क्या दूसरे धर्म में शादी से पारसी महिला के धार्मिक अधिकार खत्म हो सकते हैं? नौ – ABP News

सुप्रीम कोर्ट ने दूसरे धर्म में शादी के बाद पारसी महिलाओं के अधिकारों को लेकर दाखिल याचिका पर कहा है कि वह नौ जजों की संविधान पीठ के फैसले का इंतेजार करेगा. पारसी महिला ने हिंदू लड़के से शादी की है, जिसके बाद उसको उसकी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाजत नहीं दी गई.
पारसी महिला दीना बुधराजा ने अपना धर्म बदले बिना एक हिंदू पुरुष से शादी की थी. उन्होंने याचिका में यह निर्देश देने का अनुरोध किया है कि उन्हें उनके प्रियजनों के निधन पर नागपुर के अगियारी में होने वाली प्रार्थनाओं में भाग लेने की अनुमति दी जाए. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली बेंच ने इस पर कहा कि वह नौ जजों की बेंच के फैसले का इंतेजार करेगी.
नौ जजों की बेंच ने हाल ही में केरल के सबरीमाला अयप्पा मंदिर सहित विभिन्न धर्मों की महिलाओं के खिलाफ भेदभाव से संबंधित एक बड़े प्रश्न पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और याचिकाकर्ता को परिणाम की प्रतीक्षा करने के लिए कहा.
बेंच ने 23 मार्च को धार्मिक व्यक्तिगत कानूनों के भीतर लैंगिक आधार पर भेदभाव से संबंधित एक महत्वपूर्ण संवैधानिक चुनौती की जांच करने का फैसला किया था, जिसमें यह सवाल उठाया गया था कि क्या एक पारसी महिला को अंतर-धार्मिक विवाह के बाद उसकी धार्मिक पहचान से वंचित किया जा सकता है.
यह भी पढ़ें:- शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य बनाने वाला आदेश सुप्रीम कोर्ट ने नहीं बदला, सिर्फ एक साल की दी मोहलत
दीना बुधराजा को 2024 में उनकी दादी के अंतिम संस्कार के लिए एक अगियारी (पारसी धर्म का अग्नि मंदिर) में प्रवेश करने से मना कर दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने बुधराजा की याचिका पर केंद्र सरकार, नागपुर पारसी पंचायत, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय, महाराष्ट्र सरकार और धर्मार्थ आयुक्त को नोटिस जारी किया.
वकील रोहित अनिल राठी के माध्यम से दायर याचिका में नागपुर पारसी पंचायत के संविधान के नियम 5(2) को निरस्त करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है, क्योंकि यह भारत के संविधान का उल्लंघन करता है और महिलाओं के साथ भेदभाव करता है.
याचिका में नागपुर पारसी पंचायत से यह घोषणा करने की भी मांग की गई कि उसे पारसी पुरुषों और पारसी महिलाओं के साथ समान व्यवहार करना चाहिए और एक पारसी महिला किसी अन्य धर्म के पुरुष से शादी करने के बाद भी पारसी बनी रहती है.
यह भी पढ़ें:- आरबीआई रिपोर्ट: वित्त वर्ष 2026 में बैंक धोखाधड़ी के 10 हजार से ज्यादा मामले, 48 हजार करोड़ रुपये की ठगी
Source: IOCL
We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News