विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रसिद्ध पर्यावरणविद् पीपल बाबा (स्वामी प्रेम परिवर्तन) की बहुप्रतीक्षित पुस्तक ‘पीपल की छांव में’ का लोकार्पण किया गया। यह कार्यक्रम हरियाणा के छतरपुर स्थित बाबा नीम करोली आश्रम में अरावली की पहाड़ियों के बीच आयोजित हुआ। पेंगुइन स्वदेश द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी, स्वयंसेवक और पुस्तक प्रेमी शामिल हुए। इस दौरान लगभग 1 हजार पौधे लगाए गए और मौके पर ही 1700 से अधिक लोगों ने पुस्तक खरीदी।
पीपल बाबा देशभर में ढाई करोड़ से अधिक पौधे लगाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी आत्मकथा ‘पीपल की छांव में’ उनके करीब 50 सालों के पर्यावरण संरक्षण अभियान, संघर्षों और अनुभवों पर आधारित है। पुस्तक में उनके बचपन, नानी से मिले प्रकृति प्रेम के संस्कार, देश के 220 से अधिक जिलों की यात्राओं और वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने की कहानी दर्ज है। लेखक ने इसमें प्रकृति, आस्था और मानवीय संवेदनाओं के गहरे संबंधों को भी दर्शाया है।
कार्यक्रम में पीपल बाबा ने पेंगुइन फॉरेस्ट स्थापित करने की घोषणा करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार के सहयोग से ऐसा वन विकसित किया जाएगा। जहां किताबों और प्रकृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि एक पौधा लगाना केवल हरियाली बढ़ाना नहीं, बल्कि एक नई दुनिया का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में समाज अपनी जड़ों और प्रकृति से दूर होता जा रहा है, ऐसे में पर्यावरण संरक्षण के लिए बच्चों को मिट्टी और पेड़-पौधों से जोड़ना बेहद जरूरी है।
देशभर में पीपल बाबा के नाम से प्रसिद्ध स्वामी प्रेम परिवर्तन का जन्म 1966 में चंडीगढ़ में एक सेना अधिकारी के परिवार में हुआ था। उनका मूल नाम आज़ाद जैन था। पुणे विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में एमए करने के बाद उन्होंने योग और ध्यान के क्षेत्र में कार्य किया तथा बाद में आध्यात्मिक जीवन अपनाकर स्वामी प्रेम परिवर्तन के नाम से पहचान बनाई। पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को जीवन का मिशन बनाने वाले स्वामी प्रेम परिवर्तन ने देशभर में करोड़ों पौधे लगाकर विशेष पहचान बनाई, जिसके चलते उन्हें ‘पीपल बाबा’ के नाम से जाना जाने लगा। पिछले पांच दशकों में उन्होंने 22 राज्यों के 226 जिलों में 2.70 लाख हेक्टेयर में ढाई करोड़ पेड़ लगाए हैं।
पवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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