हेमचंद यादव यूनिवर्सिटी में LLB फर्स्ट-सेमेस्टर का रिजल्ट अटका: 80%छात्रों ने इंग्लिश पेपर में सवालों के जव… – Dainik Bhaskar

दुर्ग स्थित हेमचंद यादव यूनिवर्सिटी के एलएलबी फर्स्ट सेमेस्टर के छात्रों का रिजल्ट अब तक जारी नहीं हो पाया है। इस देरी की मुख्य वजह लीगल इंग्लिश के पेपर को लेकर सामने आई समस्या है। करीब 80 प्रतिशत छात्रों ने यह पेपर हिंदी में लिख दिया, जबकि नियमों के
यूनिवर्सिटी के सामने सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि अगर मौजूदा कॉपियों के आधार पर रिजल्ट जारी किया जाता है, तो बड़ी संख्या में छात्रों के फेल होने की संभावना है। दूसरी ओर अगर छात्रों को राहत देने की कोशिश की जाती है, तो नियमों पर सवाल खड़े होते हैं। इसी कारण फिलहाल रिजल्ट रोक दिया गया है और इस पर निर्णय लेने में देरी हो रही है।
अंग्रेजी में ही लिखना था पेपर
दुर्ग संभाग में हेमचंद यादव यूनिवर्सिटी से एलएलबी कराने वाले करीब 5-6 कॉलेज हैं। इनमें दुर्ग, राजनांदगांव और बालोद के कॉलेज शामिल हैं। इन कॉलेजों के छात्रों ने फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा में लीगल इंग्लिश का पेपर हिंदी में ही लिख दिया।
जबकि छात्रों को पहले से ही स्पष्ट रूप से बताया जाता है कि यह पेपर अंग्रेजी में ही लिखना अनिवार्य है। इसके बावजूद, छात्रों ने इस परीक्षा में गलती करते हुए अपने उत्तर हिंदी में ही लिख दिए।
कार्यपरिषद की बैठक में हो सकता है फैसला
यूनिवर्सिटी प्रबंधन का कहना है कि छात्रों से परीक्षा में बड़ी गलती हो गई है, जिससे कॉपियों की जांच (मूल्यांकन) पर असर पड़ा है। अब इस मामले में क्या फैसला लिया जाए, इसे लेकर स्थिति साफ नहीं है।
इस समस्या को सुलझाने के लिए 8 मई को स्थायी समिति की बैठक बुलाई गई है। इसके बाद 9 मई को कार्यपरिषद की बैठक में अंतिम फैसला लिया जाएगा। इसी बैठक में तय होगा कि रिजल्ट जारी किया जाए या फिर दोबारा परीक्षा कराई जाए।
रिजल्ट में देरी होने से छात्रों में नाराजगी
इधर रिजल्ट में हो रही देरी से छात्रों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। छात्रों का कहना है कि उन्हें अभी तक पता नहीं है कि उनकी गलती क्या है। एक तरफ पहले सेमेस्टर का रिजल्ट नहीं आया है और दूसरी तरफ दूसरे सेमेस्टर की पढ़ाई शुरू हो गई है। इससे छात्र तनाव में हैं और ठीक से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं।
NSUI ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन से जल्द रिजल्ट जारी करने की मांग की
एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव आदित्य नारंग ने कहा कि अगर समय पर रिजल्ट आ जाता, तो छात्र अपनी आगे की पढ़ाई की योजना सही तरीके से बना पाते। यदि किसी विषय में एटीकेटी आती है, तो छात्रों को उसी के साथ अगले सेमेस्टर की तैयारी भी करनी पड़ती है, लेकिन अभी स्थिति स्पष्ट नहीं होने से वे असमंजस में हैं।
तीसरे और पांचवें सेमेस्टर के रिजल्ट जारी
छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी ने 7 अप्रैल को एलएलबी के तीसरे और पांचवें सेमेस्टर के रिजल्ट जारी कर दिए हैं, लेकिन पहले सेमेस्टर के छात्र अभी भी इंतजार कर रहे हैं। वहीं, विश्वविद्यालय ने मई-जून 2026 सत्र के लिए दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा तिथि, फॉर्म और परीक्षा केंद्रों की जानकारी भी जारी कर दी है।
यानी एक तरफ रिजल्ट लंबित है और दूसरी ओर नई परीक्षा की तैयारी शुरू हो गई है। इस पूरे मामले को लेकर छात्र संगठनों ने भी आवाज उठाई है। हाल ही में यूनिवर्सिटी कैंपस में विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसमें छात्रों ने रिजल्ट में देरी और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।
छात्रों का कहना है कि एलएलबी जैसे प्रोफेशनल कोर्स में समय पर रिजल्ट आना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि इससे आगे की पढ़ाई और करियर की योजना तय होती है।
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