईओ सुयश सिंह ने बताया कि अंतरिक्ष कार्यक्रम से जुड़ा ये देश का पहला स्टार्टअप है, जिसने अपनी स्थापना के पांच साल के भीतर दुनिया का पहला अनोखा उपग्रह लांच करने में सफलता हासिल की।
उनका कहना है कि भारत जैसे उष्णकटिबंधीय देशों में अक्सर घने बादल छाए रहते हैं, जिससे सामान्य कैमरे काम नहीं कर पाते।
मिशन दृष्टि उपग्रह का रडार सिस्टम बादलों और अंधेरे के बावजूद जमीन की साफ तस्वीरें ले सकता है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान और चीन जैसे देशों की सीमा की निगरानी और सटीक बम क्षति आकलन के लिए अब विदेशी वाणिज्यिक उपग्रहों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं रहेगी।