प्रयागराज। गौसपुर कटहुला की 60 बीघा जमीन को शत्रु संपत्ति घोषित किया जाएगा। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने इस बारे में एसडीएम सदर अभिषेक कुमार सिंह की रिपोर्ट को केंद्रीय गृह मंत्रालय को प्रेषित कर दिया है। मंत्रालय से अनुमोदन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। आपके अपने अखबार ‘ हिंदुस्तान’ ने गुरुवार को इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। गौसपुर कटहुला निवासी अली अहमद 1960 के दशक में प्रयागराज से पाकिस्तान चले गए थे। उनका पूरा परिवार भी चला गया। इस जमीन को शत्रु संपत्ति अधिनियम 1967 के तहत शत्रु संपत्ति में दर्ज होना चाहिए था। उस वक्त इसकी सूचना छिपा ली।
बाद में क्षेत्रीय माफिया ने अली अहमद की बेटी अफरोजा बेगम के नाम दस्तावेज तैयार कराकर जमीन की वरासत उनके नाम दर्ज करा ली। पिछले दिनों जब शत्रु संपत्ति के मामले अधिक चर्चा में आए तो सभी तहसीलों में जांच शुरू हुई। मालूम चला कि सदर तहसील में 34 गाटों में अली अहमद की लगभग 60 बीघा जमीन को अब तक शत्रु संपत्ति में दर्ज नहीं कराया गया। जमीन की कीमत लगभग 90 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इस बड़े भूखंड को कब्जा कर बेचने की तैयारी चल रही थी। अब तहसील की रिपोर्ट पर इसे शत्रु संपत्ति के रूप में दर्ज कराया जाएगा। नियमानुसार शत्रु संपत्ति की देखरेख की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय भारत सरकार की होती है। इस मंत्रालय के अधीन एक विभाग ही शत्रु संपत्ति की घोषणा करता है। जिलाधिकारी की ओर से पत्र व्यवहार कर दिया गया है। जल्द ही 60 बीघा की 90 करोड़ की लागत वाली इस जमीन को शत्रु संपत्ति घोषित किया जाएगा।
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