ओवरटेक कर कार रोकी, 10 राउंड फायरिंग, बॉडी में 5 गोलियां… शुभेंदु के PA की हत्या में क्या खुलासे हुए? – AajTak

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पश्चिम बंगाल में मध्यमग्राम का दोहरिया इलाका. देर रात का वक्त था. शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ अपनी कार से गुजर रहे थे. ड्राइवर कार चला था और वो बगल वाली सीट पर बैठे थे. जानकारी के मुताबिक, एक कार काफी देर चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो का पीछा कर रही थी. इतने में पीछे वाली कार आगे आती है और उसकी गति धीमी हो जाती है. ऐसे में चंद्रनाथ की कार की भी स्पीड स्लो हो जाती है और साइड से बाइक सवार बदमाश आते हैं, चंद्रनाथ के सीने में तड़ातड़ गोलियां उतार दी जाती हैं और माहौल पूरी तरह से हिंसात्मक हो जाता है. कुल दस राउंड गोलियां चलाई जाती हैं. पांच गोली सीने से निकाली गई है.
पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजे आने और बीजेपी की जीत के बाद लगातार हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की खबरें आ रही हैं. लेकिन बुधवार रात को हिंसा की यह आग तब और ज्यादा धधक उठी, जब उत्तरी 24 परगना ज़िले के मध्यमग्राम में बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई.
चंद्रनाथ कई सालों से शुभेंदु के साथ काम कर रहे थे. उन पर दोहरिया इलाके में एक सड़क पर हमला किया गया. कई गोलियां लगने के बाद तुरंत एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस हत्या से बंगाल की सियासत में हड़कंप मच गया है और इलाके में तनाव बढ़ गया है.
कैसे हुआ हमला? 
अब तक मिली जानकारी से पता चलता है कि यह सोची-समझी हत्या थी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चंद्रनाथ की कार का पीछा दो गाड़ियां कर रही थीं, एक चार-पहिया और एक मोटरसाइकिल. कथित तौर पर पीछा करने वाली कार ने चंद्रनाथ की गाड़ी को ओवरटेक किया, जिससे कार को धीमा करना पड़ा. कुछ ही पलों बाद, बाइक पर सवार हमलावरों ने बहुत करीब से गोलीबारी शुरू कर दी. इस दौरान करीब चार राउंड गोलियां चलाई गईं, जिनमें से तीन गोलियां चंद्रनाथ के सीने, पेट और सिर में लगीं.
चश्मदीदों ने पुलिस को बताया कि हमले में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल पर कोई रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं थी, जिससे यह शक पैदा होता है कि यह हमला पहले से ही सोच-समझकर किया गया था. एक सूत्र ने घटनाक्रम बताते हुए कहा, “किसी ने उनकी कार का पीछा किया और जब कार धीमी हुई, तो उन्होंने गोली चला दी.”
गोलीबारी में गाड़ी का ड्राइवर भी घायल हो गया, जिसका कोलकाता के SSKM अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है. उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है.
सूत्रों ने बताया कि घटनास्थल से बरामद गोलियों के खोखे इस बात का संकेत देते हैं कि हमले में किसी छोटे हथियार, संभवतः ऑस्ट्रिया में बनी Glock पिस्टल का इस्तेमाल किया गया होगा. हालांकि, जांचकर्ताओं ने आगाह किया है कि सटीक हथियार की पुष्टि केवल फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो पाएगी. सूत्रों ने कहा, “फॉरेंसिक जांच से पता चलेगा कि हमले में किस तरह के हथियार का इस्तेमाल किया गया था.”
घटनास्थल से मिले दृश्यों में कार की खिड़की पर गोलियों के निशान दिखाई दिए, जो हमले की भयावहता को दर्शाते हैं. जांचकर्ताओं ने घटनास्थल से खाली कारतूस और जिंदा गोलियां बरामद की हैं.
पश्चिम बंगाल के DGP सिद्धार्थ नाथ गुप्ता ने कहा है कि इस मामले से जुड़ी एक गाड़ी को रोक लिया गया है. उन्होंने कहा, “कार की नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ की गई थी. हमने गाड़ी को जब्त कर लिया है, उसमें से चले हुए कारतूस और जिंदा गोलियां बरामद की हैं. कई CCTV फुटेज की जांच की जा रही है.”
संदिग्धों की आवाजाही का पता लगाने के लिए पुलिस की टीमें जेसोर रोड और आस-पास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाल रही हैं. चल रही जांच के तहत स्थानीय चश्मदीदों से भी पूछताछ की जा रही है.
यह भी पढ़ें: कार सीज, CCTV फुटेज जब्त… शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या में अब तक क्या-क्या हुआ?
कौन थे चंद्रनाथ रथ?
चंद्रनाथ रथ को अधिकारी का भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था और वे कई सालों से उनके साथ करीब से जुड़े हुए थे. वे राजनीतिक कामों में सक्रिय रूप से शामिल थे, जिसमें हाई-प्रोफ़ाइल भवानीपुर चुनाव भी शामिल है. बीजेपी की सीनियर लीडर कीया घोष ने दावा किया कि चंद्रनाथ को उनकी सियासी भूमिका की वजह से निशाना बनाया गया. उन्होंने कहा, “चंद्रनाथ ने सुवेंदु अधिकारी के लिए बहुत मेहनत से काम किया. यह कोई अचानक हुई घटना नहीं है. इस हत्या के पीछे राजनीतिक रंजिश हो सकती है.”
बीजेपी ने TMC पर लगाया आरोप
चंद्रनाथ के हत्या की घटना तेज़ी से एक राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई है. बीजेपी नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की संलिप्तता का आरोप लगाया. बीजेपी विधायक तरुणज्योति तिवारी ने कहा, “हम तो शांति का संदेश दे रहे हैं, लेकिन टीएमसी ने सबसे बड़ी गलती कर दी है.”
हालांकि, TMC ने इस हत्या की कड़ी निंदा की है और आरोपों से इनकार किया. एक बयान में, पार्टी ने हाल की उन घटनाओं का ज़िक्र किया, जिनमें उसके अपने कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया था और कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की.
तृणमूल कांग्रेस ने कहा, “लोकतंत्र में हिंसा और राजनीतिक हत्याओं की कोई जगह नहीं है. दोषियों की पहचान होनी चाहिए और उन्हें सज़ा मिलनी चाहिए.”
We strongly condemn the brutal murder of Chandranath Rath in Madhyamgram tonight, along with the killing of three other TMC workers in incidents of post-poll violence allegedly carried out by BJP-backed miscreants over the last three days, despite the Model Code of Conduct being…
बशीरहाट में भी गोलीबारी
बशीरहाट में एक अलग घटना में रोहित रॉय उर्फ ​​चिंटू नाम का एक युवक एक झड़प में घायल हो गया. बताया जा रहा है कि यह झड़प पार्टी का झंडा फहराने को लेकर हुए विवाद से जुड़ी थी. गोलीबारी की इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया. इस घटना ने राज्य के कुछ हिस्सों में पहले से ही तनावपूर्ण माहौल को और बढ़ा दिया है.
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