नई दिल्ली, एजेंसी। भारत और अमेरिका ने मंगलवार को उच्चस्तरीय व्यापार वार्ता की, जिसका उद्देश्य अमेरिकी शुल्क नीति में बदलावों के बाद प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को नया स्वरूप देना और उसके ढांचे में बदलाव करना है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यहां अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने व्यापार समझौते के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की।
दोनों पक्ष 24 जुलाई से पहले अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का प्रयास कर रहे हैं। अमेरिका की तरफ से सभी व्यापारिक साझेदार देशों पर लगाया गया अस्थायी 10 प्रतिशत आयात शुल्क 24 जुलाई को ही समाप्त होना है।
ग्रीर की दो-दिवसीय भारत यात्रा के कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 17 जून को फ्रांस में जी7 शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात की थी।
वाणिज्य भवन में हुई इस वार्ता के दौरान वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और भारत के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन भी मौजूद रहे। इसके पहले दोनों देशों के व्यापार वार्ताकारों ने भी महीने की शुरुआत में दिल्ली में चर्चा की थी।
अमेरिकी दूतावास ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार साझेदारी दोनों देशों के लिए लाभकारी है और इससे जहां अमेरिका में विनिर्माण रोजगार सृजित होंगे, वहीं भारत की आर्थिक वृद्धि को भी समर्थन मिलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी ग्रीर के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस बैठक में द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने तथा नए अवसरों पर चर्चा की गई।
आरएसएस विज्ञापन र॓टहमार॓ साथ कामकरेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT Auto HealthshotsHT SmartcastFAB Play