संसद के मानसून सत्र का पांचवां दिन (शुक्रवार, 24 जुलाई) को कई मायनों में खास हो सकता है. केंद्र सरकार पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे बवाल के बीच एक खास बिल पेश कर सकती है. हालांकि इसको लेकर अभी तक विस्तृत जानकारी नहीं मिली है. सूत्रों की मानें तो कांग्रेस बिल पर अध्ययन के बाद चर्चा में शामिल हो सकती है. मानसून सत्र के शुरुआती चार दिन हंगामे के भेंट चढ़ गए थे.
नीट पेपर लीक को लेकर सीजेपी के प्रदर्शन और संसद में विपक्ष के हंगामे पर तमाम राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. सत्ता पक्ष से जुड़े सांसद का कहना है कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और प्रधानमंत्री मोदी ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है, वहीं विपक्षी सांसदों ने सरकार पर हमला बोला है और कहा है कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद ही चर्चा की जाएगी.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को एक्स पर एक पोस्ट शेयर की. उन्होंने इसके जरिए कहा, ‘जब संसद चल रही होती है तो प्रधानमंत्री को संसद के पटल पर बयान देना होता है, देर रात एक वीडियो बनाकर, संसद के बाहर एकतरफ़ा “मन की बात” नहीं करनी होती !! पीएम मोदी, आज संसद में आने से पहले, धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त कर के आइएगा.’ दरअसल पीएम मोदी ने गुरुवार देर रात पेपर लीक मामले को लेकर एक वीडियो जारी किया था. खरगे ने इसी पर तंज कसा.
वहीं गुरुवार को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नीट पेपर लीक मुद्दा हमारे छात्रों का है, जो देश का भविष्य हैं. अभी तक पेपर लीक करने वालों को गिरफ्तार किया जा चुका है. प्रधानमंत्री फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए दोषियों पर कार्रवाई करेंगे. हमारे बच्चों के मामले में जल्द से जल्द एक्शन होना चाहिए, इसके लिए सरकार काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि पेपर लीक के बाद तुरंत दोबारा परीक्षा हुई और नतीजे सामने आए. अब बच्चे आगे की पढ़ाई की तैयारी कर रहे हैं. इसके बाद अगर इस मुद्दे पर चर्चा की जरूरत है तो संसद में चर्चा करो और इसके लिए सभी तैयार हैं. पहले ये लोग बोले कि संसद में चर्चा करना है और फिर हम लोक कल्याण मार्ग से हटेंगे. उनकी बात मान ली गई तो वे शर्तों पर शर्तें जोड़ने लगे.
वंदे मातरम बिल पेश होने के बाद भी राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा नहीं थमा. अब राज्यसभा की कार्यवाही को सोमवार (27 जुलाई) सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.
राज्यसभा में भारी हंगामे के बीच वंदे मातरम बिल पेश कर दिया गया. गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने प्रिवेंशन ऑफ इनसल्ट टू नेशनल होनर अमेंडमेंट बिल पेश किया.
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