फरीदabad,केशव भारद्वाज। बदमाशों पर निगरानी करने और वारदात से पहले की उन्हें दबोचने के लिए पुलिस ने क्राइम इंटेलिजेंस मॉडल के तहत जघन्य वारदातों में शामिल 3,499 बदमाशों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया है। यह डेटा पिछले 10 वर्ष में सक्रिय रहे बदमाशों का तैयार किया गया है। इनमें से 617 अपराधियों का सत्यापन भी किया जा चुका है। पुलिस का दावा है कि इस निगरानी व्यवस्था से पुलिस को अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी। पुलिस द्वारा तैयार किए गए इस डिजिटल डेटाबेस में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट, झपटमारी, रंगदारी और शस्त्र अधिनियम जैसे गंभीर मामलों में शामिल बदमाशों का पूरा आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। इसमें उनके घर, संपर्कों और गतिविधियों से जुड़ी जानकारी भी शामिल की जा रही है। बदमाशों का डेटा तैयार होने के बाद पुलिस ने बदमाशों के घर जाकर उनका ब्यौरा जुटाना शुरू कर दिया है। अब तक पुलिस टीमें 617 बदमाशों का ब्यौरा तैयार कर चुकी हैं। इनमें 408 बदमाश अपने घरों पर मिले। जबकि 68 विभिन्न मामलों में अलग-अलग जेलों में बंद हैं। 17 बदमाशों की मौत हो चुकी है। वहीं 617 बदमाशों में से 124 बदमाशों का अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है। अपराध शाखा की टीमें बदमाशों की तलाश में जुटी हुई हैं। पुलिस ने बदमाशों की निगरानी कर पिछले एक महीने में संगीन अपराधों में शामिल तीन बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। जबकि 12 अन्य आरोपियों को भी दबोचा है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि तकनीक आधारित यह निगरानी व्यवस्था अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने मददगार साबित होगी。
डीजीपी अजय सिंघल के आदेश पर क्राइम इंटेलिजेंस मॉडल परियोजना फरीदाबाद के अलावा प्रदेश के रोहतक, झज्जर और सोनीपत जिले में लागू की गई है। इन चार जिलों में जघन्य वारदातों में शामिल कुल 10,892 का डिजिटल डाटाबेस तैयार किया गया है। इस डेटा के जरिए न केवल बदमाशों की पहचान होगी बल्कि, कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी। पुलिस का कहना है कि अपराधियों की हर गतिविधि पर नजर रखने वाली यह व्यवस्था भविष्य में अपराध नियंत्रण का एक प्रभावी हथियार साबित होगी
इस डेटाबेस में शामिल बदमाशों पर निगरानी रखने की प्रक्रिया से जिले के अंदर पुलिस की सक्रियता बढ़ेगी। पुलिस बदमाशों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस की टीमें एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में घूमेंगी तो इसका असर बाकी बदमाशों पर भी पड़ेगा। पुलिस की सक्रियता से पुलिस का मुखबिर तंत्र भी मजबूत होगा। फील्ड में मौजूदगी रहने से पुलिस को नई-नई सूचना मिलेगी। जिससे बदमाशी पर अंकुश लगाना आसान हो सकेगा। ———–
थाना स्तर पर पुलिस टीमों को बदमाशों की सूची उपलब्ध कराई गई है। टीमें उनके घरों और संभावित ठिकानों पर पहुंचकर सत्यापन कर रही हैं । बदमाशों की वर्तमान में चल रहीं गतिविधियों का ब्यौरा जुटाया जा रहा है।
– राजेश कुमार मोहन, डीसीपी क्राइम
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