पुणे के चर्चित लोहागढ़ किला हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की हत्या के आरोप में गिरफ्तार सिया गोयल और चेतन बाबूलाल चौधरी की पुलिस हिरासत अदालत ने 5 दिन और बढ़ा दी है। दोनों को रविवार (29 जून) को दूसरी बार वडगांव मावल कोर्ट में पेश किया गया, जहां पुलिस ने जांच पूरी करने के लिए और समय मांगा।
पुलिस ने अदालत को बताया कि जांच अभी अधूरी है और कई अहम सबूत जुटाने बाकी हैं। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों आरोपियों को साथ लेकर घटनास्थल पर क्राइम सीन दोबारा रीक्रिएट करना है, ताकि हत्या की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
पुलिस ने यह भी दावा किया कि सिया गोयल ने केतन का पासपोर्ट फाड़कर जला दिया था। अब उसके अवशेष बरामद करने की कोशिश की जा रही है।
इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हत्या के बाद चेतन चौधरी ने कपड़े क्यों बदले और वह कहां-कहां गया। दोनों आरोपियों के बीच घटना के बाद हुई फोन कॉल्स और बातचीत की भी जांच की जा रही है।
कोर्ट में पेशी से एक दिन पहले यानी 28 जून को पुलिस सिया और चेतन को लोहागढ़ किले पर लेकर पहुंची। यहां डमी (पुतले) की मदद से पूरे घटनाक्रम को दोहराया गया, ताकि यह समझा जा सके कि हत्या कैसे की गई।
इस दौरान किसी तरह की बाधा न आए, इसलिए पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर कुछ समय के लिए लोहागढ़ किले में पर्यटकों की एंट्री भी बंद कर दी थी।
26 साल के केतन अग्रवाल पुणे जिले के गहुंजे का रहने वाला था। वह अपने परिवार के रियल एस्टेट कारोबार ‘सक्सेस ग्रुप’ में डायरेक्टर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) था।
18 जून को उसका शव लोहागढ़ किले के पास करीब 400 फीट गहरी खाई में मिला था।
शुरुआत में उसकी मंगेतर सिया गोयल ने पुलिस को बताया था कि घूमने के दौरान तेज हवा चली और केतन का पैर फिसल गया, जिससे वह खाई में गिर गया। इसी आधार पर पहले एक्सीडेंटल डेथ का मामला दर्ज किया गया था।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को शक हुआ कि यह हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी, जिसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई।
पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल का अफेयर 22 वर्षीय चेतन चौधरी से था। चेतन को सिया और केतन की सगाई पसंद नहीं थी और वह केतन को अपने रिश्ते के बीच सबसे बड़ी रुकावट मानता था।
आरोप है कि दोनों ने मिलकर केतन की हत्या की साजिश रची। सिया, केतन को घूमने के बहाने लोहागढ़ किले पर ले गई, जबकि चेतन अलग से वहां पहुंचा। इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर पीछे से धक्का देकर केतन को 400 फीट गहरी खाई में गिरा दिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि 14 जून को भी सिया ने केतन को उसी किले पर ले जाकर खाई में धक्का देने की कोशिश की थी।
हालांकि उस समय केतन ने एक झाड़ी पकड़कर अपनी जान बचा ली थी। जब उसने सिया से पूछा कि उसने ऐसा क्यों किया, तो उसने बहाना बनाया कि उसे सांप दिखा था और वह उसे बचाने की कोशिश कर रही थी।
अब पुलिस इस पूरे मामले की हर कड़ी जोड़ने में जुटी है और आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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