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बॉलीवुड संगीत की दुनिया में कुछ आवाजें ऐसी होती हैं जो वक्त के साथ पुरानी नहीं होतीं, बल्कि उनकी चमक और बढ़ जाती है. सपना अवस्थी एक ऐसा ही नाम हैं, जिनकी आवाज की खनक ने 90 के दशक और 2000 की शुरुआत में हर शादी, पार्टी और महफिल में जान फूंक दी थी. (Photo: Instagram @sapnaawasthi1701)
‘छैया छैया’ की वो जबरदस्त एनर्जी हो या ‘परदेसी परदेसी’ का वो दर्द, सपना ने हर गाने को अमर बना दिया. लखनऊ की गलियों से निकलकर मायानगरी के सबसे बड़े मंचों तक पहुंचने वाली सपना अवस्थी की कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं है. (Photo: Instagram @sapnaawasthi1701)
सपना अवस्थी का संगीत से रिश्ता बचपन से ही जुड़ गया था. लखनऊ विश्वविद्यालय में संस्कृत के लेक्चरर की बेटी होने के नाते, उन्हें घर में ही एक अकादमिक और सांस्कृतिक माहौल मिला. उन्होंने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की बारीकियां प्रेम सिंह जी से सीखीं और बाद में भातखंडे संगीत महाविद्यालय से अपनी शिक्षा पूरी की.(Photo: Instagram @sapnaawasthi1701)
महज 15 साल की उम्र में, जब बच्चे अपने करियर के बारे में सोच रहे होते हैं, तब सपना ने रेडियो के लिए गाना शुरू कर दिया था. इसके बाद उन्होंने स्टेज पर अपनी जादुई परफॉर्मेंस से लोगों को मंत्रमुग्ध किया, जहां संगीतकार समीर सेन की नजर उन पर पड़ी और उन्होंने ही सपना को बॉलीवुड का पहला ब्रेक दिया.(Photo: Instagram @sapnaawasthi1701)
यूं तो सपना अवस्थी ने गुलजार साहब के एक टेलीविजन शो के लिए गाकर अपनी यात्रा शुरू की थी, लेकिन फिल्मी दुनिया में उनकी एंट्री धमाकेदार रही. फिल्म ‘दुश्मनी’ का गाना ‘बन्नो तेरी अंखियां सूरमे’ उनका पहला रिकॉर्डेड गाना था, लेकिन पहचान उन्हें ‘एक्का राजा रानी’ के गाने ‘मेरे सांवरे सावरिया’ से मिली. (Photo: Instagram @sapnaawasthi1701)
इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. एआर रहमान, नदीम-श्रवण, आनंद-मिलिंद और अनु मलिक जैसे दिग्गजों के लिए उन्होंने एक से बढ़कर एक हिट गाने दिए. ‘यूपी बिहार लूटने’ और ‘अंगूरी बदन’ जैसे गानों ने साबित कर दिया कि उनकी आवाज में जो पावर और जोश है, उसका कोई मुकाबला नहीं.(Photo: Instagram @sapnaawasthi1701)
फिल्म ‘दिल से’ (1998) का गाना ‘छैया छैया’ भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक मील का पत्थर माना जाता है. आज दो दशक से भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी जब ट्रेन की छत पर शाहरुख खान और मलाइका अरोड़ा नाचते दिखते हैं, तो पीछे गूंजती सपना अवस्थी की आवाज आज भी उतनी ही नई और ऊर्जावान लगती है.(Photo: Instagram @sapnaawasthi1701)
शास्त्रीय संगीत की समझ और लोक गीतों के प्रति उनके लगाव ने ही उन्हें असमिया, तेलुगु, राजस्थानी और नेपाली जैसी विभिन्न भाषाओं में गाने का मौका दिया. संगीतकार हमेशा से उनके अंदर की उस ‘मिट्टी की आवाज’ के कायल रहे हैं.(Photo: Instagram @sapnaawasthi1701)
सपना अवस्थी ने ‘छैया छैया’ (दिल से.. – 1998), ‘परदेसी परदेसी’ (राजा हिंदुस्तानी – 1996), ‘यूपी बिहार लूटने’ (शूल – 1999), ‘बन्नो तेरी अंखियां सूरमे’ (दुश्मनी – 1995), ‘अंगूरी बदन’ (जानवर – 1999), सब कुछ भुला दिया (हम तुम्हारे हैं सनम – फीमेल वर्जन) जैसे फेमस गाने गाए हैं. (Photo: Instagram @sapnaawasthi1701)
फैंस के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि इतनी शानदार आवाज आखिर बॉलीवुड से अचानक गायब क्यों हो गई? दरअसल, जैसे-जैसे म्यूजिक इंडस्ट्री में दौर बदला और नए गायकों के साथ-साथ डिजिटल म्यूजिक का बोलबाला बढ़ा, सपना की आवाज इस शोर में कहीं पीछे छूट गई. (Photo: Instagram @sapnaawasthi1701)
हालांकि, उनकी आवाज की खनक आज भी बेजोड़ है. पर्सनल जीवन की बात करें तो सपना ने कार्तिक अवस्थी से शादी की है, जो ‘द अवध थिएटर ग्रुप’ के मालिक हैं. जानकारी के मुताबिक सपना अब इसी ग्रुप के लिए संगीत तैयार करती हैं, गाती हैं और कभी-कभी एक्टिंग का शौक भी पूरा कर लेती हैं. वह आज भी संगीत की सेवा कर रही हैं, बस उसका स्वरूप बदल गया है. (Photo: Instagram @sapnaawasthi1701)
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