अभिषेक बनर्जी के लिए वकील नहीं बना मैं, फिर चाहे कोई भी हो; कल्याण बनर्जी के बेटे ने सुनाया – Hindustan Hindi News

TMC नेताओं के बाद अब वकील भी सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। अब वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी के बेटे शीर्षाण्य का कहना है कि हमारा भी आत्मसम्मान है और अगर अभिषेक इज्जत नहीं दे सकते हैं, तो वकील उनका काम नहीं करेंगे। खास बात है कि इससे एक दिन पहले ही सीनियर एडवोकेट ने भी ममता बनर्जी के भतीजे के बर्ताव को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी।

वकील शीर्षाण्य बनर्जी ने कहा, ‘2 जून से मामले को देख रहे थे ताकि अभिषेक को कुछ राहत मिले। कल रात 12:50 को बताया गया कि कोई और वकील रहेंगे मैटर में जो कल्याण बनर्जी से जूनियर हैं। यह बात हमने कल्याण बनर्जी को बता दिया है। हमारे पेशे का अपना कुछ शिष्टाचार है। जो सीनियर होते हैं वही मैटर की अगुवाई करते हैं। तो अभिषेक ने फैसला किया है कि कोई और वकील रहेगा। तो वकील के तौर पर हमने भी फैसला किया है कि उनके मैटर में नहीं रहेंगे।’

उन्होंने वॉर्निंग दी है कि अगर सम्मान नहीं किया गया, तो वह काम नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, ‘हम लोग प्रोफेशनल हैं और पेशेवर व्यक्ति का सम्मान अधिकार होता है। अगर वह सम्मान नहीं दे पाएंगे, तो पेशेवर भी उनके साथ नहीं रहेंगे। आज अगर उन्हें लगे कि जो लोग के ऊपर वह भरोसा रख रहे हैं, वो उनके साथ रहेंगे तो वह गलत सोच रहे हैं। उन्हें गलतफहमी है।’

वकील ने साफ किया है कि वह ममता बनर्जी के लिए काम करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, ‘दीदी ने जिस मामले में हम पर भरोसा जताया है, उसपर हम हमारा 100 फीसदी दे रहे हैं। अभिषेक को अगर पसंद नहीं है तो वह दूसरे वकीलों के साथ काम करेंगे। हम लोग भी उनका मैटर नहीं करेंगे। उनके लिए तो कुछ बंद नहीं हो जा रहा है।’

ममता बनर्जी के साथ बने रहने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘दीदी के साथ थे, दीदी के साथ हैं। अभिषेक टीएमसी नहीं है। टीएमसी का बूथ लेवल का कर्मी है, जो लोग भाजपा के पास मार खा रहे हैं, जो घर से बेघर हो गए हैं, जिनके लिए पोस्ट पोल का मैंने पीआईएल किया है। वो भी तो टीएमसी हैं। दीदी भी तो टीएमसी का लीडर है। अभिषेक सिर्फ टीएमसी नहीं है..।’

शीर्षाण्य ने कहा, ‘उनके राष्ट्रीय महासचिव बनने से पहले मैं वकील हूं। मैं उनके लिए वकील नहीं बना हूं। वकील के तौर पर मेरा भी कुछ आत्मसम्मान है। अगर उस आत्मसम्मान को कोई ठेस पहुंचाएगा तो मेरा भी अधिकार है उनका मैटर नहीं करने का। वह जो भी हों, मुझे फर्क नहीं पड़ता। मेरा जो काला कोट है, काला गाऊन है। वो पहचान है।’

गुरुवार को कल्याण बनर्जी ने पार्टी प्रमुख को अल्टीमेटम दिया कि वह अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी और उनके जैसे अनुभवी नेताओं में से किसी एक को चुनें। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पर ‘अहंकार’ और ‘अस्थिर मानसिकता’ का आरोप लगाया। कल्याण ने यह भी घोषणा की कि वह अभिषेक से संबंधित सभी कानूनी मामलों और अदालती याचिकाओं से खुद को अलग कर लेंगे।

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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