भारत की सांस्कृतिक विरासत की वापसी, 600 से अधिक प्राचीन मूर्तियां और चोलकालीन ताम्रपत्र स्वदेश लौटे – Jagran

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केंद्र सरकार के प्रयासों से 600 से अधिक प्राचीन मूर्तियां और कलाकृतियां विदेश से भारत वापस लाई गई हैं, जिनमें हाल ही में नीदरलैंड से लाए गए चोलकालीन त …और पढ़ें
नीदरलैंड से आए चोलकालीन ताम्रपत्र (फोटो-@narendramodi)
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डिजिटल डेस्क, नी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के प्रयास से विदेश से 600 से अधिक प्राचीन मूर्तियों को भारत वापस लाया गया है। इन मूर्तियों को तस्करी करके विदेश ले जाया गया था। एएनआइ के अनुसार, इनमें से 200 से अधिक मूर्तियां और कलाकृतियां हाल के वर्षों में भारत वापस लाई गई हैं।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने रविवार को मोदी सरकार के प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड से चोलकालीन ताम्रपत्र अभिलेख (सेप्पु पट्टयम) को स्वदेश वापस लाया है। इनमें 21 बड़ी और तीन छोटी ताम्रपत्र शामिल हैं। ताम्रपत्रों में चोल राजवंश की उपलब्धियों का वर्णन है।
मुरुगन ने प्रधानमंत्री मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के एपिसोड को सुनने के बाद कहा कि इस ऐतिहासिक धरोहर की वापसी भारत की सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित और संरक्षित करने के केंद्र सरकार के प्रयासों को दर्शाती है।
उन्होंने कहा, हाल में पांच देशों की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड से चोल काल के ताम्रपत्र अभिलेख वापस लेकर आए। इन ताम्रपत्रों को जल्द ही तमिलनाडु में उनके उचित स्थान पर पहुंचाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। मुरुगन ने चोल वंश की विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए मोदी के प्रयासों की भी सराहना की। (समाचार एजेंसी के इनपुट के साथ)

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