पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय (पीपीयू) में विषयवार शिक्षकों की कमी है। विवि में स्वीकृत पदों के मुकाबले 48% शिक्षकों पर ही पठन-पाठन का कार्य संचालित हो रहा है। कुल स्वीकृत शिक्षक पदों की संख्या 1595 है। इनमें से 776 पदों पर ही नियमित शिक्षक कार्यरत हैं। इस हिसाब से 51.35 प्रतिशत यानी 819 पद खाली पड़े हैं। आंकड़ा बताते हैं कि विश्वविद्यालय आधी से भी कम शिक्षक क्षमता पर काम कर रहा है। विवि के कुलसचिव प्रो. अबू बकर रिजवी ने बताया कि शिक्षकों की इस भारी कमी के बावजूद विश्वविद्यालय का शैक्षणिक संचालन मुख्य रूप से विजिटिंग और गेस्ट फैकल्टी से चल रहा है। कहा कि विद्यार्थियों के पठन-पाठन का कार्य बाधित न हो और पढ़ाई की गुणवत्ता बनी रहे इसके लिए विजिटिंग और गेस्ट फैकल्टी भी कक्षाएं ले रहे हैं। 111 गेस्ट फैकल्टी का कार्यकाल 11 महीनों के लिए नवीनीकृत किया गया है। छात्र संघों ने भी इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा है कि कई विषयों में तो नियमित शिक्षक ही नहीं हैं, जिसके कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उन्हें सही मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है।
मुख्य विषयों में भी शिक्षकों की कमी है। भौतिकी, रसायन शास्त्र, गणित जैसे विषयों में नियमित शिक्षकों की कमी है।
लोकभवन ने सभी विवि से रिक्तियों की जानकारी मांगी थी। विवि की ओर ये यह कयास लगाए जा रहे हैं कि शिक्षकों कमी की इस स्थिति से निपटने के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे।
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