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हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने नागरिकों से अपील की है कि वो वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें. उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही ऐसी खबरों को अफवाह और बेबुनियाद बताया है.
श्रीनिवास ने एक बयान में कहा कि भारत निर्वाचन आयोग इस बात पर पूरा ध्यान दे रहा है कि हर पात्र नागरिक का नाम वोटर लिस्ट में शामिल हो. इसके साथ ही आयोग अपात्र लोगों के नाम लिस्ट में जुड़ने से रोकने के लिए भी पूरी सावधानी बरत रहा है.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राज्य में इस समय SIR-2026 अभियान चल रहा है. इसके तहत बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) 15 जून से 14 जुलाई के बीच सभी मौजूदा मतदाताओं को इन्यूमरेट फॉर्म बांट रहे हैं।
ए. श्रीनिवास ने बताया कि जो मौजूदा मतदाता तय समय के भीतर अपना साइन किया हुआ फॉर्म जमा कर देंगे, उनका नाम बिना किसी नए दस्तावेज के शुरुआती वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया जाएगा.
किन परिस्थितियों में कट सकता है नाम?
SIR से नाम काटे जाने को लेकर श्रीनिवास ने बताया कि किसी मतदाता का नाम सिर्फ कुछ खास और तय परिस्थितियों में ही हटाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी कदम सिर्फ स्थानीय जांच और तय नियमों के मुताबिक ही उठाया जाएगा.
नाम कटने से पहले मिलेगी पूरी जानकारी
अगर किसी मतदाता का फॉर्म वापस नहीं मिलता है, तो बीएलओ उसकी मौत, पलायन या गैर-मौजूदगी जैसे कारणों की एक लिस्ट तैयार करेंगे. इस लिस्ट पर राजनीतिक दलों के बूथ-स्तरीय एजेंटों के साथ चर्चा की जाएगी. इसके बाद इसे संबंधित कार्यालयों के नोटिस बोर्ड और विभाग की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाएगा.
21 अगस्त से 20 सितंबर तक दर्ज करा सकेंगे आपत्ति
पात्र मतदाता 14 जुलाई तक बीएलओ के पास, अपने परिवार के किसी वयस्क सदस्य के जरिए या ऑनलाइन अपना साइन किया हुआ फॉर्म जमा कर सकते हैं. इस फेज में किसी भी और दस्तावेज की जरूरत नहीं है. इसके बाद भी पात्र नागरिकों को 21 अगस्त से 20 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का मौका मिलेगा. नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 और किसी भी सुधार के लिए फॉर्म-8 भरने का ऑप्शन है.
श्रीनिवास ने आंकड़ों की जानकारी देते हुए कहा, ‘1 जुलाई को दोपहर 2 बजे तक पूरे हरियाणा में 95.09 प्रतिशत इन्यूमरेट फॉर्म बांटे जा चुके हैं. इनमें से 32.66 प्रतिशत फॉर्मों को डिजिटाइज (कंप्यूटर पर दर्ज) भी किया जा चुका है.’
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मुख्य चुनाव अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वो सही तरीके से वेरिफिकेशन के बाद SIR को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और समय से पूरा करें.
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