हिंदी मां, उर्दू मौसी; दोनों भाषाएं संस्कृति की पहचान – Dainik Bhaskar

भास्कर न्यूज | गिरिडीह
गिरिडीह के भंडारीडीह में रविवार शाम एक शाम अदब नवाजों के नाम कवि सम्मेलन व मुशायरा हुआ। जिले के विख्यात कवि व शायर शमीम अख्तर, मास्टर शमीम, अख्तर कलामुद्दीन, गौहर तसव्वर, प्रदीप कुमार सिन्हा, नवीन सिन्हा समेत अन्य कवि व शायरों ने शायरी पेश की। कवि व शायरों की रचनाएं देर रात तक चलीं। प्रेम, सौंदर्य, व्यंग्य की रचनाएं सुनाईं। लोगों का मनोरंजन किया। कार्यक्रम में झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू मुख्य रूप से मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी मां है और उर्दू मौसी है। दोनों भाषाएं हमारी साझा संस्कृति, गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि वे अधिवक्ता समाज के हक-अधिकारों के लिए हमेशा खड़े रहेंगे। इसके बाद स्टेट बार काउंसिल चुनाव में विजयी अधिवक्ताओं को फूल-माला, बुके देकर सम्मानित किया गया। संचालन अधिवक्ता साजिद मेहमुद ने किया।
मौके पर रांची हाई कोर्ट के अधिवक्ता एके रशीदी, बोकारो के मृत्युंजय कुमार, गिरिडीह के परमेश्वर मंडल, मीरा कुमारी, जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव चुन्नुकांत, मेयर प्रमीला मेहरा, अमित कुमार सिन्हा, विशाल आनंद, सुनीता शर्मा, सुभोनिल सामंता, शिवेंद्र सिन्हा, अहमद हुसैन अंसारी, बाल गोविंद साहु, दशरथ प्रसाद, आसिफ इकबाल, सतार इमाम, कला सहाय, मो. शाहरुख, मो. तनवीर समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद थे।
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